अध्यात्म

Vinayak Chaturthi 2023: आज है विनायक चतुर्थी व्रत, हिंदी में यहां देखें व्रत कथा

  • Authored by: दीपक पोखरिया
  • Updated Apr 23, 2023, 06:25 AM IST

Vinayak Chaturthi 2023: हिंदू पंचांग के अनुसार हर महीने की शुल्क पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी (Vinayak Chaturthi 2023) होती है। वैशाख माह की शुक्ल पक्ष चतुर्थी आज यानी 23 अप्रैल को मनाई जा रही है।

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Vinayak Chaturthi 2023: आज है विनायक चतुर्थी व्रत।

Photo : iStock

Vinayak Chaturthi 2023: विनायक चतुर्थी (Vinayak Chaturthi) व्रत भगवान गणेश (Lord Ganesha) को समर्पित है। हिंदू पंचांग के अनुसार हर महीने की शुल्क पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी (Vinayak Chaturthi 2023) होती है। वैशाख माह की शुक्ल पक्ष चतुर्थी आज यानी 23 अप्रैल को मनाई जा रही है। आज विनायक चतुर्थी व्रत रखा जाएगा। वहीं भगवान गणेश जी की पूजा करने से भक्तों के सभी कष्ट और कलेश दूर हो जाते हैं। विनायक चतुर्थी के दिन व्रत रखने वालों को इस दिन जरूर ये व्रत कथा (Vinayak Chaturthi Vrat Katha in Hindi) पढ़नी चाहिए।

विनायक चतुर्थी व्रत कथा हिंदी में (Vinayak Chaturthi Vrat Katha in Hindi)

एक दिन नर्मदा नदी के तट पर बैठे भगवान शिव और पार्वती ने चौसर खेलने का विचार किया। हालांकि चूंकि खेल को नियंत्रित करने वाला कोई नहीं था, इसलिए भगवान शिव ने मिट्टी का एक पुतला बनाया और उसमें प्राण डालकर उसे जीवित कर दिया। साथ ही भगवान शिव ने उस बालक से कहा कि वह विजेता का फैसला करेगा।

दिलचस्प बात ये है कि देवी पार्वती ने लगातार तीन मौकों पर खेल जीता, लेकिन लड़के ने भगवान शिव को विजेता घोषित कर दिया। लड़के के घोर पूर्वाग्रह से क्रोधित होकर माता पार्वती ने उसे श्राप दिया और कहा कि वह एक दलदल में रहने के योग्य है। लड़के ने माता पार्वती से रहम की याचना की और उनसे माफ़ी मांगी।

इसके बाद माता पार्वती ने छोटे लड़के को नाग कन्याओं के आगमन की प्रतीक्षा करने और गणेश चतुर्थी व्रत के बारे में जानने के लिए कहा। उन्होंने श्राप के प्रभावों को नकारने के लिए उन्हें 21 दिनों तक व्रत रखने के लिए कहा। माता पार्वती के सुझाव के अनुसार छोटे लड़के ने व्रत रखा और भगवान गणेश को प्रसन्न करने में सफल रहा। मान्यता है कि जो भी भगवान गणेश की आराधना करता है उसके सारे दुख दूर होते हैं।

दीपक पोखरिया
दीपक पोखरियाauthor

पहाड़ से हूं, इसलिए घूमने फिरने का शौक है। दिल्ली-नोएडा से ज्यादा उत्तराखंड में ही मन लगता है। कई मीडिया संस्थानों से मेरी करियर यात्रा गुजरी है और मई 2022 से Times Network में timesnowhindi.com के साथ जुड़ा हूं। यहां शुरूआत खबरों से हुई और अब नजरें फीचर टीम के जरिए पाठकों की पसंद के लेख लिखने पर रहती है। घुमक्कड़ी पसंद होने की वजह से मुख्य जिम्मेदारी timesnowhindi.com/travel की है। वैसे मैं देवभूमि उत्तराखंड के नैनीताल से हूं और यहीं पर जन्म हुआ। पढ़ाई की शुरुआत फिरोजपुर (पंजाब) से हुई। इसके बाद लखनऊ (उत्तर प्रदेश), रामपुर (उत्तकर प्रदेश), हल्द्वानी (उत्तराखंड) होते हुए देश की राजधानी दिल्ली से पढ़ाई की। हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज से ग्रेजुएशन पूरा किया। साथ ही NIIT से GNIIT किया। इसके बाद दिल्ली से भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। मीडिया में 12 साल से ज्यादा का अनुभव। टीवी, वेबसाइट और मोबाइल ऐप में अब तक काम किया। नौकरी की शुरुआत 2011 से की। अभी टाइम्स नाऊ नवभारत में 2 से अधिक सीनियर करोस्पेंडट के पद पर हूं। यात्रा सेक्शन से जुड़ने से पहले करीब डेढ़ साल पहले तक न्यूज में ही काम किया।

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