धर्मशाला टेस्ट में शुभमन गिल ने शानदार 110 रन की पारी खेली। उन्होंने रोहित के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 171 रन की साझेदारी की और टीम इंडिया को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। लेकिन उनके पिता को गिल के नंबर पर खेलने का फैसला पसंद नहीं है। शुभमन गिल के पहले कोच और पिता लखविंदर गिल ने कहा कि गेंदबाजों को बाहर निकलकर खेलने से वह टेस्ट क्रिकेट में रन बना रहा है। इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट के बाद शुभमन पर दबाव बढ़ गया था क्योंकि वह 12 पारियों में अर्धशतक नहीं बना सके थे और आक्रामक खेल नहीं दिखा पा रहे थे।
उन्होने विशाखापत्तनम में दूसरे टेस्ट में शतक जमाकर आलोचकों का मुंह बंद किया। सलामी बल्लेबाज से तीसरे नंबर पर उतरने के बाद यह उनकी पहली बड़ी पारी थी।
बैटिंग पोजिशन पर क्या बोले पिता? उनके पिता ने कहा ,‘‘ बाहर निकलकर खेलने से काफी फर्क पड़ा। वह ऐसा नहीं कर रहा था जिससे दबाव बन गया था। वह अंडर 16 दिनों से स्पिनरों और तेज गेंदबाजों को बाहर निकलकर खेलता आया है।’’
उन्होंने कहा ,‘‘जब आप अपना स्वाभाविक खेल नहीं खेलते हैं तो दिक्कत होती है। पूरा खेल आत्मविश्वास का है। एक बार अच्छी पारी खेलने के बाद आप लय में आ जाते हैं। वह अंडर 16 दिनों से काफी रन बना रहा है।’’
मोहाली में घर पर होने पर शुभमन को ट्रेनिंग देने वाले लखविंदर ने कहा कि वह तीसरे नंबर पर उतरने के उसके फैसले से सहमत नहीं हैं। उन्होंने कहा ,‘‘ उसे पारी का आगाज ही करना चाहिये। जब आप ड्रेसिंग रूम में लंबे समय तक बैठते हैं तो दबाव बढता है। तीसरा नंबर ना तो पारी की शुरूआत का है और ना ही मध्यक्रम का। इसके अलावा उसका खेल ऐसा नहीं है। यह क्रम चेतेश्वर पुजारा के अनुकूल है जो रक्षात्मक खेलता है। ’’ उन्होंने हालांकि कहा ,‘‘ मैं उसके फैसलों में दखल नहीं देता। वह इतना बड़ा है कि अपने फैसले ले सकता है। जब वह टीनएजर था, तब मैं उसके फैसले लेता था।’’
