Vinayak Chaturthi 2025 Date, Time, Puja Vidhi (विनायक चतुर्थी 2025): सनातन धर्म में शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि का विशेष महत्व है, क्योंकि ये दिन विघ्नहर्ता भगवान गणेश के पूजन और व्रत के लिए समर्पित होता है। गणेश जी की पूजा करने से व्यक्ति के जीवन में सुख, समृद्धि और सौभाग्य की वृद्धि होती है। ये दिन खासतौर पर उन व्यक्तियों के लिए महत्वपूर्ण होता है जो किसी विशेष कार्य में विघ्न आ जाने या किसी परेशानी का सामना कर रहे होते हैं। व्रत के दौरान भगवान गणेश की आराधना की जाती है जिससे जीवन में सकारात्मकता बढ़ती है। ऐसे में चलिए जानते हैं विनायक चतुर्थी की पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और महत्व के बारे में।
विनायक चतुर्थी 2025 शुभ मुहूर्त (Vinayak Chaturthi 2025 Shubh Muhurat)
वैदिक पंचांग के अनुसार, 27 जुलाई को देर रात 10 बजकर 41 मिनट पर सावन माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी की शुरुआत होगी। वहीं, 28 जुलाई को देर रात 11 बजकर 24 मिनट पर सावन माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि का समापन होगा। सनातन धर्म में सूर्योदय से तिथि की गणना की जाती है। इसके लिए 28 जुलाई को विनायक चतुर्थी मनाई जाएगी।
विनायक चतुर्थी पूजा विधि (Vinayak Chaturthi Puja Vidhi)
- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें।
- विनायक चतुर्थी के व्रत का संकल्प लें।
- भगवान गणेश की प्रतिमा को गंगाजल से स्नान कराएं।
- पंचामृत से स्नान कराएं।
- जल से स्नान कराएं।
- चंदन, रोली, कुमकुम और फूल चढ़ाएं।
- लड्डू और मोदक का भोग अर्पित करें।
- भगवान गणेश के मंत्रों का जाप करें।
- विनायक चतुर्थी व्रत कथा का पाठ करें।
- आरती करें और पूजा समाप्त करें।
विनायक चतुर्थी का महत्व (Vinayak Chaturthi ka Mahatva)
भगवान गणेश को प्रथम पूजनीय देवता के रूप में पूजा जाता है। हिंदू धर्म में विनायक चतुर्थी का व्रत बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विनायक चतुर्थी के दिन व्रत-पूजन करने से भगवान गणपति प्रसन्न होकर अपना आशीर्वाद भक्तों को प्रदान करते हैं। भगवान गणेश की कृपा से घर में सुख-शांति और समृद्धि का वास बना रहता है तथा व्यक्ति को ज्ञान और बुद्धि प्राप्त होती है। विनायक चतुर्थी के दिन जरूरतमंदों को वस्त्रों और अन्न का दान करना शुभ माना जाता है।
