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देखें वट सावित्री व्रत की पूजा के लिए जरूरी सामग्री – एक संपूर्ण गाइड हर सुहागिन के लिए

Vat Savitri Vrat Samagri Checklist: वट सावित्री व्रत इस साल 26 मई को रखा जाएगा। ये व्रत सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए रखती हैं। जानिए इस पूजा में क्या-क्या सामान लगता है।

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Vat Savitri Vrat Samagri Checklist

Vat Savitri Vrat Samagri Checklist: भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा में वट सावित्री व्रत का विशेष महत्व माना गया है। यह व्रत सुहागिन महिलाओं द्वारा अपने पति की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और वैवाहिक जीवन में खुशहाली बनाए रखने के लिए रखा जाता है। वट सावित्री व्रत में महिलाएं सावित्री के आदर्श को मानकर उपवास करती है और वट वृक्ष की पूजा कर ईश्वर से पति की लंबी उम्र की कामना करती हैं। लेकिन ये पूजा कुछ चीजों के बिना अधूरी मानी जाती है। जानते हैं वट सावित्री पूजा में क्या-क्या सामान लगता है।

वट सावित्री व्रत की पूजन सामग्री (Vat Savitri Vrat Samagri Checklist)

  • सत्यवान-सावित्री की मूर्ति (कपड़े की बनी हुई)
  • बांस का बना हुआ एक हाथ पंखा
  • सूत का लाल धागा
  • धूप
  • मिट्टी का दीपक
  • घी
  • फूल
  • फल
  • सवा मीटर का एक कपड़ा
  • दो सिंदूरी जल से भरा हुआ पात्र
  • रोली
  • हल्दी और कुमकुम
  • चावल (अक्षत)
  • फूल और फूलों की माला
  • पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर)
  • पानी वाला लोटा या कलश
  • नई चुनरी (लाल या पीली)
  • सात प्रकार के अनाज या फल (फल – विशेष रूप से केला, नारियल, आम इत्यादि)
  • सूखे मेवे – जैसे बादाम, काजू, किशमिश
  • मिठाई

वट सावित्री व्रत की सजने-संवरने की सामग्री (Vat Savitri Vrat Suhag Samagri)

  • सिंदूर
  • चूड़ियां
  • बिंदी
  • मेहंदी
  • काजल
  • मांगटीका या अन्य श्रृंगार के प्रतीक

व्रत का विशेष महत्व (Vrat Ka Mahatva)

इस दिन महिलाएं वटवृक्ष की पूजा करती हैं और सावित्री के समान अपने पति की लंबी उम्र व सुखद वैवाहिक जीवन की कामना करती हैं। इस व्रत में कथा का श्रवण करना और वट वृक्ष की परिक्रमा करना एक प्रमुख रिवाज है।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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