आईसीसी मेन्स क्रिकेट कप 2023 से पहले टीम इंडिया जोश और उत्साह से भरी हुई है। ऐसा इसलिए क्योंकि अभी (खबर लिखे जाने तक) भारतीय क्रिकेट टीम लय में है। साथ ही वनडे फॉर्मैट में दूसरे नंबर की टीम भी है। ऐसे में माना जा रहा है कि इस बार क्रिकेट के महाकुंभ में भारत दुनिया की बाकी टीमों के लिए बड़ा और कड़ा प्रतिद्वंदी साबित हो सकता है। आइए, जानते हैं कि इससे पहले अपनी टीम इंडिया का कैसा परफॉर्मेंस और सफर रहा है:
साल 1975 से 2019 तक 12 वर्ल्ड कप हुए हैं, जिनमें पहला इंग्लैंड में हुआ था और वह वेस्टइंडीज ने जीता था। आगे लगातार दो विश्व कप वहीं हुए और उन्हें क्रमशः कैरेबाई टीम और इंडिया ने जीता था। यहां हम बात कर रहे हैं साल 1983 की...इंडिया ने तब 25 जून को पहले बैटिंग करते हुए 54.4 ओवर्स में 183 रन बनाए थे, जबकि जवाबी पारी में वेस्टइंडीज 52 ओवर्स में महज 140 रन ही बना सकी थी। टीम इंडिया ने यह मुकाबला 43 रनों से जीता था। यह वह ऐतिहासिक मौका था, जब इंडिया पहली बार चैंपियन बना था और इसी के साथ इतिहास रच गया था। कपिल देव के पास तब टीम इंडिया की कमान थी।
बीच में 1983 के बाद भारत ने कई विश्व कप खेले, मगर कुछ बड़ा हासिल न हो सका। आगे दो अप्रैल, 2011 को विश्व कप भारत और बांग्लादेश में हुआ था, जिसमें महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में इंडिया ने श्रीलंका को छह विकेट से हराया था। मुंबई के वानखेडे में खेले गए फाइनल में लंका ने छह विकेट के नुकसान पर 50 ओवर्स में 274 रन बनाए थे, जबकि 48.2 ओवर्स में इंडिया ने चार विकेट गंवा कर 277 रन बनाकर जीत हासिल की थी। माही इस मुकाबले में मैन ऑफ दि मैच के खिताब से नवाजे गए थे।
हालांकि, टीम इंडिया तीन बार टूर्नामेंट के फिनाले तक पहुंची, पर विनर का ताज हासिल करने में सिर्फ दो बार ही कामयाब रही। वैसे, सबसे अधिक बार यह खिताब जीतने में ऑस्ट्रेलियाई टीम कामयाब रही है और यह कारनामा उसने पांच बार (1987, 1999, 2003, 2007 और 2015) किया है, जबकि दूसरे नंबर पर इस मामले में वेस्टइंडीज का नाम है, जिसने दो बार टाइटल जीता है।
