JNU Professor Sexual Harassment: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के प्रोफेसर और कांग्रेस के इनर मणिपुर से सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम (Angomcha Bimol Akoijam) के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर राजनीति गर्मा गई है। इस गंभीर मुद्दे पर भाजपा की महिला सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (President Droupadi Murmu) से मुलाकात करने पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल का मकसद राष्ट्रपति का ध्यान इस पूरे मामले की ओर खींचना और उचित कार्रवाई के लिए उनके हस्तक्षेप की मांग करना है।
सांसद डी. पुरंदेश्वरी की अगुवाई में राष्ट्रपति भवन पहुंचे इस प्रतिनिधिमंडल में भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष रूप कुमारी चौधरी और दिल्ली की सांसद बांसुरी स्वराज समेत कई अन्य प्रमुख महिला नेता शामिल रहीं। यह पूरी कवायद उस प्रदर्शन के ठीक एक दिन बाद हुई है, जब भाजपा कार्यकर्ताओं ने दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय और हिमाचल प्रदेश में कई जगहों पर जोरदार विरोध जताया था। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि कांग्रेस पार्टी तुरंत सांसद अकोइजम को बाहर का रास्ता दिखाए।
टाइम्स नाउ नवभारत पर यह भी पढ़ें: 'विरोध-प्रदर्शन की जगह हिमालय पर भेज दो', जंतर-मंतर पर पाबंदी को लेकर केंद्र और पुलिस पर बरसी CJP
जेएनयू प्रशासन ने यौन उत्पीड़न के मामले की जांच के बाद किया बर्खास्त
गौरतलब है कि पिछले हफ्ते जेएनयू प्रशासन ने यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच पूरी होने के बाद अकोइजम को सेवा से बर्खास्त कर दिया था। वे विश्वविद्यालय के ‘स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज’ के अंतर्गत ‘सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ सोशल सिस्टम’ में बतौर प्रोफेसर तैनात थे। इस साल मई महीने में करीब 11 छात्राओं ने उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायतें दर्ज कराई थीं। छात्राओं का आरोप था कि प्रोफेसर उन्हें मुलाकात के बहाने परिसर स्थित अपने आवास पर बुलाते थे और गलत नीयत से छूने का प्रयास करते थे। इतना ही नहीं, कुछ छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया कि वे कक्षा के दौरान भी बेहद अश्लील और अनुचित बातें करते थे।
बीजेपी ने राहुल गांधी पर साधा निशाना
भाजपा नेताओं ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को आड़े हाथों लेते हुए सवाल उठाए हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) मंचों से 'पितृसत्ता खत्म करने' और महिलाओं के सम्मान की बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, लेकिन जब अपनी ही पार्टी के सांसद पर ऐसे गंभीर आरोप सिद्ध हो जाते हैं, तो वे पूरी तरह खामोश हो जाते हैं। भाजपा का कहना है कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के मुद्दे पर दोहरा रवैया कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
