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क्या भारत में पड़ गया है ऑफ स्पिनर्स का सूखा? टर्बनेटर हरभजन सिंह ने दिया ये जवाब

टीम इंडिया के पूर्व धाकड़ स्पिनर हरभजन सिंह से पूछा गया कि क्या भारत में दाहिने हाथ के ऑफ स्पिनर्स का सूखा पड़ गया है तो उन्होंने दिया ये जवाब।

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हरभजन सिंह (फोटो क्रेडिट @harbhajan_singh X)

मुंबई: दक्षिण अफ्रीका से हाल में खत्म हुई टेस्ट श्रृंखला में हारने के बाद महान स्पिनर हरभजन सिंह को लगा कि भारतीय टीम के पास पांच दिन के मैच के लिए कोई विशेषज्ञ ऑफ-स्पिनर ही नहीं है और उन्होंने वाशिंगटन सुंदर का कार्यभार बढ़ाने की बात कही। आर अश्विन के संन्यास के बाद एसईएनए देशों (दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया) के खिलाफ पहली घरेलू श्रृंखला में भारत के स्पिनर दक्षिण अफ्रीका के सामने कमजोर पड़ गए। मेहमान टीम के स्पिनरों ने दो टेस्ट में 25 विकेट हासिल किए।

भारत के पास नहीं है विशेषज्ञ ऑफ स्पिनर

हरभजन से जब पूछा गया कि क्या भारत के पास दाएं हाथ का कोई विशेषज्ञ स्पिनर नहीं है तो उन्होंने जवाब में ‘पीटीआई’ से कहा,'ऐसा ही लगता है।' हरभजन ने कहा कि तमिलनाडु के ऑलराउंडर वाशिंगटन को एक विशेषज्ञ दाएं हाथ के ऑफ स्पिनर के तौर पर खुद को स्थापित करने और ऑलराउंड कौशल के मामले में अश्विन की तरह बनने के लिए अभी लंबा रास्ता तय करना है।

सुंदर से करवानी चाहिए ज्यादा गेंदबाजी, तभी बनेंगे गेंदबाज

भारतीय स्पिनरों में तीसरे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले हरभजन ने यहां एक कार्यक्रम के मौके पर कहा,'मुझे लगता है कि वॉशिंगटन सुंदर हैं, लेकिन हमें उनसे ज्यादा गेंदबाजी करवानी होगी। उन्हें एक टेस्ट मैच में 30-35 ओवर तक गेंदबाजी करवानी होगी, तभी जाकर वह एक गेंदबाज बन पाएंगे।' उन्हें लगता है कि भारत को घरेलू टेस्ट मैचों के लिए टर्निंग पिच देने की आदत छोड़नी होगी। उन्होंने कहा,'जिस तरह की पिचों पर हम खेल रहे हैं, उनमें किसी को गेंदबाज बनाने की जरूरत नहीं है क्योंकि हर गेंद स्पिन होती है या कुछ सीधी हो जाती है।'

भारत को टेस्ट क्रिकेट के लिए तैयार करना चाहिए अच्छे विकेट

हरभजन ने कहा,'एक गेंदबाज को तभी अच्छा माना जा सकता है जब वह अच्छी पिचों पर विकेट लेता है।' उन्होंने कहा कि भारत के लिए अच्छी पिचें तैयार करना शुरू करने का यह सही समय है क्योंकि देश में टेस्ट क्रिकेटरों का विकास घरेलू मैदान पर टर्निंग पिचों पर खेलने की वजह से रुक गया। उन्होंने कहा,'हमें अच्छी पिचों पर खेलना चाहिए, यही सही समय है। ऐसी पिचों पर खेलते हुए एक दशक से ज्यादा समय हो गया है जहां भारतीय क्रिकेट का ओवरऑल विकास नहीं हुआ है। अगर आप देखें, तो हम एक ही जगह पर अटके हुए हैं और जब हम अच्छे विकेटों पर खेलते हैं तो यह आईने में देखने जैसा हो जाता है।'

घरेलू पिच पर देने होंगे बल्लेबाजों को रन बनाने के मौके

इस साल की शुरुआत में इंग्लैंड दौरे का उदाहरण देते हुए हरभजन ने कहा कि भारतीय बल्लेबाजों को अपने घर पर भी बेहतर विकेट मिलने चाहिए। इंग्लैंड दौरे में शुभमन गिल ने 754 रन बनाए और अपनी टीम को पांच टेस्ट मैचों की श्रृंखला में 2-2 से ड्रॉ कराया। उन्होंने कहा,'हमने इंग्लैंड में अच्छा किया। जब हम भारत से बाहर जाते हैं तो हमारे बल्लेबाजों को रन बनाने का मौका मिलता है। लेकिन अगर आप अपने बल्लेबाजों को मौका नहीं देंगे तो उनके लिए घर पर मैच जीतना कैसे मुमकिन होगा? अब समय आ गया है कि भारत अच्छी पिचों पर खेलना शुरू करे।'

कोलकाता जैसे विकेट से नहीं मिलेगा टेस्ट क्रिकेट को बढ़ावा

हरभजन को लगता है कि अगर भारत कोलकाता जैसी विकेट देता है तो वह टेस्ट क्रिकेट को बढ़ावा देने की बात नहीं कर सकता। उन्होंने कहा, 'हम टेस्ट क्रिकेट को बचाने और बढ़ावा देने की बात करते रहते हैं, लेकिन यह टेस्ट क्रिकेट को बचाने का तरीका नहीं है।' हरभजन ने कोलकाता टेस्ट के तीन दिन में खत्म होने के बाद सोशल मीडिया पर लिखा था, हैशटैग ‘रिपटेस्टक्रिकेट’। उन्होंने कहा,'अगर आप टेस्ट क्रिकेट को बचाना चाहते हैं तो हमें अच्छी पिचों पर खेलना शुरू करना होगा जिससे आपके गेंदबाज और बल्लेबाज और हर कोई मैच में बना रहे।'

(भाषा)

Navin Chauhan
नवीन चौहानauthor

नवीन चौहान टाइम्स नाउ नवभारत की स्पोर्ट्स टीम में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा प्राप्त करने के बाद वे पिछले 15 वर्षों से सक्रिय रूप से मीडिया जगत में जुड़े हैं। प्रिंट मीडिया और डिजिटल—दोनों माध्यमों में काम करने के अनुभव ने उन्हें खेल पत्रकारिता में व्यापक दृष्टिकोण और गहरी समझ प्रदान की है। अपने लंबे करियर में नवीन ने कई बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। इनमें आईपीएल, बैडमिंटन प्रीमियर लीग, इंडियन सुपर लीग, टी20 विश्व कप, आईसीसी विश्व कप, और तीन ओलंपिक—लंदन, रियो और टोक्यो—जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट शामिल हैं। नवीन चौहान ने अपने करियर में कई प्रसिद्ध भारतीय खिलाड़ियों और कोचों के इंटरव्यू भी किए हैं, जिनमें पीवी सिंधू, विजेंदर सिंह और पुलेला गोपीचंद जैसे नाम शामिल हैं। अब तक नवीन 15,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं, जिनमें ग्राउंड रिपोर्टिंग, विश्लेषणात्मक लेख, स्पेशल स्टोरीज़, प्लेयर प्रोफाइल और टूर्नामेंट-आधारित एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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