अध्यात्म

माता दुर्गा को कभी न लगाएं इन 5 चीजों का भोग, मइया प्रसन्न की जगह हो जाएंगी नाराज

Mata Durga Puja: नवरात्रि में लोग माता दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए कई प्रकार के पकवान और फलों का भोग अर्पित करते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि मइया को कुछ चीजों का भोग लगाना वर्जित हैं। अगर नहीं तो आइए जानते हैं कि माता दुर्गा को किन चीजों का भोग नहीं लगाना चाहिए?

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Mata Durga Puja: शारदीय नवरात्रि हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण पर्व है, जिसमें माता दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। इस दौरान भक्त माता को विभिन्न प्रकार के भोग अर्पित करते हैं ताकि उनकी कृपा प्राप्त हो और मनोकामनाएं पूरी हों। शास्त्रों के अनुसार, माता दुर्गा को कुछ खास चीजों का भोग लगाना शुभ नहीं माना जाता है। वहीं, कुछ चीजों का भोग वर्जित है। इन चीजों का भोग लगाने से माता प्रसन्न की जगह नाराज हो सकती हैं। इससे आपको को अनचाहे परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। आइए जानते हैं कि माता दुर्गा को किन चीजों का भोग नहीं लगाना चाहिए?

माता दुर्गा को न लगाएं इन चीजों का भोग

नवरात्रि के दौरान माता दुर्गा को भोग अर्पित करते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। देवी भागवत पुराण, लिंग पुराण और ब्रह्मवैवर्त पुराण में कुछ फल, फूल और अन्य सामग्रियों को माता की पूजा में वर्जित बताया गया है।

नींबू

नींबू को माता दुर्गा के भोग में चढ़ाना शुभ नहीं माना जाता है। देवी भागवत पुराण के अनुसार नींबू तीक्ष्ण और खट्टा होता है, जो माता की सात्विक और शांत प्रकृति के विपरीत है। इसके बजाय, सात्विक फल जैसे अनार, सेब, या जटा वाला नारियल चढ़ाना शुभ माना जाता है।

इमली

इमली भी माता दुर्गा को भोग में चढ़ाने के लिए वर्जित है। स्कंद पुराण के अनुसार कि इमली का भोग माता को नहीं लगाना चाहिए। इस कारण माता के प्रसाद में इमली की चटनी आदि का प्रयोग नहीं करना चाहिए।

सूखा नारियल

सूखा नारियल माता दुर्गा को भोग में नहीं चढ़ाना चाहिए। देवी भागवत पुराण के अनुसार माता दुर्गा को ताजा, जटा वाला नारियल अर्पित करना शुभ माना जाता है, क्योंकि यह समृद्धि और पवित्रता का प्रतीक है। सूखा नारियल चढ़ाने से पूजा का फल कम हो सकता है।

नाशपाती

नाशपाती को माता दुर्गा के भोग में चढ़ाना वर्जित है। ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार नाशपाती को शुभ फल नहीं माना जाता है।

अंजीर

अंजीर भी माता दुर्गा को भोग में चढ़ाने के लिए उपयुक्त नहीं है। लिंग पुराण में के अनुसार अंजीर तामसिक गुण का फल है, जिसके कारण माता को इसका भोग नहीं लगाया जाता है।

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्रों पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।

Mohit Tiwari
मोहित तिवारीauthor

मोहित तिवारी को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव है। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रतिष्ठित न्यूजपेपर में फील्ड रिपोर्टिंग से की थी। मोहित ने प्रिंट, टीवी और डिजिटल तीनों प्लेटफॉर्म पर काम किया है। देश-विदेश, लाइफस्टाइल, धर्म और आध्यात्मिक विषयों में गहरी रुचि रखने वाले मोहित ने ज्योतिष का भी व्यापक अध्ययन किया है। मोहित के आलेख लाइफस्टाइल, हेल्थ, न्यूज, धर्म, ज्योतिष आदि विषयों पर गहरी शोध और प्रामाणिकता पर आधारित होते हैं और इन विषयों पर वह 12,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं।

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