किसी भी क्रिकेटर के लिए निरंतर मैदान पर मौजूद रहना और अपने हुनर को बेहतर बनाते रहना महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में अगर किसी खिलाड़ी को टीम से बाहर किया जाए और लंबे समय तक मौका ना मिले तो उसके लिए अगली बार खुद को साबित करना आसान नहीं होता। उत्तर प्रदेश के कानपुर से आने वाले भारतीय स्पिनर (चाइनामैन) कुलदीप यादव के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ लेकिन इस खिलाड़ी ने दो साल तक टीम से बाहर रहने को खुद पर हावी नहीं होने दिया और जब वापसी हुई तो फिर वही जलवा दिखा। कुलदीप ने बांग्लादेश के खिलाफ पहली पारी में 5 विकेट लेने पर क्या कुछ कहा, यहां जानते हैं।
भारतीय टीम के एकमात्र रहस्यमयी चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव ने बांग्लादेश के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में भारत का दबदबा बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 40 रन देकर 5 विकेट झटके और बांग्लादेश को 150 रन पर समेटने में सबसे अहम भूमिका निभाई।
कुलदीप यादव ने अपने प्रदर्शन को लेकर शुक्रवार को खेल खत्म होने के बाद कहा, ‘‘कहने के लिए तो दो साल हैं (22 महीने) पर मुझे कभी महसूस नहीं हुआ।’’ कुलदीप ने यूएई में खेले गए इंडियन प्रीमियर लीग 2021 के दूसरे चरण से ठीक पहले घुटने का ऑपरेशन करवाया था जिसके कारण वह लंबे समय तक खेल से बाहर रहे।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर मैं चोट से उबरने के बाद क्रिकेट नहीं खेलता तो फिर मुझे संघर्ष करना पड़ता। लेकिन पिछले एक साल में मैं लगातार सीमित ओवरों क्रिकेट खेल रहा हूं और मैंने न्यूजीलैंड (ए श्रृंखला) के खिलाफ लाल गेंद से भी क्रिकेट खेली। उस श्रृंखला में मैंने लंबे स्पेल किए थे। अगर आप राष्ट्रीय टीम के साथ हैं तो फिर दबाव महसूस नहीं करते।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मेरी गेंदबाजी शैली के कारण मुझे एक प्रारूप से दूसरे प्रारूप में तालमेल बिठाने में परेशानी नहीं होती। यह अलग बात है कि जब आप टेस्ट मैचों में गेंदबाजी करते हैं तो आप हो नियंत्रण बनाए रखने की जरूरत होती है। आपको विकेट हासिल करने के लिए मेहनत करनी पड़ती है क्योंकि बल्लेबाज के पास क्रीज पर पांव जमाने और आपको परखने के लिए काफी समय होता है।’’
