सिडनी: भारतीय क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में पर्थ में अच्छी शुरुआत के बाद हाल बेहाल हो गया। सीरीज के चार टेस्ट मैच खेले जा चुके हैं और टीम इंडिया 1-2 के अंतर से पीछे चल रही है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज गंवाने के बाद भारतीय टीम का लगातार तीसरी बार वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में खेलने का सपना तकरीबन टूट गया है। सीरीज का पांचवां और आखिरी टेस्ट बाकी है जो सिडनी में खेला जाना है। अगर भारतीय टीम इस मैच को जीत लेती है तो भी ऑस्ट्रेलिया में खिताबी जीत की हैट्रिक पूरी नहीं कर पाएगी।
चयनकर्ताओं ने नहीं पूरी की गंभीर का मांग
भारतीय गेंदबाज अपना काम बखूबी कर रहे हैं लेकिन रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे अनुभवी बल्लेबाज लगातार टीम को निराश कर रहे हैं। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, हेड कोच गौतम गंभीर अनुभवी चेतेश्वर पुजारा को ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए टीम इंडिया में शामिल करना चाहते थे। पुजारा के पास 100 से ज्यादा टेस्ट मैच खेलने का अनुभव है लेकिन चयनकर्ताओं ने गंभीर की मांग को सिरे से खारिज कर दिया। पर्थ में खेले गए सीरीज के पहले टेस्ट मैच के बाद भी गंभीर पुजारा को टीम में लाने के लिए चर्चा करते रहे लेकिन किसी ने उनकी नहीं सुनी।
जून 2023 में पुजारा ने खेला था आखिरी टेस्ट
पुजारा ने भारत के लिए आखिरी बार साल 2023 में इंग्लैंड को ओवल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में खेलते नजर आए थे। उसके बाद से वो टीम इंडिया के टेस्ट सेटअप से बाहर हैं। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल की दो पारियों में 14 और 27 रन बना सके थे। भारत को मात देकर ऑस्ट्रेलिया ने खिताब अपने नाम किया था।
पिछले दो दौरों पर पुजारा बने थे टीम इंडिया के लिए दीवार
भारतीय बल्लेबाज ऑस्ट्रेलिया में लगातार नाकाम हो रहे हैं। ऐसे में पुजारा जैसे प्लेयर की वाकई में टीम में कमी खर रही है। पुजारा का ऑस्ट्रेलिया में रिकॉर्ड भी शानदार रहा है। उन्होंने यहां खेले 11 टेस्ट मैच में 47.28 के औसत से 993 रन भी बनाए हैं। हो सकता है कि वो कुछ अंतर पैदा कर पाते। पुजारा साल 2018-19 की सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी थे। उन्होंने 1258 गेंद का सीरीज के दौरान सामना करते हुे 521 रन बनाए थे। वो ऐतिहासिक सीरीज जीत में टीम की बल्लेबाजी की रीढ़ साबित हुए थे। तीन साल बाद उन्होंने बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में 928 गेंद में 271 रन बनाए थे। इस बार भी सीरीज जीत में उनकी भूमिका अहम थी। वो टीम के लिए कंगारू गेंदबाजों के सामने अभेद दीवार बनकर खड़े थे।
पुजारा की गैरमौजूदगी पर हेजलवुड ने जाहिर की थी खुशी
ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड ने सीरीज के आगाज से पहले चेतेश्वर पुजारा की जमकर तारीफ की थी और कहा था वो खुश हैं कि सौराष्ट्र का ये बल्लेबाज इस बार भारतीय टीम का हिस्सा नहीं है। हेजलवुड ने कहा था, मुझे खुशी है कि चेतेश्वर पुजारा यहां नहीं है। वो ऐसे खिलाड़ी हैं जो पिच पर लंबे समय तक टिके रहते हैं आपको उनका विकेट हासिल करने के लिए मेहनत करनी पड़ी है। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के पिछले दौरों में अच्छा प्रदर्शन किया था।
