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Vinayak Chaturthi 2023: जानिए विनायक चतुर्थी व्रत की पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और महत्व

  • Authored by: लवीना शर्मा
  • Updated Jun 21, 2023, 05:32 PM IST

Vinayak Chaturthi 2023: विनायक चतुर्थी व्रत हर महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को रखा जाता है। ये व्रत भगवान गणेश को समर्पित है। कहते हैं जो व्यक्ति इस दिन सच्चे मन से गणपति बप्पा की पूजा करता है उसकी सारी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती है। जानिए विनायक चतुर्थी की पूजा विधि और शुभ मुहूर्त।

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Vinayak Chaturthi 2023: विनायक चतुर्थी पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

Vinayak Chaturthi 2023 Date, Puja Vidhi And Significance: हर महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को विनायक चतुर्थी मनाई जाती है। इस दिन लोग भगवान गणेश की कृपा पाने के लिए व्रत रखते हैं। मान्यता है जो व्यक्ति इस दिन सच्चे मन से गणपति बप्पा की पूजा करता है उसके सारे दुख दूर हो जाते हैं। साथ ही जीवन में सुख-समृद्धि आती है। बता दें 22 जून को आषाढ़ विनायक चतुर्थी व्रत रखा जाएगा। जानिए कैसे रखा जाता है ये व्रत और क्या है इसकी पूजा विधि।

विनायक चतुर्थी 2023 मुहूर्त (Vinayak Chaturthi 2023 Muhurat)

आषाढ़ विनायक चतुर्थी 21 जून की दोपहर 03:09 से 22 जून की शाम 05:27 तक रहेगी। विनायक चतुर्थी व्रत 22 जून को रखा जाएगा। इस दिन गणेश जी की पूजा का शुभ मुहूर्त प्रातः 11:37 से दोपहर 13:01 तक रहेगा।

विनायक चतुर्थी क्या है (What Is Vinayak Chaturthi)

हिंदू कैलेंडर के अनुसार हर महीने में दो चतुर्थी पड़ती है। एक शुक्ल पक्ष की चतुर्थी जिसे विनायक चतुर्थी कहते हैं दूसरी कृष्ण पक्ष की चतुर्थी जिसे संकष्टी चतुर्थी के नाम से जाना जाता है। ये दोनों ही चतुर्थी भगवान गणेश के जन्मदिन के रूप में मनाई जाती है। विनायक चतुर्थी को वरद चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है।

विनायक चतुर्थी की पूजा विधि (Vinayak Chaturthi Puja Vidhi)

  • इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर लें।
  • इसके बाद भगवान गणेश की प्रतिमा के सामने धूप, दीप इत्यादि जलाएं।
  • फिर गणेश जी की प्रतिमा को गंगाजल से स्नान कराएं और उन्हें साफ वस्त्र पहनाएं।
  • गणेश जी को सिंदूर का टीका लगाएं। साथ ही उन्हें इस दिन मोदक का भोग जरूर लगाएं।
  • इस दिन पूजा में ‘ॐ गं गणपतये नमः’ मंत्र का उच्चारण जरूर करें।
  • विनायक चतुर्थी की कथा जरूर पढ़ें।
  • पूजा के अंत में भगवान गणेश की आरती जरूर करें।

गणेश जी का महामंत्र (Ganesh Mantra)

प्रातर्नमामि चतुराननवन्द्यमानमिच्छानुकूलमखिलं च वरं ददानम्।

तं तुन्दिलं द्विरसनाधिपयज्ञसूत्रं पुत्रं विलासचतुरं शिवयो: शिवाय।।

प्रातर्भजाम्यभयदं खलु भक्तशोकदावानलं गणविभुं वरकुञ्जरास्यम्।

अज्ञानकाननविनाशनहव्यवाहमुत्साहवर्धनमहं सुतमीश्वरस्य।।

विनायक चतुर्थी महत्व (Vinayaka Chaturthi Mahatva)

भगवान गणेश की कृपा पाने के लिए विनायक चतुर्थी व्रत बेहद ही फलदाई माना गया है। कहते हैं जो लोग विनायक चतुर्थी का व्रत करते हैं उन पर आजीवन गणपति बप्पा की कृपा बनी रहती है। साथ ही ऐसे लोगों को विद्या, धन, बुद्धि और सुख समृद्धि का आशीर्वाद भी मिलता है।

लवीना शर्मा
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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