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ZIM vs IND: 'मैं उस पर ध्यान नहीं देता,' वैभव सूर्यवंशी का कौन-कौन रखता है ख्याल, ईशान किशन ने खोला राज

भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन का कहना है कि उन्हें अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक बल्लेबाजी को लेकर हो रही चर्चाओं से कोई फर्क नहीं पड़ता। क्योंकि उनका पूरा ध्यान सिर्फ अपनी भूमिका निभाने और टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन करने पर रहता है। ईशान किशन को BCCI का बेस्ट एटीट्यूड ऑफ द मैच अवॉर्ड मिला। ईशान यह भी बताया कि वह वैभव का ध्यान रखते हैं।

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ईशान किशन ने वैभव सूर्यवंशी को लेकर दिया बड़ा बयान। फोटो- स्क्रीन ग्रैब

भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन का कहना है कि उन्हें अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक बल्लेबाजी को लेकर हो रही चर्चाओं से कोई फर्क नहीं पड़ता। क्योंकि उनका पूरा ध्यान सिर्फ अपनी भूमिका निभाने और टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन करने पर रहता है। किशन का मानना है कि शुरुआती विकेट जल्दी गिरने पर तीसरे नंबर के बल्लेबाज की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।

भारत ने शनिवार को दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में अभिषेक शर्मा (08) और वैभव सूर्यवंशी (20) के विकेट पहले तीन ओवरों में ही गंवा दिए थे और स्कोर दो विकेट पर 29 हो गया था। इसके बाद किशन ने 44 गेंदों में 81 रन की शानदार पारी खेलकर टीम को पांच विकेट पर 219 रन तक पहुंचाया। भारत ने जिम्बाब्वे को इस मैच में 90 रन से हराकर तीन मैच की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। रविवार को दोनों टीमों के बीच आखिरी मुकाबला खेला जाएगा।

'मैं उस पर ज्यादा ध्यान नहीं देता'

अपने तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में दूसरी बार अर्धशतक लगाने वाले 28 वर्षीय किशन ने कहा, बाहर क्या हो रहा है, मैं उस पर ज्यादा ध्यान नहीं देता। मुझे पता है कि मुझे किस तरह बल्लेबाजी करनी है। सबसे जरूरी बात यह है कि आप उसी पल में रहें। यह मत सोचिए कि कौन ज्यादा रन बना रहा है या कौन ज्यादा छक्के-चौके लगा रहा है। हर खिलाड़ी की अपनी पहचान हो सकती है, लेकिन तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करते समय आपको समझना होता है कि जब टीम के दो विकेट जल्दी गिर जाएं तो क्या करना है।

भारत की खराब शुरुआत के बाद किशन ने समझदारी से पारी को संभाला। उन्होंने 31 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और फिर अगली 13 गेंद में 31 रन जोड़कर तेजी से रन बनाए। उनकी पारी में मिड-विकेट पर लगाए गए दमदार शॉट आकर्षण का केंद्र रहे।

'साझेदारी बनाना जरूरी'

किशन ने आगे कहा, आप लगातार बल्लेबाजी करना चाहते हैं। कभी मौके का फायदा उठाना होता है तो कभी साझेदारी बनानी होती है। इसके लिए पिच और मैच की परिस्थितियों को समझना जरूरी है। जब आप मैदान पर होते हैं तो आपको सिर्फ यह समझना चाहिए कि आसपास क्या हो रहा है और मैच से आपको क्या हासिल करना है। जब चीजें आपके पक्ष में नहीं होतीं, तब उन बातों पर दुखी होने के बजाय अपने प्रदर्शन पर ध्यान देना बेहतर होता है जो आपके नियंत्रण में हैं।

'मैं, अभिषेक और अक्षर भाई रखते हैं ख्याल'

किशन ने 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की भी जमकर तारीफ की। इंग्लैंड दौरे पर कठिन शुरुआत के बाद वैभव ने पहले टी20 में अर्धशतक लगाकर शानदार वापसी की थी। किशन ने कहा, वैभव बहुत समझदार है। उसे पता है कि उसे कैसे बल्लेबाजी करनी है और मैदान के अंदर और बाहर खुद को कैसे संभालना है। जब आप भारत के लिए खेलते हैं तो आपको पता होना चाहिए कि किस चीज पर ध्यान देना है। मैं, अभिषेक, अक्षर भाई और टीम के कई अन्य खिलाड़ी उसे लगातार यही कहते हैं कि क्रिकेट पर ध्यान दो, सोशल मीडिया या बाहरी शोर पर नहीं।

'वैभव के पास मैच पलटने का दम'

किशन का मानना है कि यदि वैभव अपना ध्यान बनाए रखते हैं तो वह अकेले दम पर मैच का रुख बदल सकते हैं। उन्होंने कहा, अगर वह क्रीज पर टिक जाता है तो टीम के लिए बड़ा अंतर पैदा कर सकता है। पहली ही गेंद से आक्रामक खेलने वाला बल्लेबाज पावरप्ले में टीम को 80-90 रन तक पहुंचा सकता है।

Umesh Kumar
उमेश कुमारauthor

उमेश कुमार पत्रकारिता में पिछले 7 वर्षों से सक्रिय हैं। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से करने के बाद उन्होंने डिजिटल मीडिया में बतौर स्पोर्ट्स राइटर अपनी मजबूत पहचान बनाई। उमेश ने अमर उजाला (प्रिंट), ईटीवी भारत (हैदराबाद), दैनिक भास्कर और दैनिक जागरण जैसे संस्थानों के साथ काम किया है। उमेश ने क्रिकेट की कई बायलेटरल सीरीज, आईपीएल, वर्ल्ड कप, प्रो कबड्डी लीग, फीफा वर्ल्ड कप, हॉकी वर्ल्ड कप और ओलंपिक जैसे बड़े राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। खेलों की गहरी समझ और डेटा-ड्रिवन स्टोरीटेलिंग उनकी लेखनी की खासियत है।

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