Pramod Bhagat Gold Medal: जापान पैरा बैडमिंटन टूर्नामेंट में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। टोक्यो पैरालंपिक के गोल्ड मेडलिस्ट प्रमोद भगत ने रविवार को पुरुष सिंगल्स SL3 में गोल्ड मेडल अपने नाम किया और पुरुष डबल्स में सिल्वर मेडल जीता। वहीं सुकांत कदम के लिए यह टूर्नामेंट यादगार बन गया, क्योंकि उन्होंने अपने करियर का 100वां मेडल जीत लिया है। छह बार के वर्ल्ड चैंपियन प्रमोद भगत ने सिंगल्स के फाइनल में भारत के ही यू कुमार को सीधे गेम में 21-16, 21-8 से हराया। यह मैच सिर्फ 30 मिनट में खत्म हो गया।
जीत के बाद क्या बोले प्रमोद भगत
जीत के बाद प्रमोद ने कहा कि यू कुमार ने शुरू में बढ़त बना ली थी, लेकिन उन्होंने धैर्य नहीं खोया और लय मिलने के बाद मैच पर कंट्रोल कर लिया। इसके बाद प्रमोद ने सुकांत कदम के साथ मिलकर पुरुष डबल्स SL3-SU5 का फाइनल खेला। लेकिन इंडोनेशिया की जोड़ी हिकमत रमदानी और फ्रेडी सेतियावान ने उन्हें 5-21, 15-21 से हरा दिया और उन्हें सिल्वर से संतोष करना पड़ा। प्रमोद ने कहा कि डबल्स का नतीजा उम्मीद के मुताबिक नहीं था, पर हर टूर्नामेंट से कुछ नया सीखने को मिलता है।
भारत ने जीते कई मेडल
भारत के लिए इस टूर्नामेंट में और भी कई मेडल आए। चिराग बरेठा ने सिंगापुर के वेई मिंग टे के साथ पुरुष डबल्स SU5 में गोल्ड जीता। शशांक कुमार ने दो ब्रॉन्ज मेडल जीते - एक पुरुष सिंगल्स WH1 में और दूसरा अम्मू मोहन के साथ मिक्स्ड डबल्स में। दीप रंजन बिसोई और कुलदीप महकुल तथा तकर बीरी और हर्षित चौधरी की जोड़ी ने भी ब्रॉन्ज जीता। अभिजीत सखुजा को पुरुष सिंगल्स SL4 में ब्रॉन्ज मिला।
सुकांत कदम ने जीता मेडल
सुकांत कदम के लिए यह सबसे खास दिन था। उन्होंने सिंगल्स SL4 में सिल्वर और डबल्स में सिल्वर जीता, जिसके साथ उनके कुल मेडल 100 हो गए। सिंगल्स फाइनल में उन्हें फ्रांस के लुकास माजूर ने 8-21, 16-21 से हराया। 12 साल पहले करियर शुरू करने वाले सुकांत ने कहा, "100 मेडल मेरे लिए बहुत खास हैं। मैंने कभी नहीं सोचा था कि यहां तक पहुंचूंगा। यह मंजिल नहीं है, मैं और मेहनत करूंगा।"
