Can Cricket pitch be changed during the Game: क्रिकेट एक ऐसा खेल है जो अपनी जटिलताओं और नियमों के लिए जाना जाता है। इस रोमांचक स्पोर्ट को खेलने के लिए जहां गेंद और बल्ले की जरूरत होती है वहीं बिना पिच के इसका आनंद लेना नामुंकिन है। क्रिकेट के मैच में पिच का खास महत्व होता है और इसी पर मैच का परिणाम भी कई बार निर्भर करता है। लेकिन क्या मैच के दौरान पिच को बदला जा सकता है? यह एक ऐसा सवाल है जो कई क्रिकेट प्रेमियों के मन में आता है। आइए जानते हैं कि इस पर ICC के नियम क्या कहते हैं।
क्रिकेट पिच बदलने की नियम जानने से पहले आपको ये बता देते हैं कि नियमों के मुताबिक क्रिकेट की पिच 22 गज की होनी चाहिए और 10 फीट चौड़ी होनी चाहिए। अगर इसका पालन नहीं किया जाता है तो उस पिच को वैद्य नहीं माना जाएगा। पिच की स्थिति और प्रकार, जैसे कि वह हरी, सूखी, या धूलभरी है, खेल के दौरान बल्लेबाज और गेंदबाज दोनों को प्रभावित करती है। पिच कैसी होगी ये पूरी तरह से मैदान के क्यूरेटर पर ही निर्भर करता है।
क्या मैच के दौरान बदली जा सकती है पिच?
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के नियमों के अनुसार, मैच के दौरान पिच को बदलने की अनुमति नहीं है। पिच को बदलने का निर्णय केवल अत्यधिक असामान्य परिस्थितियों में लिया जा सकता है। ये परिस्थितियां आमतौर पर तब उत्पन्न होती हैं जब पिच पूरी तरह से खेलने के लिए अनुपयुक्त हो जाती है। एमसीसी के नियम 7.2 कहता है कि यदि पिच खेल के दौरान गंभीर रूप से खराब हो जाती है और खिलाड़ियों की सुरक्षा को खतरा होता है, तो मैच अधिकारी (अंपायर और रेफरी) पिच को बदलने का निर्णय ले सकते हैं। हालांकि पिच बदलने से पहले दोनों टीमों के कप्तानों की मंजूरी लेना जरूरी है।
इन वजहों से बदली जा सकती है पिच
1. पिच का अत्यधिक खराब होना: अगर पिच में बड़ी दरारें आ जाएं या बहुत असमान उछाल हो जिससे सभी को परेशानी हो रही हो तो पिच बदली जा सकती है।
2. खिलाड़ियों की सुरक्षा: अगर पिच पर खेलना खतरनाक हो, जैसे तेज गेंदों का अनियमित उछाल तो पिच को बदला जा सकता है।
3. प्राकृतिक आपदाएं: भारी बारिश या अन्य प्राकृतिक आपदाओं के कारण पिच खेलने योग्य न हो ऐसी परिस्थिति में इसे बदला जा सकता है।
कैसे बदली जाती है पिच
क्रिकेट पिच बदलने प्रकिया लंबी है। इसमें सबसे पहले मैच को अस्थाई रुप से रोक दिया जाता है। इसके बाद अगर मुख्य पिच के पास में कोई अच्छी प्रेक्टिस विकेट मौजूद होती है तो उसे तैयार कर नई पिच का रुप दिया जाता है। अगर ऐसा नहीं होता है तो मैदान के उसी क्षेत्र में दूसरी पिच तैयार की जाती है। नई पिच से ढलने के लिए दोनों टीमों को पर्याप्त समय दिया जाता है।
