एजुकेशन

MP School Student APAAR ID Campaign: मध्य प्रदेश में स्कूली छात्रों के लिए अपार आईडी अभियान शुरू, जानें इसके फायदे और पूरी प्रक्रिया

MP School Student APAAR ID Campaign: मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्य के स्कूली छात्रों के लिए APAAR ID जारी करने के एक विशेष अभियान की शुरुआत की है। इसके तहत राज्य के करोड़ों स्कूली छात्रों को 12 अंकों का यूनिक आईडी दी जाएगी।

Image

MP School Student APAAR ID Campaign (Photo - AI)

MP School Student APAAR ID Campaign: मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्य के स्कूली छात्रों के लिए 'ऑटोमेटिक परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री' यानी APAAR ID जारी करने के लिए एक विशेष अभियान की शुरुआत की है। इस डिजिटल पहल के माध्यम से राज्य के 1.45 करोड़ से अधिक विद्यार्थियों को एक यूनिक 12-अंकों वाली डिजिटल पहचान दी जाएगी। आधार कार्ड की तर्ज पर तैयार की जाने वाली यह आईडी छात्र के पूरे शैक्षणिक सफर, ग्रेड, अंकपत्र और अन्य उपलब्धियों को एक ही जगह डिजिटल रूप से सुरक्षित रखेगी। प्रदेश में अब तक 78.5% छात्रों (लगभग 1.14 करोड़) की अपार आईडी बनाई जा चुकी है और शेष योग्य छात्रों के लिए यह विशेष अभियान तेजी से चलाया जा रहा है।

APAAR ID क्या है और इसका उद्देश्य?

APAAR ID केंद्र सरकार की राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत शुरू किए गए 'वन नेशन, वन स्टूडेंट ID' कार्यक्रम का मुख्य हिस्सा है। यह आईडी डिजिलॉकर (DigiLocker) से जुड़ी होती है, जिसमें छात्र के स्कूल ट्रांसफर सर्टिफिकेट, बोर्ड परीक्षा के परिणाम, खेलकूद और अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों का पूरा ब्योरा डिजिटल फॉर्म में दर्ज रहता है। स्कूल बदलने या उच्च शिक्षा में प्रवेश के समय कागजी कार्रवाई का झंझट खत्म होता है और एकेडमिक क्रेडिट आसानी से ट्रांसफर हो जाते हैं।

अपार आईडी के लिए मुख्य लाभ

आपार आईडी में सभी डॉक्यूमेंट्स सुरक्षित रहते हैं। मार्कशीट या सर्टिफिकेट खोने या फटने का डर नहीं रहता, क्योंकि सभी शैक्षणिक डॉक्यूमेंट्स क्लाउड पर सुरक्षित रहते हैं। एक ही यूनिक आईडी होने से फर्जी अंकपत्र और जाली प्रमाण पत्रों के इस्तेमाल पर पूरी तरह लगाम लगेगी। इसके साथ ही आपार आईडी के माध्यम से विभिन्न सरकारी स्कॉलरशिप और शैक्षणिक योजनाओं के लिए आवेदन में डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया बेहद तेज और सरल हो जाती है।

मध्य प्रदेश में पंजीकरण और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया

सभी छात्रों के लिए आपार आईडी बनाने के इस विशेष अभियान के तहत संबंधित स्कूल अपने छात्रों के माता-पिता या अभिभावकों की सहमति से UDISE+ पोर्टल के माध्यम से डेटा वेरीफाई करके रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं। लेकिन इसमें एक बात यह भी है कि अपार आईडी बनाने के लिए अभिभावक की सहमति आवश्यक है, जिसे फॉर्म भरकर स्कूल में जमा कराया जाता है। यह पहल राज्य में शैक्षणिक रिकॉर्ड के पूर्ण डिजिटलीकरण की ओर एक बड़ा कदम है, जिससे छात्रों के लिए एक सुरक्षित और जीवन भर काम आने वाली डिजिटल पहचान तैयार हो रही है।

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

और पढ़ें
End of Article