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इंग्लैंड क्रिकेट टीम के कोच मैकुलम भड़के, बोले बैजबॉल को लेकर गलतफहमी खिलाड़ियों का अनादर

Brendon McCullum opens up on BAZBALL: इंग्लैंड के मुख्य कोच ब्रेंडन मैकुलम का मानना ​​है कि क्रिकेट का बैजबॉल ब्रांड कोई कड़ी खेल शैली नहीं है बल्कि यह खिलाड़ियों को स्वच्छंद होकर खेलने की छूट देने से जुड़ा है तथा इसको लेकर गलत धारणाएं खिलाड़ियों के लिए अपमानजनक है।

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ब्रैंडन मैकुलम (Instagram/Bazmccullum42)

इंग्लैंड के मुख्य कोच ब्रेंडन मैकुलम का मानना है कि क्रिकेट का बैजबॉल ब्रांड कोई कड़ी खेल शैली नहीं है बल्कि यह खिलाड़ियों को स्वच्छंद होकर खेलने की छूट देने से जुड़ा है तथा इसको लेकर गलत धारणाएं खिलाड़ियों के लिए अपमानजनक है। मैकुलम ने 2022 में इंग्लैंड की टेस्ट टीम की कमान संभाली और आक्रामक अंदाज में क्रिकेट खेलने को प्राथमिकता दी। क्रिकेट जगत ने इस शैली को बैजबॉल नाम दिया लेकिन मैकुलम को यह शब्द पसंद नहीं है।

'बीबीसी स्पोर्ट' की रिपोर्ट के अनुसार, मैकुलम ने 'फॉर द लव ऑफ क्रिकेट' पॉडकास्ट में कहा, "हमारे अंदर कभी भी अपने बारे में ऐसी मानसिकता नहीं रही है। चीजों को लेकर हमारा रवैया सख्त नहीं है।" उन्होंने कहा, "हम जिस तरह की क्रिकेट खेलते हैं उसको लेकर कुछ गलत धारणा है। मुझे लगता है कि यह सभी खिलाड़ियों और टीम के अन्य सदस्यों के लिए अपमानजनक है। हम कड़ी मेहनत करते हैं और सफल होना चाहते हैं लेकिन हमें इस तरह से वर्गीकृत करना सही नहीं है।"

न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान ने कहा कि उनका जोर हमेशा खिलाड़ियों की मानसिकता पर रहा है, न कि किसी विशेष तरीके से खेलने पर। मैकुलम ने कहा, "हमारे लिए यह एक ऐसा माहौल तैयार करने से जुड़ा है जिसमें हम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के दबाव को झेलने और अपनी भूमिका को अच्छी तरह से समझने पर जोर देते हैं। हम चाहते हैं कि हमारे खिलाड़ी अपने कौशल का खुलकर प्रदर्शन करें। इसलिए एक निश्चित शैली या खेलने के तरीके पर विश्वास रखने से हमारी सफलता की संभावना बढ़ जाती है।"

Shivam Awasthi
शिवम अवस्थीauthor

शिवम् अवस्थी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स डेस्क के इंचार्ज हैं। इनको खेल पत्रकारिता में तकरीबन 17 सालों का अनुभव है। इनको क्रिकेट, फुटबॉल और टेनिस में खास रुचि है। उन्हें खेलना भी पसंद है और वो देहरादून में फुटबॉल व क्रिकेट इंटर डिस्ट्रिक्ट चैंपियनशिप में विजेता टीम के कप्तान भी रहे। पत्रकारिता में कदम रखने के कुछ समय बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 का संपूर्ण फील्ड कवरेज किया और कई ब्रेकिंग न्यूज दी। कई चर्चित भारतीय एथलीटों के इंटरव्यू लिए हैं। 2011 वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप का ऑनफील्ड रहकर शहर-शहर घूमते हुए पूरा टीवी कवरेज किया। विश्व कप से पहले युवा विराट कोहली का इंटरव्यू किया। डिजिटल जैसे-जैसे आगे बढ़ा उन्हें ब्रेट ली, सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़, जैसे तमाम धुरंधरों के साक्षात्कार किए और 16 वर्षीय ऋषभ पंत का पहला डिजिटल इंटरव्यू किया जिसे इंग्लिश और हिंदी वेबसाइट पर काफी रीडरशिप मिली। उन्होंने स्पोर्ट्स मल्टी पॉडकास्ट भी किया। आईपीएल के 18 सीजन से ऑनफील्ड जुड़े रहे। अब तक तकरीबन 6000 से ज्यादा एक्सक्लूसिव स्टोरीज लिख चुके हैं। साल 2025 में खेल जगत के तमाम बड़े रिकॉर्ड्स व आंकड़ों को ट्रैक किया है और उन पर आर्टिकल तैयार किए हैं।

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