अध्यात्म

Nowruz 2023: नवरोज क्या है, इसे कब मनाया जाता है, जानिए इसकी परंपरा और सेलिब्रेट करने के तरीके

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 21, 2023, 11:58 AM IST

Nowruz 2023 Day, Date, History: आज यानी 21 मार्च को पारसियों का नववर्ष है जिसे नवरोज के रूप में सेलिब्रेट किया जाता है। इस दिन पारसी समुदाय के लोग बड़े धूमधाम से उत्सव मनाते हैं। तैयार होकर अपने प्रियजनों के घर जाते और एक-दूसरे को नववर्ष की बधाई देते हैं।

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नवरोज को वसंत ऋतु का प्रतीक भी माना जाता है।

Nowruz 2023: दुनिया भर में नव वर्ष मनाने के तरीके अलग-अलग हैं। इसे सेलिब्रेट करने को लेकर सभी धर्म या समुदाय की अपनी अलग मान्यताएं हैं। इसी तरह पारसी धर्म में नववर्ष को नवरोज या नौरोज के रूप में मनाया जाता है। यहां नवरोज का अर्थ है- नया दिन। दरअसल, यह पारसी कैलेंडर का पहला दिन होता है। नवरोज को वसंत ऋतु का प्रतीक भी माना जाता है। आपको बता दें कि इस बार नवरोज आज यानी 21 मार्च को मनाया जा रहा है। कई इस्लामिक देश इसे परंपरागत तरीके से मनाते हैं। आइए जानते हैं नवरोज से जुड़ी कुछ खास बातें।

नवरोज कब मनाया जाता है? (When is Nowruz Celebrated?):

नवरोज पारसी समुदाय में नव वर्ष के रूप में बड़े धूमधाम से सेलिब्रेट किया जाता है। नवरोज को वसंत ऋतु की शुरुआत और सर्दियों के अंत का प्रतीक माना जाता है। यह ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार, हर साल मार्च के मध्य आता है। इस बार नवरोज 21 मार्च को है।

नवरोज क्यों मनाया जाता है? (Why Nowruz Is Celebrated?)

नवरोज की जड़ें ईरान में हैं। मगर, इसे कई इस्लामिक देशों में भी मनाया जाता है। ये लगभग तीन हजार साल पहले से मनाया जा रहा है। नवरोज उत्तरी गोलार्ध में वसंत ऋतु का प्रतीक माना जाता है। इतना ही नहीं नवरोज सर्दियों के अंत को भी चिन्हित करता है। दरअसल, इसी दिन सूर्य आकाशीय भूमध्य रेखा को पार करता है, जिसके कारण दिन बड़े होने लगते हैं।

नवरोज मनाने की परंपरा (How Nowruz is Celebrated?)

नवरोज या पारसी नव वर्ष को कई मजेदार तरीकों और परंपराओं से मनाया जाता है। इस दिन लोग अंडों को कलर करके उसे डेकोरेट करते हैं।पारसी लोग इस नवरोज वाले दिन अपने देवता की पूजा करते हैं। साथ ही इस उत्सव के मौके पर लोग एक-दूसरे के घर जाकर उन्हें तोहफा भी देते हैं। इस दिन कई तरह के पकवान बनाकर दावत की पुरानी परम्परा रही है। पारसी व्यंजनों में धंसक, झींगे, फरचा, मीठी सेव दही, बेरी पुलाव आदि बहुत कुछ बनाया जाता है।

नवरोज की पारंपरिक ड्रेसकोड

नवरोज पर पुरुष और महिलाएं दोनों ही पारंपरिक ड्रेस पहनकर तैयार होते हैं। महिलाएं इस दिन पारंपरिक गारा साड़ी पहनती हैं। वहीं, पुरुष एक लंबी मलमल की शर्ट, ढीली सूती पतलून, और एक सफेद कपड़े की रेशमी टोपी पहनते हैं।

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