वर्ल्ड कप 2027 ही नहीं 5-6 साल और खेल सकते हैं विराट कोहली, पूर्व खिलाड़ी ने बताया कारण
- Authored by: समीर कुमार ठाकुर
- Updated Jan 12, 2026, 06:31 PM IST
विराट कोहली वनडे वर्ल्ड कप 2027 खेल पाएंगे या नहीं इसको लेकर खूब चर्चा है। लेकिन भारत के पूर्व बल्लेबाज मोहम्मद कैफ ने किंग कोहली का सपोर्ट किया और बताया कि वह अगले 5-6 साल तक भारत के लिए खेल सकते हैं।
विराट कोहली (साभार-BCCI)
पिछले साल भारत के लिए सबसे ज्यादा वनडे रन और अब नए साल की धमाकेदार शुरुआत ने साबित कर दिया कि विराट अपने करियर के प्राइम फॉर्म में हैं। आप चाहें तो साल 2016 का विराट भी याद कर सकते हैं। विराट का यह फॉर्म 2027 वर्ल्ड कप तक रहेगा या नहीं ये तो वक्त बताएगा, क्योंकि अब विराट का एकमात्र लक्ष्य टीम को जीत दिलाना है। आंकड़ों को वह काफी पीछे छोड़ चुके हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ 93 रन की पारी खेलने के बाद विराट ने भी यही स्वीकारा कि अब वह केवल टीम की जीत के लिए खेलते हैं।
लगातार 5 फिफ्टी प्लस स्कोर
विराट कोहली का यह लगातार 5वां फिफ्टी प्लस स्कोर था। इसकी शुरुआत सिडनी में हो गई थी। सिडनी के बाद साउथ अफ्रीका के खिलाफ 3 मैच की वनडे सीरीज में भी उनका बल्ला खूब चला और अब न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज के पहले मुकाबले में भी उन्होंने धमाकेदार बल्लेबाजी की। अब सवाल उठता है कि क्या विराट 2027 वर्ल्ड कप खेलने में कामयाब हो पाएंगे। हरभजन सिंह की मानें तो अगर किसी दो खिलाड़ी की वर्ल्ड कप टीम में सबसे पहले जगह बनती है तो वह विराट और रोहित हैं।
लेकिन अब विराट को एक और खिलाड़ी का साथ मिला है। मोहम्मद कैफ की मानें तो विराट जिस तरह की क्रिकेट खेल रहे हैं वह 5-6 साल आराम से खेल सकते हैं। कैफ ने विराट की तारीफ करते हुए एक्स पर पोस्ट किया।
विराट इस तरह से वनडे खेल रहे हैं मानों दिल्ली का लोकल लीग हो। वह एकदम रिलेक्स नजर आ रहे हैं। साथी खिलाड़ियों के साथ मौज-मस्ती करते हुए विराट के चेहरे पर खुशी साफ देखी जा सकती है। गेंदबाजों के खिलाफ वह काफी सख्त रवैया अपनाए हुए हैं। अगर वह इसी तरह से खेलते रहे तो अगले 5-6 साल भारत के लिए खेल सकते हैं।
कैफ के दावों में कितना दम
5-6 साल तो नहीं लेकिन विराट के लिए 2027 तक खेलना टीम इंडिया की जरुरत है। वह ऐसा इसलिए भी कर सकते हैं कि उनके फिटनेस लेवल का मौजूदा टीम में कोई नहीं है। न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले ही मुकाबले में गिल को हैमस्ट्रींग से जूझते सबने देखा, जबकि विराट के साथ मैदान में कभी कुछ ऐसा नहीं दिखा। उन्होंने फिटनेस को अपने डेली रुटीन का हिस्सा बना लिया है। यही कारण है कि केवल एक फॉर्मेट खेलने के बावजूद वह लगातार सफल हो रहे हैं।