IND vs ENG Test: पूर्व इंग्लिश कप्तान और महान बल्लेबाज ग्राहम गूच ने भारत और इंग्लैंड के बीच चल रही टेस्ट सीरीज़ को “टेस्ट क्रिकेट के लिए प्रेरणादायक” करार दिया है। लेकिन साथ ही उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि यदि टेस्ट मैच केवल भारत, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया—यानी ‘बिग थ्री’—के बीच ही केंद्रित रह गए, तो इससे क्रिकेट के इस पारंपरिक प्रारूप में ठहराव और बोरियत आ सकती है।
आईसीसी को चाहिए आगे आकर मदद करना: गूच
गूच ने कहा कि वेस्टइंडीज, दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड जैसे आर्थिक रूप से कमज़ोर बोर्ड अब सिर्फ दो या तीन टेस्ट की श्रृंखला ही खेल पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 'आईसीसी को अब यह देखना होगा कि वे आर्थिक रूप से कमजोर क्रिकेट बोर्ड की किस तरह से मदद कर सकते हैं ताकि टेस्ट क्रिकेट की निरंतरता बनी रहे। अगर इन देशों को पीछे छोड़ दिया गया, तो जल्द ही टेस्ट क्रिकेट में खेलने के लिए टीमें ही नहीं बचेंगी।'
भारत-इंग्लैंड सीरीज़: टेस्ट क्रिकेट की ताकत
गूच ने भारत और इंग्लैंड के बीच चल रही पांच टेस्ट मैचों की श्रृंखला की तारीफ करते हुए कहा कि 'यह सीरीज़ शानदार रही है और टेस्ट क्रिकेट के लिए बेहतरीन उदाहरण है। इसमें रोमांच, क्लासिक बल्लेबाज़ी, धुआंधार गेंदबाज़ी और मैदान पर तनाव—हर वो चीज़ है जो टेस्ट क्रिकेट को जीवंत बनाती है।'
भारतीय युवा खिलाड़ियों ने बढ़ाया भरोसा
गूच ने रोहित शर्मा और विराट कोहली के संन्यास के बाद टीम में आ रही युवा पीढ़ी की सराहना करते हुए कहा कि “एक दरवाज़ा बंद होता है, तो दूसरा खुलता है। आप किसी भी खिलाड़ी से जीवनभर खेलने की उम्मीद नहीं कर सकते। भारत के युवा खिलाड़ियों ने जबरदस्त जज्बा दिखाया है और मुझे लगता है कि टीम भविष्य में भी मजबूती से आगे बढ़ेगी।”
शुभमन गिल की कप्तानी और बल्लेबाज़ी पर विशेष टिप्पणी
गूच ने भारतीय कप्तान शुभमन गिल की तारीफ करते हुए कहा कि 'शुभमन गिल एक शानदार बल्लेबाज हैं। उनकी तकनीक लाजवाब है और इस सीरीज़ में उनकी एकाग्रता तथा धैर्य ने उन्हें अलग स्तर पर पहुंचा दिया है।”उन्होंने गिल द्वारा 754 रन बनाने की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने खुद को उन आलोचकों को जवाब देकर साबित किया है जो एसईएनए देशों में उनके प्रदर्शन को लेकर सवाल उठा रहे थे।
बेन स्टोक्स की गैरमौजूदगी में इंग्लैंड का संतुलन बिगड़ा
गूच ने इंग्लैंड के स्टार ऑलराउंडर बेन स्टोक्स की अनुपस्थिति को इंग्लैंड की गेंदबाजी कमज़ोरी का कारण बताया। उन्होंने कहा कि 'स्टोक्स एक मैच विनर हैं। जब वो नहीं होते हैं, तो टीम को एक बल्लेबाज़ कम करना पड़ता है, जिससे संतुलन बिगड़ता है। चार गेंदबाज़ों के साथ आप तभी खेल सकते हैं जब दो गेंदबाज़ विश्वस्तरीय हों, जो फिलहाल इंग्लैंड के पास नहीं हैं।'
सिराज और स्टोक्स: जुनून की मिसाल
गूच ने मोहम्मद सिराज की प्रशंसा करते हुए उनकी तुलना बेन स्टोक्स से की और कहा कि 'सिराज जब बॉलिंग करते हैं तो ऐसा लगता है मानो जान झोंक देते हैं। स्टोक्स भी बिल्कुल ऐसे ही हैं। मैदान में उतरते ही दोनों खिलाड़ी सब कुछ झोंक देते हैं। यही जज्बा उन्हें खास बनाता है।”
मैदान पर तनाव: खेल की भावना का हिस्सा
गूच ने भारत-इंग्लैंड सीरीज़ के दौरान हुए कई गर्मागर्म पलों पर भी प्रतिक्रिया दी और कहा कि यह सब प्रतिस्पर्धा का हिस्सा होता है।“जब दो टीमें इतने कड़े मुकाबले में भिड़ रही हों, तो मैदान पर तनाव स्वाभाविक है। कभी-कभी शब्दों की गर्मी होती है लेकिन यह सब खेल की भावना में ही आता है। मैच के बाद सब सामान्य हो जाता है।”
(भाषा)
