10 जून 1986 का दिन भारतीय क्रिकेट के लिए बेहद खास माना जाता है। इस दिन टीम इंडिया को क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स के मैदान पर पहली जीत मिली थी। टीम इंडिया को 11वीं कोशिश में यह जीत हासिल हुई थी। आखिरी दिन टीम इंडिया को जीत के लिए 134 रन बनाने थे, लेकिन 78 रन के स्कोर पर 4 विकेट गंवाकर टीम संघर्ष कर रही थी।
एक वक्त टीम का स्कोर 5 विकेट के नुकसान पर 110 रन हो गया था, लेकिन टीम के कप्तान कपिल देव ने 10 गेंद पर विस्फोटक 23 रन की पारी खेल भारत को लॉर्ड्स के मैदान पर पहली जीत दिला दी। उन्होंने फिल एडमंड की गेंद पर छक्का मारकर जीत दिलाई। उन्हें मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार मिला, लेकिन इस मैच के असली विनर थे दिलीप वेंगसरकर, जिन्होंने पहली पारी में 126 रन बनाए थे।
इंग्लैंड ने पहली पारी में बनाए 294
इंग्लैंड ने इस मैच की पहली पारी में ग्राहम गूच की 114 रन की पारी के दम पर 294 रन बनाए। गूच के अलावा डेरेक प्रिंगल ने 63 रन की पारी खेली। जवाब में टीम इंडिया ने वेंगसरकर के 126 रन की शतकीय पारी के दम पर 341 रन बनाए और 47 रन की बढ़त हासिल कर ली।
सस्ते में निपटी इंग्लैंड की दूसरी पारी
भारतीय गेंदबाजों के सामने इंग्लैंड की दूसरी पारी भी सस्ते में निपट गई और केवल 180 रन ही बना पाई। चौथी पारी में भारत को जीत के लिए 134 रन की दरकार थी जो उसने 5 विकेट खोकर हासिल कर लिया। दूसरी पारी में भी सर्वाधिक 33 रन की पारी दिलीप वेंगसरकर ने ही खेली थी।
