चेन्नई: हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने चेन्नई में खेले गए एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में 4-3 के अंतर से मात देकर चौथी बार खिताब पर कब्जा कर लिया। भारत ने 1-3 के अंतर से पिछड़ने के बाद शानदार अदाज में वापसी करते हुए खिताब अपने नाम किया। फर्स्ट हाफ के बाद मलेशिया की टीम 1-3 से आगे चल रही थी। इसके बाद भारतीय टीम ने शानदार वापसी करते हुए तीसरे क्वार्टर में 3-3 की बराबरी की और अंत में निर्णायक गोल करके खिताब अपने नाम कर लिया। भारत के लिए जुगराज, आकाशदीप, हरमनप्रीत और गुरजंत सिंह ने किए। कप्तान हरमनप्रीत टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी रहे।
जुगराज ने खोला टीम इंडिया का खाता
मैच के नौवें मिनट में जुगराज सिंह ने भारतीय टीम का खाता खोला। जुगराज ने भारतीय टीम के हाथ आए पेनल्टी कॉर्नर को गोल में तब्दील करने में कोई चूक नहीं की और पहले क्वार्टर में ही टीम को 1-0 से आगे कर दिया। लेकिन 5 मिनट बाद ही मलेशिया ने जवाबी हमला किया और अरजई अबु कमाल ने फील्ड गोल करके मलेशिया को 1-1 की बराबरी पर ला दिया। पहले क्वार्टर के आखिरी मिनट में भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन कप्तान हरमनप्रीत उसे गोल में तब्दील नहीं कर सके। फाइनल मुकाबले के पहले क्वार्टर का अंत 1-1 की बराबरी के साथ हुआ।
मलेशिया के नाम रहा दूसरा क्वार्टर, हासिल की 3-1 की बढ़त
सेकेंड क्वार्टर के तीसरे मिनट में मलेशिया को अपना पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला और रहीम रेजी ने उसे गोल में तब्दील करके 2-1 की बढ़त हासिल कर ली। 27वें मिनट में मलेशिया को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला और उसने इसे भी गोल में तब्दील करके बढ़त को 3-1 कर दिया। मलेशिया के लिए तीसरा गोल मोहम्मद अमीनुद्दीन ने किया।
तीसरे क्वार्टर में टीम इंडिया की ने धमाकेदार वापसी
तीसरे क्वार्टर की शुरुआत मलेशिया की 1-3 की बढ़त के साथ हुई। ऐसे में 12 मिनट तक दोनों टीमें गोल नहीं कर सकीं। मैच के 43वें मिनट में भारत को पेनल्टी स्ट्रोक मिला जिसे कप्तान हरमनप्रीत ने गोल में तब्दील करने में कोई चूक नहीं की और स्कोर 3-2 हो गया। इसके दो मिनट बाद गुरजंत सिंह ने फील्ड गोल करके स्कोर को 3-3 की बराबरी पर ला दिया। तीसरे क्वार्टर का अंत 3-3 की बराबरी के साथ हुआ। भारत ने शानदार वापसी की और अंतिम क्वार्टर का रोमांच बढ़ा दिया।
आकाशदीप ने किया भारत के लिए विजयी गोल
चौथे और आखिरी क्वार्टर में दोनों टीमों ने गोल करने की पुरजोर कोशिश की। मलेशिया को 50वें मिनट में पेनल्टीकॉर्नर मिला जिसका फायदा वो नहीं उठा सकी। इसके बाद 54वें मिनट में भारत भी पेनल्टी कॉर्नर को गोल में तब्दील नहीं कर सका। हरमनप्रीत के शानदार प्रयास को मलेशिया के गोलकीपर ने नाकाम कर दिया। लेकिन अगले ही मिनट(55वें मिनट) भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिल गया और आकाशदीप ने उसे गोल में तब्दील करके 4-3 से आगे कर दिया। यही गोल अंत में निर्णायक साबित हुआ।
