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बैटिंग या बॉलिंग ऑलराउंडर! जानिए खुद को क्या मानते हैं अक्षर पटेल?

  • Authored by: नवीन चौहान
  • Updated Feb 18, 2023, 07:14 PM IST

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर गावस्कर टेस्ट सीरीज के दौरान लगातार दूसरा अर्धशतक जड़ने के बाद अक्षर पटेल ने बताया है कि वो खुद को क्या मानते हैं बॉलिग ऑलराउंडर या बैटिंग ऑलराउंडर?

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अक्षर पटेल

Photo : AP

नई दिल्ली: ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में बल्ले से धमाल मचा रहे युवा ऑलराउंडर अक्षर पटेल टेस्ट टीम की अहम कड़ी बन गए हैं। नागपुर टेस्ट में 84 रन की पारी खेलने वाले अक्षर पटेल ने दिल्ली टेस्ट में 74 रन की पारी खेली और टीम को 7 विकेट पर 139 रन से उबारकर 262 रन के स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका अदा की। अक्षर ने अपनी पारी के दौरान 9 चौके और 3 छक्के जड़े। उन्होंने इस दौरान रविचंद्रन अश्विन के साथ आठवें विकेट के लिए 114 रन की साझेदारी की।

अक्षर ने दूसरे दिन का खेल खत्म होने के बाद अपनी अर्धशतकीय पारी के बारे में कहा, रन बनते हैं तो अच्छा ही लगता है। ये दिन हमारे लिए बेहद अहम था हम कैसी मुश्किल परिस्थिति में थे और वहां से वापसी की वो बात अच्छी थी।'

गेंद के बल्ले पर आने से बढ़ा आत्मविश्वास

दबाव के वक्त पूरे आत्मविश्वास के साथ बैटिंग करने के बारे में अक्षर ने कहा, डिफेंस के दौरान जब गेंद बल्ले के बीचों बीच लग रही थी। उसकी वजह से मुझे लगा कि आत्मविश्वास ज्यादा है। इसके बाद मैंने खराब गेंदों पर बड़े शॉट्स खेलने और उन्हें बाउंड्री में तब्दील करने की कोशिश की। जो अच्छी गेंदें थीं उन्हें मैं सम्मान दे रहा था और जो गेंद मेरे एरिया में आ रही थी उनपर अटैक कर रहा था।

बैटिंग या बॉलिंग ऑलराउंडर?

ऐसे में दिनेश कार्तिक ने अक्षर से पूछा कि आप खुद को बैटिंग ऑलराउंडर मानते हैं या बॉलिंग ऑलराउंडर? इसके जवाब में अक्षर ने कहा, मुझसे वेस्टइंडीज दौरे पर भी यही सवाल पूछा गया था कि मैं बैटिंग ऑलराउंडर हूं या बॉलिंग ऑलराउंडर? मैं यही कहना चाहूंगा कि अगर मेरे बल्ले से रन निकल रहे हैं तो मैं बैटिंग ऑलराउंडर हूं और अगर विकेट आने लगेंगे तो तो मैं बॉलिंग ऑलराउंडर बन जाउंगा।

बल्ले पर धीमी गति से आ रही थी गेंद

74 रन की पारी के दौरान खेले शानदार शॉट्स के बारे में अक्षर ने कहा, जब मैं बल्लेबाजी कर रहा था और खेलने का आदी हो गया तो लगा कि गेंद ज्यादा तेज गति से नहीं आ रही है। मुझे लगा कि गेंद को मैं बैकफुट से ज्यादा कनेक्ट कर सकूंगा। विकेट स्लो होती जा रही थी तो खेलने के लिए थोड़ा ज्यादा वक्त मिल रहा था इसी वजह से स्कवैर कट लग रहे थे। जो लाफ्टेड शॉट थे वो मैंने बांए हाथ के स्पिनर के खिलाफ खेले। क्योंकि उसकी गेंद मेरे लिए अंदर की तरफ आती है।

तीसरे दिन का पहला सत्र रहेगा अहम

जीत के लिए ऑस्ट्रेलिया को किस स्कोर तक रोकना आसान होगा? इसके जवाब में अक्षर ने कहा, मुझे लगता है कि ऑस्ट्रेलियाई टीम को जितने कम स्कोर पर रोकेंगे। गेंद सुबह के सत्र में पिच पर चिपककर आती है। अगर हम उस दौरान 2-3 विकेट जल्दी लेते हैं तो कम से कम स्कोर बनेगा।
नवीन चौहान
नवीन चौहानauthor

नवीन चौहान टाइम्स नाउ नवभारत की स्पोर्ट्स टीम में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा प्राप्त करने के बाद वे पिछले 15 वर्षों से सक्रिय रूप से मीडिया जगत में जुड़े हैं। प्रिंट मीडिया और डिजिटल—दोनों माध्यमों में काम करने के अनुभव ने उन्हें खेल पत्रकारिता में व्यापक दृष्टिकोण और गहरी समझ प्रदान की है। अपने लंबे करियर में नवीन ने कई बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। इनमें आईपीएल, बैडमिंटन प्रीमियर लीग, इंडियन सुपर लीग, टी20 विश्व कप, आईसीसी विश्व कप, और तीन ओलंपिक—लंदन, रियो और टोक्यो—जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट शामिल हैं। नवीन चौहान ने अपने करियर में कई प्रसिद्ध भारतीय खिलाड़ियों और कोचों के इंटरव्यू भी किए हैं, जिनमें पीवी सिंधू, विजेंदर सिंह और पुलेला गोपीचंद जैसे नाम शामिल हैं। अब तक नवीन 15,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं, जिनमें ग्राउंड रिपोर्टिंग, विश्लेषणात्मक लेख, स्पेशल स्टोरीज़, प्लेयर प्रोफाइल और टूर्नामेंट-आधारित एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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