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तेंदुलकर ने पहचानी मुकुल की प्रतिभा, धोनी को मानते हैं आइडियल- इन टीमों के खिलाफ करना चाहते हैं खास

कोलकाता के खिलाफ मैच विनिंग पारी खेलने वाले मुकुल चौधरी धोनी को अपना आइडियल मानते हैं। उन्होंने फिनिशर का सही मतलब भी समझाया। केकेआर के खिलाफ अद्भुत पारी खेलने वाले मुकुल का लक्ष्य अब बड़ी टीमों के खिलाफ खुद को साबित करना है।

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मुकुल चौधरी (साभार-X)

इंडियन प्रीमियर लीग की ट्रॉफी पर संस्कृत में लिखा है 'यत्र प्रतिभा अवसरा प्राप्नोति' जिसका अर्थ है जहां प्रतिभा को मंच मिलता है और यह प्रतिभा देश के किसी भी कोने से हो सकती है। इसकी एक झलक गुरुवार देर शाम कोलकाता के ईडेन गार्डन्स में देखने को मिली जब एक वक्त लखनऊ सुपर जायंट्स के डगआउट में खिलाड़ियों के कंधे झुके हुए थे। हार पक्की लग रही थी, लेकिन राजस्थान झुंझुनू के 21 साल के मुकुल चौधरी ने कुछ अलग ही सोच कर रखा था।

चेज करते हुए चमत्कारिक पारी

182 रन का पीछा करते हुए अगर आप 128 के स्कोर पर 7 विकेट गंवा दें तो किसी भी टीम के लिए रिकवरी करना आसान नहीं होता है, लेकिन लखनऊ सुपर जायंट्स के बल्लेबाज मुकुल चौधरी हार मानने को तैयार नहीं हो रहे थे। उन्होंने पुछल्ले बल्लेबाजों के साथ मिलकर असंभव सी दिख रही जीत को संभव कर दिया। मुकुल ने आवेश खान के साथ 24 गेंद में नाबाद 57 रन की साझेदारी की। वह 27 गेंद में 2 चौके और 7 छक्के की मदद से 57 रन बनाकर नाबाद रहे। उन्होंने कैमरन ग्रीन के 19वें ओवर में 16 और वैभव अरोड़ा के 20वें ओवर में 14 रन बटोरे।

पहला छक्का था बेहद खास

अपनी पारी में सात छक्के लगाने वाले चौधरी ने अपने पहले छक्के को बेहद खास बताया। उन्होंने कहा, "मैंने दो मैचों से छक्का नहीं लगाया था, इसलिए आज जो पहला छक्का लगाया, वह मेरे लिए खास था। हेलीकॉप्टर छक्का भी अच्छा था, लेकिन पहला छक्का सबसे खास रहा। मैंने सोचा था कि भले ही गेंदबाज चार परफेक्ट गेंदें डालें, कम से कम एक ऐसी गेंद होगी जिस पर मैं मैच का छक्का मार सकता हूं।"

इतना ही नहीं मैच के दौरान खुद पर दबाव के सवाल पर मुकुल ने कहा 'दबाव हमेशा रहता है। लेकिन मैं सोचता हूं कि भगवान ने मुझे यह अवसर दिया है, इसलिए मैं अपनी क्षमता पर भरोसा करता हूं। यह मौका है जहां आप कुछ बड़ा कर सकते हैं या नाम कमा सकते हैं। इसलिए मैं दबाव की बजाय अवसर पर ध्यान देता हूं। मैं आखिरी गेंद तक खेलना चाहता था। मुझे अपने ऊपर इतना भरोसा है कि अगर मैं अंत तक नाबाद रहूंगा, तो टीम को जीत दिला सकता हूं।"

तेंदुलकर ने पहचानी प्रतिभा

गुरुवार केकेआर के खिलाफ खेली गई पारी के बाद मुकुल को पूरी दुनिया जान गई, लेकिन आईपीएल में पहली बार उनके बारे में माहौल अर्जुल तेंदुलकर ने बनाया था। एक इंटरव्यू में जब अर्जुन पूछा गया कि नेट्स में उन्हें किस बल्लेबाज से सबसे ज्यादा प्रभावित किया तो उन्होंने बिना देरी के मुकुल चौधरी का नाम बताया था। उन्होंने मुकुल के आसानी से छक्के मारने की हुनर की तारीफ की थी।

धोनी को मानते हैं आइडियल

मुकुल चौधरी के आइडियल और कोई नहीं बल्कि सबसे बड़े फिनिशर कहे जाने वाले एमएस धोनी हैं। केकेआर के खिलाफ जिस तरह से मैच को वह आखिरी गेंद तक ले गए उनमें धोनी के प्रभाव को महसूस किया जा सकता है। इतना ही नहीं 7 छक्के में मुकुल का पहला छक्का धोनी का हेलीकॉप्टर शॉट था। लेकिन फिनिशर पर बोलते हुए मुकुल चौधरी ने कहा कि छक्का मारना फिनिशर का काम नहीं है। मैच को अपनी टीम के लिए आखिर तक ले जाना और उसे जिताना सही मायनों में फिनिशर का काम है।

मुकुल को है इन 3 टीमों का इंतजार

अगर आपको लगता है कि मुकुल चौधरी ने आईपीएल का अपना बेस्ट दे दिया है तो आप गलत हैं। वह अपना बेस्ट आईपीएल की 3 बेहतरीन टीमों के लिए बचाकर रखें हैं। मुकुल ने कहा कि आरसीबी, मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ वह बड़ी पारी खेलना चाहते हैं। ये वो टीमें हैं जिनके खिलाफ खेलने पर कोई भी रातोंरात सुपरस्टार बना देता है।

कब है लखनऊ का इन 3 टीमों के खिलाफ मैच

लखनऊ को 15 अप्रैल को आरसीबी से चिन्नास्वामी में खेलना है। मुंबई इंडियंस के खिलाफ लखनऊ की टीम 4 मई को वानखेड़े क्रिकेट स्टेडियम में खेलेगी जबकि चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ लखनऊ को 10 मई को चेपॉक में खेलना है।

Sameer Thakur
समीर कुमार ठाकुर author

समीर कुमार ठाकुर टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की स्पोर्ट्स टीम के सदस्य हैं। करीब 10 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ वे न केवल क्रिकेट, बल्कि हॉकी, फुटब... और देखें

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