स्पोर्ट्स

एशियाई खेलों की स्कीट स्पर्धा में भारत ने जीते दो कांस्य पदक, निशानेबाजी दल को मिली राहत

स्कीट निशानेबाजी बुधवार को एशियाई खेलों में भारत के लिए राहत लेकर आई और देश ने दो कांस्य पदक जीते। इन दो पदकों ने भारतीय निशानेबाजों के बीच छाए निराशा के बादलों को दूर करने में मददगार साबित हुई।

Image

कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय महिला स्कीट टीम (फोटो क्रेडिट SONY LIV Screen Grab)

नागोया: स्कीट निशानेबाजी बुधवार को एशियाई खेलों में भारत के लिए राहत लेकर आई और देश ने दो कांस्य पदक जीते। यह ऐसा दिन रहा जब पिस्टल स्पर्धाओं में भारतीय महिला निशानेबाजों का प्रदर्शन अपेक्षित नतीजे हासिल नहीं कर सका। भारत की पुरुष और महिला स्कीट टीम ने पोडियम पर जगह बनाकर शुरुआती दिन से उतार-चढ़ाव से गुजर रहे निशानेबाजी अभियान में कुछ चमक बिखेरी। व्यक्तिगत स्पर्धाओं में भी रोमांच रहा। पुरुष वर्ग में अनंतजीत सिंह नरूका और महिला वर्ग में रेजा ढिल्लों पदक के बेहद करीब पहुंचने के बाद चौथे स्थान पर रहे।

परिनाज धालीवाल, रेजा और माहेश्वरी चौहान ने दिलाया कांस्य

महिला टीम का कांस्य विशेष महत्व रखता है। परिनाज धालीवाल, रेजा और माहेश्वरी चौहान ने 375 में से 331 अंक जुटाकर एशियाई खेलों में भारत को स्कीट का पहला पदक दिलाया। चीन ने 357 अंक के खेलों के रिकॉर्ड के साथ टीम स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता जबकि कजाखस्तान ने 336 अंक के साथ रजत पदक हासिल किया। तीन दिन के क्वालीफिकेशन के बाद भारतीय टीम के पास गलती की बहुत कम गुंजाइश थी। प्रत्येक निशानेबाज ने 25 शॉट की पांच सीरीज पूरी की। परिनाज और रेजा दोनों ने 111 अंक बनाए जबकि माहेश्वरी ने 109 अंक का योगदान दिया जिससे भारत का कुल स्कोर 331 रहा।

व्यक्तिगत स्पर्धा के फाइनल में पदक से चूकीं रेजा

रेजा और परिनाज इसके बाद आठ निशानेबाजों के व्यक्तिगत फाइनल में भारत की उम्मीदें लेकर उतरीं। दोनों में अधिक अनुभवी और ओलंपियन रेजा फाइनल में लंबे समय तक पदक की दौड़ में बनी रहीं लेकिन निर्णायक चरण में चूक गईं और 23 अंक के साथ चौथे स्थान पर रहीं। परिनाज क्वालीफिकेशन के अपने प्रदर्शन को दोहरा नहीं सकीं और सबसे पहले बाहर होने वाली निशानेबाज रहीं। उन्हें आठवें स्थान से संतोष करना पड़ा। चीन की जियांग यितिंग ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 35 अंक के साथ स्वर्ण पदक जीता और विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की।

नरूका, मैराज अहमद खान और भवतेग सिंह गिल ने भी दिलाया कांस्य

महिलाओं के ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद भारतीय पुरुष टीम ने भी दिन का अंत एक और कांस्य पदक के साथ किया। नरूका, अनुभवी मैराज अहमद खान और भवतेग सिंह गिल की भारतीय टीम ने 346 अंक जुटाकर तीसरा स्थान हासिल किया। कतर ने 353 अंक के साथ स्वर्ण और कुवैत ने 348 अंक के साथ रजत पदक जीता। हालांकि नरूका व्यक्तिगत स्पर्धा में करीबी अंतर से पदक से चूक गए। इस 28 वर्षीय ओलंपियन ने शुरुआती दो दिन में शानदार प्रदर्शन करते हुए खुद को पदक के दावेदार के रूप में स्थापित किया था। उन्होंने सोमवार और मंगलवार को उल्लेखनीय निरंतरता के साथ 100 में से 96 अंक जुटाए और तीन अन्य निशानेबाजों के साथ क्वालीफिकेशन में संयुक्त रूप से शीर्ष पर रहे। क्वालीफिकेशन के अंतिम दौर में उनका प्रदर्शन थोड़ा कमजोर रहा। नरूका ने 25 में से 23 अंक बनाए लेकिन 119 के कुल स्कोर के साथ आठ निशानेबाजों के फाइनल में जगह बनाने और व्यक्तिगत पदक की उम्मीदें कायम रखने में सफल रहे। फाइनल में भी उन्होंने संयम बरकरार रखा लेकिन मुकाबला इतना कड़ा था कि गलती की कोई गुंजाइश नहीं थी।

व्यक्तिगत कांस्य से चूके नरूका

एशिया के सबसे सफल स्कीट निशानेबाजों में शामिल कतर के राशिद सालेह अल अथबा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 34 अंक के एशियाई रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता। चीन के ल्यू जियानलिन ने 33 अंक के साथ रजत जबकि चीनी ताइपे के ली मेंग-युआन ने 29 अंक के साथ कांस्य पदक हासिल किया। नरूका चौथे स्थान पर रहे। यह भारतीय निशानेबाज के लिए एक बार फिर निराशाजनक चौथा स्थान रहा। पेरिस ओलंपिक में भी वह माहेश्वरी के साथ मिश्रित टीम स्कीट स्पर्धा में चौथे स्थान पर रहकर पदक से चूक गए थे।

(भाषा)

Navin Chauhan
नवीन चौहानauthor

नवीन चौहान टाइम्स नाउ नवभारत की स्पोर्ट्स टीम में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा प्राप्त करने के बाद वे पिछले 15 वर्षों से सक्रिय रूप से मीडिया जगत में जुड़े हैं। प्रिंट मीडिया और डिजिटल—दोनों माध्यमों में काम करने के अनुभव ने उन्हें खेल पत्रकारिता में व्यापक दृष्टिकोण और गहरी समझ प्रदान की है। अपने लंबे करियर में नवीन ने कई बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। इनमें आईपीएल, बैडमिंटन प्रीमियर लीग, इंडियन सुपर लीग, टी20 विश्व कप, आईसीसी विश्व कप, और तीन ओलंपिक—लंदन, रियो और टोक्यो—जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट शामिल हैं। नवीन चौहान ने अपने करियर में कई प्रसिद्ध भारतीय खिलाड़ियों और कोचों के इंटरव्यू भी किए हैं, जिनमें पीवी सिंधू, विजेंदर सिंह और पुलेला गोपीचंद जैसे नाम शामिल हैं। अब तक नवीन 15,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं, जिनमें ग्राउंड रिपोर्टिंग, विश्लेषणात्मक लेख, स्पेशल स्टोरीज़, प्लेयर प्रोफाइल और टूर्नामेंट-आधारित एक्सप्लेनर शामिल हैं।

और पढ़ें
End of Article