मोहाली: रविचंद्रन अश्विन डेढ़ महीने पहले अपने तमिल यूट्यूब चैनल पर बता रहे थे कि तिलक वर्मा जैसी प्रतिभा को वनडे विश्व कप के लिए गंभीरता से क्यों लिया जाना चाहिए। टेस्ट क्रिकेट में भारत के महानतम मैच विजेताओं में से एक ने संभवत: कभी नहीं सोचा होगा कि उन्हें वॉशिंगटन सुंदर के खिलाफ दो मैचों के ट्रायल के लिये बुलाया जायेगा जो उनसे करीब डेढ़ दशक जूनियर हैं।
अक्षर का विकल्प तैयार रखना है जरूरी
विश्व कप टीम के चयन के लिए खिलाड़ियों को परखना जरूरी है लेकिन इस महासमर से महज दो हफ्ते पहले भारतीय टीम प्रबंधन ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैच की श्रृंखला के लिए दो ऑफ स्पिनरों को बुलाया है ताकि अक्षर पटेल की चोट के समय पर ठीक नहीं होने के बाद ‘बैक-अप’ विकल्प तैयार रहे। यह एक तरह से ‘वर्चुअल शूट-आउट’ होगा जिसमें मोहाली और राजकोट की सपाट पिचों पर अजीत अगरकर की चयन समिति उनका प्रदर्शन देखेगी।
अश्विन दौड़ में हैं सुंदर से आगे
पूर्व मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने कहा,'मुझे लगता है कि अश्विन दौड़ में आगे हैं कि उस जैसे स्तर के गेंदबाज को टीम में बुलाया गया है। मुझे हमेशा से ही लगता है कि अश्विन को उसी समय से टीम में शामिल होना चाहिए था जब से वनडे विश्व कप के लिए तैयारी हो रही थी।' अगर अक्षर विश्व कप की टीम में जगह नहीं बना पाते हैं तो वह इनमें से किसे चुनेंगे,इस पर प्रसाद ने कहा,'उम्मीद करते हैं कि अक्षर राजकोट में अंतिम वनडे के लिए फिट हो जायें। क्योंकि अगर वह फिट हो जाता है तो अश्विन और वाशिंगटन कैसी भी गेंदबाजी करें, अक्षर अपना स्थान बरकरार रखेगा।'
रोमांचक होगी अश्विन-सुंदर के बीच टक्कर
उन्होंने कहा,'लेकिन यह विश्व कप के सबसे रोमांचक ट्रायल्स में से एक रहेगा। अगर वे बल्लेबाजी-गेंदबाजी (50-50 प्रतिशत) विकल्प को देख रहे हैं तो यह वाशिंगटन होगा। लेकिन अगर वे पूरी तरह से स्पिन गेंदबाजी विकल्प की तलाश कर रहे हैं तो मेरी नजर में अश्विन का पलड़ा भारी होगा।'
भज्जी की नजर में सुंदर होंगे पहली पसंद
हरभजन सिंह के हालांकि अगर विचार हैं। इस ‘टर्बनेटर’ का मानना है कि अगर टीम प्रबंधन और चयनकर्ताओं ने एशिया कप फाइनल के लिए कोलंबो में वॉशिंगटन को बुलाया और उसे अंतिम एकादश में भी रखा तो वह पहली पसंद होंगे। उन्होंने कहा,'वाशिंगटन पावरप्ले में अच्छी गेंदबाजी करता है। वह शानदार क्षेत्ररक्षक है। और अंत में वह निचले मध्यक्रम में बायें हाथ के बल्लेबाज हैं। इसलिये वह पूरा ‘पैकेज’ हैं।'
अक्षर की चोट बनी है अन्य के लिए मौका
एक अन्य राष्ट्रीय चयनकर्ता ने वॉशिंगटन बनाम अश्विन बहस पर दिलचस्प राय दी। उन्होंने कहा,'इस बात का बुरा नहीं मानना चाहिए लेकिन अक्षर की चोट किसी के लिए अच्छी साबित हो सकती है। दायें हाथ के ऊंगली के स्पिनर को शामिल करने का फैसला लंबे समय पहले लिया जाना चाहिए था और अब अंतिम समय में उन्हें यह मौका मिला है। एशिया कप में श्रीलंका की पिचों पर उसकी (अक्षर) गेंदबाजी देखिये जिस पर काफी टर्न मिल रहा था और इसमें चरिथ असालंका ने चार विकेट झटके जबकि वह (अक्षर) अपनी ज्यादातर गेंद को टर्न नहीं करा पा रहा था तो यह एक समस्या है।'
