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World Archary Championship: 17 साल की अदिति स्वामी ने रचा इतिहास, बनीं तीरंदाजी में भारत की पहली विश्व चैंपियन

  • Agency by: भाषा
  • Updated Aug 5, 2023, 06:33 PM IST

महाराष्ट्र के सतारा की 17 वर्षीय महिला तीरंदाज अदिति स्वामी ने इतिहास रच दिया है। वो तीरंदाजी विश्व चैंपियनशिप में व्यक्तिगत गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय बन गई हैं।

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अदिति स्वामी( साभार World Archary)

Photo : Twitter

बर्लिन: जूनियर विश्व खिताब जीतने के दो महीने से भी कम समय में भारत की 17 साल की अदिति स्वामी शनिवार को विश्व तीरंदाजी चैंपियनशिप के कंपाउंड महिला फाइनल में शनिवार को मैक्सिको की एंड्रिया बेसेरा को हराकर सीनियर विश्व चैंपियन बन गयीं। सतारा की इस किशोर खिलाड़ी ने जुलाई में लिमरिक में युवा चैंपियनशिप में अंडर-18 का खिताब जीता था। उन्होंने फाइनल में संभावित 150 अंकों में से 149 अंक के साथ मैक्सिको की खिलाड़ी को दो अंक से पछाड़ा।

फाइनल में दी मैक्सिको की एंड्रिया बेसेरा को मात

चैम्पियनशिप की 16वीं वरीयता प्राप्त खिलाड़ी एंड्रिया ने फाइनल में पहुंचने के क्रम में कई दिग्गजों को हराया था जिसमें प्री-क्वार्टर फाइनल में मौजूदा चैंपियन सारा लोपेज को मात देना भी शामिल है। एंड्रिया को फाइनल में छठी वरीयता प्राप्त भारतीय खिलाड़ी से शुरुआत से ही कड़ी चुनौती मिली। अदिति के शुरूआती तीनों तीर से निशाने के केंद्र में लगे जिससे उन्होंने पहले दौर में 30-29 की बढ़त बना ली। उन्होंने लय को जारी रखते हुए अगले तीन दौर में इस प्रदर्शन को दोहराया और तीन अंक की बढ़त बना ली।

2 अंक के अंतर से जीता गोल्ड

आखिरी दौर में उन्होंने एक निशाना नौ अंक का लगाया जबकि बाकी दो से 10-10 अंक बटोर कर कुल 149 अंक जुटाये। एंड्रिया 147 अंक ही बना सकी। इस प्रतियोगिता में यह उनका दूसरा स्वर्ण पदक है। अदिति ने परनीत कौर और ज्योति सुरेखा वेन्नम के साथ शुक्रवार को कंपाउंड महिला टीम फाइनल जीतकर भारत के लिए पहली बार विश्व तीरंदाजी चैंपियनशिप का स्वर्ण पदक हासिल किया था।

सेमीफाइनल में हमवतन ज्योति को दी थी मात

अदिति ने इससे पहले सेमीफाइनल में ज्योति को 149-145 से शिकस्त दी थी। ज्योति ने हालांकि कांस्य पदक जीता। उन्होंने तीसरे स्थान के प्ले-ऑफ में परफेक्ट 150 अंक जुटाकर तुर्की की इपेक टोमरुक को चार अंकों से हराया। ज्योति के पास अब विश्व तीरंदाजी चैंपियनशिप के तीन सत्र में एक स्वर्ण, चार रजत और तीन कांस्य पदक हैं।

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