IND vs ENG: टीम इंडिया के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत इन दिनों इंग्लैंड के खिलाफ जारी एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी 2025 में बेहतरीन फॉर्म में हैं। अब तक खेले गए तीन टेस्ट मैचों में पंत ने कुल 425 रन बनाए हैं, और उनका औसत 70.83 रहा है। इस दौरान उन्होंने दो शतक और दो अर्धशतक भी जड़े हैं।अपने जोखिम भरे लेकिन आक्रामक अंदाज़ के लिए पहचाने जाने वाले पंत अब भारतीय मध्यक्रम की रीढ़ बन चुके हैं। उनकी बल्लेबाज़ी का तरीका भले ही पारंपरिक न हो, लेकिन वे लगातार टीम के लिए उपयोगी साबित हो रहे हैं। ऐसे में पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने उनकी जमकर तारीफ की है।
“ऋषभ पंत को हमेशा मिले आज़ादी”: संजय मांजरेकर
पूर्व भारतीय क्रिकेटर और अब कमेंटेटर संजय मांजरेकर का मानना है कि पंत जैसे खिलाड़ी को टीम मैनेजमेंट की ओर से पूर्ण स्वतंत्रता मिलनी चाहिए। मांजरेकर ने कहा कि "ऋषभ पंत चाहे जो भी परिस्थिति हो, अपनी ही शैली में खेलते हैं। उन्हें इसकी अनुमति मिलनी चाहिए क्योंकि वो इसके हकदार हैं। इंग्लैंड के खिलाफ जब वह क्रीज़ पर उतरते हैं, तो विरोधी टीम घबरा जाती है।"उन्होंने कहा कि जब भी भारतीय बल्लेबाज़ी इकाई को विपक्षी गेंदबाज़ों पर हावी होना हो, तो पंत को अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए।
यशस्वी और गिल को भी करना होगा आत्ममंथन
मांजरेकर ने यशस्वी जायसवाल को लेकर भी कहा कि उन्हें यह सोचना चाहिए कि वे कैसे आउट हुए और अपनी फॉर्म का अधिकतम उपयोग कैसे कर सकते हैं। इसके अलावा, उन्होंने शुभमन गिल की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया।सीरीज़ का चौथा टेस्ट मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड में खेला जाएगा और मांजरेकर को उम्मीद है कि गिल वहां रनों की पटरी पर लौटेंगे। उन्होंने कहा कि "गिल की भूमिका महत्वपूर्ण है। हालांकि लॉर्ड्स टेस्ट में उन्होंने कोई योगदान नहीं दिया, फिर भी भारत की बल्लेबाज़ी मज़बूत दिखी। इससे पता चलता है कि अब टीम पूरी तरह गिल पर निर्भर नहीं है।"मांजरेकर को लगता है कि गिल को मौजूदा ब्रेक के दौरान आत्मचिंतन करना चाहिए, और कप्तानी के साथ प्रदर्शन पर भी ध्यान देना चाहिए।
इंग्लैंड से 1-2 से पीछे है भारत, मैनचेस्टर टेस्ट अहम
बेन स्टोक्स की कप्तानी वाली इंग्लैंड टीम सीरीज़ में 2-1 से आगे है। मैनचेस्टर में होने वाला चौथा टेस्ट मैच भारत के लिए "करो या मरो" की स्थिति जैसा होगा। अगर भारत यह मैच हारता है, तो वह सीरीज़ से बाहर हो जाएगा और साथ ही वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 की शुरुआत नकारात्मक तरीके से होगी।वहीं अगर भारत यह मुकाबला जीत लेता है, तो सीरीज़ 2-2 से बराबरी पर आ जाएगी और टीम का मनोबल बढ़ेगा।
