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ICC Champions Trophy: रवि शास्त्री ने बताया, जसप्रीत बुमराह की गैरमौजूदगी का टीम इंडिया पर पड़ेगा क्या और कितना असर

टीम इंडिया के पूर्व हेड कोच रवि शास्त्री ने बताया है कि जसप्रीत बुमराह की गैरमौजूदगी का टीम इंडिया के आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में प्रदर्शन पर क्या असर पड़ेगा।

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जसप्रीत बुमराह

Photo : AP

दुबई: पूर्व कप्तान रवि शास्त्री का मानना है कि जसप्रीत बुमराह की संभावित अनुपस्थिति चैंपियंस ट्रॉफी में भारतीय टीम को काफी कमजोर कर सकती है लेकिन उन्होंने इस मुख्य तेज गेंदबाज की राष्ट्रीय टीम में वापसी में जल्दबाजी नहीं करने की सलाह दी। बुमराह की जनवरी में सिडनी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांचवें टेस्ट में पीठ की मांसपेशियों में खिंचाव आ गया था और उन्होंने दूसरी पारी में गेंदबाजी नहीं की थी। उन्होंने तब से भारत के लिए गेंदबाजी नहीं की है, हालांकि उन्हें प्रतिष्ठित वनडे टूर्नामेंट चैंपियंस ट्रॉफी के लिए शुरूआती टीम में शामिल किया गया है।

पूरी तरह फिट नहीं हैं बुमराह

बुमराह इस समय राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) में रिहैबिलिटेशन की प्रक्रिया से गुजर रहे हैं और बृहस्पतिवार से इंग्लैंड के खिलाफ शुरू होने वाली तीन मैचों की श्रृंखला के लिए वनडे टीम में नहीं हैं। खेल विज्ञान विशेषज्ञों से भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) को उनकी फिटनेस पर अपडेट देने की उम्मीद है जिसके बाद चैंपियंस ट्रॉफी पर फैसला लिया जाएगा जो पाकिस्तान और संयुक्त अरब अमीरात में आयोजित की जाएगी। इसका पहला मैच 19 फरवरी को कराची में होना है जबकि भारत अपने सभी मैच दुबई में खेलेगा।

भारत की जीत के 30 से 35 प्रतिशत संभावना हो जाएगी कम

शास्त्री ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ‘रिव्यू’ में कहा,'बुमराह के फिट नहीं होने से भारत की (चैंपियंस ट्रॉफी जीतने की) संभावना 30 प्रतिशत, नहीं 30 से 35 प्रतिशत कम हो जाएगी। पूरी तरह से फिट बुमराह के खेलने से आपके पास ‘डेथ ओवरों’ में अच्छी गेंदबाजी की गारंटी होती है।'

आईसीसी के सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर चुने गए हैं बुमराह

पिछले साल शानदार प्रदर्शन करने वाले बुमराह को आईसीसी के साल के सर्वश्रेष्ठ पुरुष क्रिकेटर के लिए सर गारफील्ड सोबर्स ट्रॉफी के साथ आईसीसी के साल के सर्वश्रेष्ठ पुरुष टेस्ट क्रिकेटर चुना गया। उन्होंने भारत को 2024 टी20 विश्व कप जीतने में अहम भूमिका निभाई थी। ऑस्ट्रेलिया में पांच मैचों की बॉर्डर-गावस्कर टेस्ट श्रृंखला में दोनों टीम में सबसे ज्यादा 32 विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे थे।

नहीं उठाना चाहिए जल्दबाजी में वापसी कराने का जोखिम

शास्त्री ने इस दिग्गज को जल्दबाजी में वापसी कराने के खिलाफ चेतावनी दी। उन्होंने कहा,'मुझे लगता है कि उनका जल्दबाजी में वापसी कराना बहुत जोखिम भरा है। भारत को आगे काफी क्रिकेट खेलना है। और अपने करियर के इस पड़ाव पर मुझे लगता है कि वह बहुत ही ज्यादा अहम हैं और उन्हें अचानक एक मैच के लिए नहीं बुलाया जाना चाहिए। उम्मीदें बहुत ज्यादा लगी होंगी। उन्हें लगेगा कि वह आते ही धूम मचा देगा। जब आप चोट से वापसी करते हैं तो यह कभी भी इतना आसान नहीं होता।'

शमी पर लग सकता है सबका ध्यान

ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर रिकी पोंटिंग ने कहा कि बुमराह की अनुपस्थिति से ध्यान शमी पर लग सकता है जिन्होंने चोट और रिहैबिलिटेशन के बाद 14 महीने के बाद भारतीय टीम में वापसी की है। उन्हें यह भी लगता है कि ऑस्ट्रेलिया में बुमराह की पीठ की मांसपेशियों में खिंचाव इसलिये भी हुआ हो सकता है क्योंकि दूसरे छोर पर उन्हें शमी का समर्थन नहीं मिला।

शमी का फिट होना है टीम इंडिया के लिए अच्छी खबर

पॉन्टिंग ने 'आईसीसी रिव्यू' में कहा,'टेस्ट श्रृंखला में मेरी सबसे बड़ी चिंता यह थी कि बुमराह के पास बैकअप के तौर पर शमी नहीं थे और उन्हें गेंदबाजी की ज्यादातर जिम्मेदारी उठानी पड़ी। और शायद यही हुआ और शायद इसका भी कुछ लेना-देना हो कि वह (बुमराह) चोटिल हुए। शमी के नहीं होने की वजह से उन्हें शायद उस श्रृंखला में थोड़ी ज्यादा गेंदबाजी करनी पड़ी। इसलिए अगर शमी फिट है तो यह सकारात्मक बात है।'

Navin Chauhan
नवीन चौहानauthor

नवीन चौहान टाइम्स नाउ नवभारत की स्पोर्ट्स टीम में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा प्राप्त करने के बाद वे पिछले 15 वर्षों से सक्रिय रूप से मीडिया जगत में जुड़े हैं। प्रिंट मीडिया और डिजिटल—दोनों माध्यमों में काम करने के अनुभव ने उन्हें खेल पत्रकारिता में व्यापक दृष्टिकोण और गहरी समझ प्रदान की है। अपने लंबे करियर में नवीन ने कई बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। इनमें आईपीएल, बैडमिंटन प्रीमियर लीग, इंडियन सुपर लीग, टी20 विश्व कप, आईसीसी विश्व कप, और तीन ओलंपिक—लंदन, रियो और टोक्यो—जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट शामिल हैं। नवीन चौहान ने अपने करियर में कई प्रसिद्ध भारतीय खिलाड़ियों और कोचों के इंटरव्यू भी किए हैं, जिनमें पीवी सिंधू, विजेंदर सिंह और पुलेला गोपीचंद जैसे नाम शामिल हैं। अब तक नवीन 15,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं, जिनमें ग्राउंड रिपोर्टिंग, विश्लेषणात्मक लेख, स्पेशल स्टोरीज़, प्लेयर प्रोफाइल और टूर्नामेंट-आधारित एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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