12 या 13 फरवरी, विजया एकादशी कब है? जानिए फरवरी 2026 की पहली एकादशी की सही डेट, पूजा मुहूर्त और विधि
- Authored by: Mohit Tiwari
- Updated Feb 12, 2026, 05:59 PM IST
Vijaya Ekadashi Kab Hai (फरवरी की पहली एकादशी का व्रत कब रखा जाएगा): फाल्गुन माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की एकादशी फरवरी महीने में पड़ रही है। फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को विजया एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस बार विजया एकादशी की तिथि को लेकर कंफ्यूजन व्याप्त है। इस कारण आइए पंचांग से जानते हैं कि फरवरी और फाल्गुन माह की पहली एकादशी कब है।
विजया एकादशी व्रत की तारीख क्या है?
Vijaya Ekadashi Kab Hai (एकादशी का व्रत कब रखा जाएगा): हर महीने के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को बेहद ही खास माना जाता है। यह तिथि भगवान श्रीहरि विष्णु को समर्पित होती है। माना जाता है कि इस दिन व्रत रखने से पापों से मुक्ति और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
फरवरी महीने में हिंदू कैलेंडर के आखिरी महीने फाल्गुन माह की एकादशी पड़ रही हैं। इसमें से पहली एकादशी विजया एकादशी है। जिसकी तारीख को लेकर थोड़ा कंफ्यूजन है। लोगों को संशय है कि विजया एकादशी का व्रत 12 फरवरी को रखा जाना चाहिए या 13 फरवरी को रखना शुभ रहेगा। ऐसे में अगर आपको भी यह संशय है तो आइए इस संशय को दूर कर लेते हैं।
विजया एकादशी का व्रत कब रखा जाएगा? (Vijaya Ekadashi ki Date)
विजया एकादशी फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को आती है और इसे भगवान विष्णु को समर्पित माना गया है। इस व्रत का धार्मिक महत्व बहुत विशेष है, क्योंकि मान्यता है कि इसे करने से व्यक्ति को जीवन के हर क्षेत्र में विजय प्राप्त होती है।
वैदिक पंचांग के अनुसार फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 12 फरवरी 2026 को दोपहर 12 बजकर 22 मिनट पर शुरू होगी और 13 फरवरी 2026 को दोपहर 2 बजकर 25 मिनट पर समाप्त होगी। एकादशी व्रत का पालन उदया तिथि के अनुसार किया जाता है। इस कारण विजया एकादशी का व्रत शुक्रवार, 13 फरवरी 2026 को रखा जाएगा।
विजया एकादशी पर पूजन का शुभ मुहूर्त (Vijaya Ekadashi Par Puja Ka Shubh Muhurat)
विजया एकादशी के दिन पूजा और जप के लिए कई शुभ मुहूर्त बन रहे हैं। इसमें ब्रह्म मुहूर्त सुबह 05 बजकर 17 मिनट से 06 बजकर 08 मिनट तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 13 मिनट से 12 बजकर 58 मिनट तक रहेगा। विजय मुहूर्त दोपहर 02 बजकर 27 मिनट से 03 बजकर 12 मिनट तक रहेगा। इन समयों में भगवान विष्णु की पूजा, मंत्र जप और व्रत संकल्प लेना विशेष फलदायी माना जाता है।
विजया एकादशी की पूजा विधि (Vijaya Ekadashi Puja Vidhi)
विजया एकादशी के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। घर के मंदिर या पूजा स्थान को साफ करें। भगवान विष्णु की प्रतिमा या चित्र के सामने व्रत का संकल्प लें। भगवान विष्णु को पीले फूल, फल, तुलसी दल और अक्षत अर्पित करें। देसी घी का दीपक जलाएं और धूप दिखाएं। पूजा के दौरान 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जप करें। यदि संभव हो तो विजया एकादशी व्रत कथा का पाठ भी करें। इस दिन सात्विक भोजन का नियम है और चावल का सेवन पूरी तरह वर्जित माना जाता है। व्रती को मन, वचन और कर्म से शुद्ध रहना चाहिए।
विजया एकादशी व्रत पारण का समय (Vijaya Ekadashi Vrat Paran Date Aur Samay)
विजया एकादशी व्रत का पारण 14 फरवरी 2026 को सुबह 07:00 बजे से 09:14 बजे तक किया जाएगा।
इस समय के भीतर व्रत खोलना शुभ माना जाता है। पारण से पहले द्वादशी तिथि का ध्यान रखना आवश्यक होता है।
विजया एकादशी का धार्मिक महत्व
विजया एकादशी का अर्थ ही 'विजय दिलाने वाली एकादशी' है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से शत्रुओं पर विजय, बाधाओं से मुक्ति और अधूरे कार्यों में सफलता मिलती है। माना जाता है कि इस व्रत को करने से व्यक्ति के जीवन से नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं और सुख-समृद्धि का मार्ग खुलता है। यही कारण है कि इसे पापों से मुक्ति दिलाने वाली एकादशी भी कहा गया है।
डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी पंचांग पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
