एडिलेड: ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच एशेज 2025-26 का तीसरा टेस्ट 17 दिसंबर से एडिलेड में खेला जाएगा। इस मुकाबले से पहले ऑस्ट्रेलियाई टीम में अनुभवी सलामी बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा के संभावित चयन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। अगर ख्वाजा इस टेस्ट मैच का हिस्सा बनते हैं, तो वह पिछले 40 वर्षों में ऑस्ट्रेलिया के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलने वाले 39 साल के पहले ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी बनकर एक अनूठा रिकॉर्ड बनाएंगे।
जन्मदिन से ठीक पहले इतिहास रचने का मौका
उस्मान ख्वाजा 18 दिसंबर को अपना 39वां जन्मदिन मनाएंगे। एडिलेड टेस्ट, जो 17 दिसंबर से शुरू हो रहा है, अगर वह खेलते हैं, तो यह उपलब्धि उनके करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव होगी। पिछले 40 सालों में कोई भी ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर 39 साल की उम्र में टेस्ट कैप नहीं पहन सका है।
चोट से वापसी और कोच का बयान
ख्वाजा पीठ की चोट से जूझ रहे थे, जिसके चलते वह ब्रिसबेन में खेले गए दूसरे टेस्ट से बाहर रहे थे। हालांकि, ऑस्ट्रेलियाई हेड कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड ने मंगलवार को मीडिया से बात करते हुए संकेत दिया कि ख्वाजा एडिलेड टेस्ट में वापसी कर सकते हैं, लेकिन उन्हें ओपनर की जगह मध्यक्रम (मिडिल ऑर्डर) में खेलना होगा।
कोच मैकडोनाल्ड ने कहा कि, "पिछला टेस्ट मैचों में ट्रेविस हेड और जेक वेदराल्ड की सलामी जोड़ी ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। उनकी जोड़ी के साथ छेड़छाड़ करना सही नहीं होगा।"
ख्वाजा की भूमिका में बदलाव: मध्यक्रम में लचीलापन
कोच मैकडोनाल्ड ने ख्वाजा के ओपनिंग के अलावा अन्य क्रम पर खेलने की क्षमता पर भरोसा जताया। उन्होंने कहा, "माना जाता है कि ख्वाजा सिर्फ ओपनिंग ही कर सकते हैं, लेकिन मुझे लगता है कि उनमें लचीलापन (फ्लेक्सिबिलिटी) है। हमारे पास बल्लेबाजों का एक ऐसा ग्रुप है, जिनमें किसी भी क्रम पर खेलने और प्रदर्शन करने का लचीलापन है। जैसे-जैसे सीरीज आगे बढ़ेगी, विरोधी टीम हमारे लिए चुनौती खड़ी कर सकती है। हम इसके लिए तैयार हैं।"
यह ध्यान देने योग्य है कि पहले टेस्ट की पहली पारी में ख्वाजा चौथे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए आए थे और केवल 2 रन ही बना पाए थे। अब देखना होगा कि मध्यक्रम में उनकी भूमिका क्या रहती है।
ख्वाजा का टेस्ट करियर: अनुभव का भंडार
2011 में टेस्ट करियर की शुरुआत करने वाले उस्मान ख्वाजा का अनुभव ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए अमूल्य है। उन्होंने अब तक 85 टेस्ट मैच खेले हैं, जिसमें 16 शतक और 27 अर्धशतक की मदद से 6,055 रन बनाए हैं। उनका औसत 43.56 का है। ख्वाजा की वापसी से टीम के मध्यक्रम को अनुभव और स्थिरता मिलेगी।
सबसे ज्यादा उम्र में खेलने का रिकॉर्ड
रिकॉर्ड्स की बात करें तो, ऑस्ट्रेलिया के लिए सबसे ज्यादा उम्र में टेस्ट खेलने का रिकॉर्ड हैरी आयरनमॉन्गर के नाम है, जिन्होंने 50 साल 327 दिन की उम्र में टेस्ट खेला था। वहीं, डॉन ब्लैकी ने 46 साल की उम्र में टेस्ट डेब्यू किया था। ख्वाजा भले ही इन रिकॉर्ड्स से दूर हों, लेकिन 39 की उम्र में खेलना अपने आप में एक दुर्लभ उपलब्धि होगी।
