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Vishnu Ji Ki Aarti In Hindi: ओम जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे... विष्णु भगवान की आरती लिरिक्स

  • Authored by: लवीना शर्मा
  • Updated Nov 23, 2023, 07:58 PM IST

Vishnu Aarti (विष्णु भगवान की आरती): देव उठनी एकादशी और तुलसी विवाह पर शाम की पूजा के समय जरूर करें भगवान विष्णु की आरती। ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी! जय जगदीश हरे। भक्तजनों के संकट क्षण में दूर करे... अंदर पढ़ें पूरे लिरिक्स।

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Vishnu Bhagwan Ki Aarti Lyrics In Hindi

Vishnu Bhagwan Ki Aarti (Om Jai Jagdish Hare Aarti Lyrics In Hindi): देव उठनी एकादशी भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने के लिए खास मानी जाती है। इस दिन कई लोग तुलसी विवाह (Tulsi Vivah) भी करते हैं। कहते हैं इस एकादशी का व्रत रखने वाले व्यक्ति को हर कष्ट से मुक्ति मिल जाती है और मरने के बाद बैकुंठ धाम की प्राप्ति होती है। इस दिन जो व्यक्ति सच्चे मन से विधि विधान विष्णु जी की पूजा करके उनकी आरती करता है उसका जीवन सुख-सुविधाओं से भर जाता है। यहां देखिए भगवान विष्णु की आरती के लिरिक्स हिंदी (Bhagwan Vishnu Aarti Lyrics) में।

Vishnu Ji Ki Aarti Lyrics In Hindi

ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी! जय जगदीश हरे।

भक्तजनों के संकट क्षण में दूर करे॥

जो ध्यावै फल पावै, दुख बिनसे मन का।

सुख-संपत्ति घर आवै, कष्ट मिटे तन का॥ ॐ जय...॥

मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूं किसकी।

तुम बिनु और न दूजा, आस करूं जिसकी॥ ॐ जय...॥

तुम पूरन परमात्मा, तुम अंतरयामी॥

पारब्रह्म परेमश्वर, तुम सबके स्वामी॥ ॐ जय...॥

तुम करुणा के सागर तुम पालनकर्ता।

मैं मूरख खल कामी, कृपा करो भर्ता॥ ॐ जय...॥

तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति।

किस विधि मिलूं दयामय! तुमको मैं कुमति॥ ॐ जय...॥

दीनबंधु दुखहर्ता, तुम ठाकुर मेरे।

अपने हाथ उठाओ, द्वार पड़ा तेरे॥ ॐ जय...॥

विषय विकार मिटाओ, पाप हरो देवा।

श्रद्धा-भक्ति बढ़ाओ, संतन की सेवा॥ ॐ जय...॥

तन-मन-धन और संपत्ति, सब कुछ है तेरा।

तेरा तुझको अर्पण क्या लागे मेरा॥ ॐ जय...॥

जगदीश्वरजी की आरती जो कोई नर गावे।

कहत शिवानंद स्वामी, मनवांछित फल पावे॥ ॐ जय...॥

कैसे करें विष्णु जी की आरती

आरती करने से पहले भगवान विष्णु की प्रतिमा को पीले कपड़े पर स्थापित करें। फिर पूर्व दिशा की तरफ मुख करके भगवान का ध्यान करें। उनके मंत्रों का जाप करें। विष्णु चालीसा पढ़ें। भगवान को पीली चीजों का भोग लगाएं। श्री हरि विष्णु की पूजा में तुलसी का प्रयोग जरूर करें। अंत में भगवान की आरती उतारें।

लवीना शर्मा
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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