क्रिकेट

लगा ही नहीं कि दो साल बाद लौटा हूंः भारत के रहस्यमयी स्पिनर ने धमाकेदार वापसी पर दिया बयान

  • Authored by: शिवम अवस्थी
  • Updated Dec 16, 2022, 09:43 PM IST

Kuldeep Yadav, India vs Bangladesh 2nd Test: चटगांव में भारत-बांग्लादेश पहले टेस्ट मैच में टीम इंडिया के रहस्यमयी स्पिनर कुलदीप यादव ने दुनिया को बता दिया कि कुछ साल तक नजरअंदाज किए जाने के बावजूद उनके हुनर में कमी नहीं आई है। तीसरे दिन खेल खत्म होने के बाद उनके शब्द भी कुछ यही थे।

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कुलदीप यादव (AP)

किसी भी क्रिकेटर के लिए निरंतर मैदान पर मौजूद रहना और अपने हुनर को बेहतर बनाते रहना महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में अगर किसी खिलाड़ी को टीम से बाहर किया जाए और लंबे समय तक मौका ना मिले तो उसके लिए अगली बार खुद को साबित करना आसान नहीं होता। उत्तर प्रदेश के कानपुर से आने वाले भारतीय स्पिनर (चाइनामैन) कुलदीप यादव के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ लेकिन इस खिलाड़ी ने दो साल तक टीम से बाहर रहने को खुद पर हावी नहीं होने दिया और जब वापसी हुई तो फिर वही जलवा दिखा। कुलदीप ने बांग्लादेश के खिलाफ पहली पारी में 5 विकेट लेने पर क्या कुछ कहा, यहां जानते हैं।

भारतीय टीम के एकमात्र रहस्यमयी चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव ने बांग्लादेश के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में भारत का दबदबा बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 40 रन देकर 5 विकेट झटके और बांग्लादेश को 150 रन पर समेटने में सबसे अहम भूमिका निभाई।

कुलदीप यादव ने अपने प्रदर्शन को लेकर शुक्रवार को खेल खत्म होने के बाद कहा, ‘‘कहने के लिए तो दो साल हैं (22 महीने) पर मुझे कभी महसूस नहीं हुआ।’’ कुलदीप ने यूएई में खेले गए इंडियन प्रीमियर लीग 2021 के दूसरे चरण से ठीक पहले घुटने का ऑपरेशन करवाया था जिसके कारण वह लंबे समय तक खेल से बाहर रहे।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर मैं चोट से उबरने के बाद क्रिकेट नहीं खेलता तो फिर मुझे संघर्ष करना पड़ता। लेकिन पिछले एक साल में मैं लगातार सीमित ओवरों क्रिकेट खेल रहा हूं और मैंने न्यूजीलैंड (ए श्रृंखला) के खिलाफ लाल गेंद से भी क्रिकेट खेली। उस श्रृंखला में मैंने लंबे स्पेल किए थे। अगर आप राष्ट्रीय टीम के साथ हैं तो फिर दबाव महसूस नहीं करते।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मेरी गेंदबाजी शैली के कारण मुझे एक प्रारूप से दूसरे प्रारूप में तालमेल बिठाने में परेशानी नहीं होती। यह अलग बात है कि जब आप टेस्ट मैचों में गेंदबाजी करते हैं तो आप हो नियंत्रण बनाए रखने की जरूरत होती है। आपको विकेट हासिल करने के लिए मेहनत करनी पड़ती है क्योंकि बल्लेबाज के पास क्रीज पर पांव जमाने और आपको परखने के लिए काफी समय होता है।’’

शिवम अवस्थी
शिवम अवस्थीauthor

शिवम् अवस्थी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स डेस्क के इंचार्ज हैं। इनको खेल पत्रकारिता में तकरीबन 17 सालों का अनुभव है। इनको क्रिकेट, फुटबॉल और टेनिस में खास रुचि है। उन्हें खेलना भी पसंद है और वो देहरादून में फुटबॉल व क्रिकेट इंटर डिस्ट्रिक्ट चैंपियनशिप में विजेता टीम के कप्तान भी रहे। पत्रकारिता में कदम रखने के कुछ समय बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 का संपूर्ण फील्ड कवरेज किया और कई ब्रेकिंग न्यूज दी। कई चर्चित भारतीय एथलीटों के इंटरव्यू लिए हैं। 2011 वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप का ऑनफील्ड रहकर शहर-शहर घूमते हुए पूरा टीवी कवरेज किया। विश्व कप से पहले युवा विराट कोहली का इंटरव्यू किया। डिजिटल जैसे-जैसे आगे बढ़ा उन्हें ब्रेट ली, सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़, जैसे तमाम धुरंधरों के साक्षात्कार किए और 16 वर्षीय ऋषभ पंत का पहला डिजिटल इंटरव्यू किया जिसे इंग्लिश और हिंदी वेबसाइट पर काफी रीडरशिप मिली। उन्होंने स्पोर्ट्स मल्टी पॉडकास्ट भी किया। आईपीएल के 18 सीजन से ऑनफील्ड जुड़े रहे। अब तक तकरीबन 6000 से ज्यादा एक्सक्लूसिव स्टोरीज लिख चुके हैं। साल 2025 में खेल जगत के तमाम बड़े रिकॉर्ड्स व आंकड़ों को ट्रैक किया है और उन पर आर्टिकल तैयार किए हैं।

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