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Vat Savitri Puja Shubh Muhurat 2024: 6 जून को 56 मिनट के इस अति शुभ मुहूर्त में करें वट सावित्री पूजा, वैवाहिक जीवन में बनी रहेगी खुशियां

Vat Savitri Puja Muhurat 2024: वट सावित्री व्रत में विशेष रूप से बरगद के पेड़ की पूजा की जाती है। मान्यताओं अनुसार इस पेड़ की पूजा करने से जीवन में खुशहाली आती है। यहां आप जानेंगे वट सावित्री पूजा मुहूर्त और मंत्र।

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Vat Savitri Puja Muhurat 2024

Vat Savitri Puja Muhurat And Mantra 2024: इस साल वट सावित्री व्रत 6 जून को मनाया जाएगा। इस दिन शादीशुदा महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए व्रत रखती हैं और विधि विधान बरगद के पेड़ की पूजा करती हैं। इस साल वट सावित्री व्रत की पूजा का शुभ मुहूर्त 6 जून की सुबह से लेकर शाम 6 बजकर 7 मिनट तक रहेगा। लेकिन अगर पूजा के सबसे शुभ मुहूर्त की बात करें तो वो दोपहर 11 बजकर 36 मिनट से शुरू हो रहा है। यहां आप जानेंगे वट सावित्री व्रत पूजा मुहूर्त और मंत्र।

वट सावित्री व्रत 2024 पूजा मुहूर्त? (Vat Savitri Puja Muhurat 2024)

वट सावित्री पूजा मुहूर्त 6 जून की सुबह 11 बजकर 52 मिनट से दोपहर 12 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। तो वहीं वट अमावस्या तिथि 5 जून की शाम 07:54 से 6 जून की शाम 06:07 बजे तक रहेगी।

वट सावित्री पूजा मंत्र (Vat Savitri Puja Mantra)

अवैधव्यं च सौभाग्यं देहि त्वं मम सुव्रते। पुत्रान् पौत्रांश्च सौख्यं च गृहाणार्घ्यं नमोऽस्तुते।।

यथा शाखाप्रशाखाभिर्वृद्धोऽसि त्वं महीतले। तथा पुत्रैश्च पौत्रैश्च सम्पन्नं कुरु मा सदा।।

वट वृक्ष की परिक्रमा करते हुए करें इस मंत्र का जाप

यानि कानि च पापानि जन्मांतर कृतानि च। तानि सर्वानि वीनश्यन्ति प्रदक्षिण पदे पदे।।

वट सावित्री उपाय

वट सावित्री व्रत के दिन आप अपने बड़े-बुजुर्गो का अपमान न करें। इस दिन दान का बहुत महत्व होता है। इसलिए जितना हो सके इस दिन दान करें।इस दिन गरीबों और जरूरमंद लोगों को चावल, गुड़ और दूध का दान करना बेहद शुभ माना जाता है। अमावस्‍या के दिन इस दिन पशु-पक्षियों को दाना खिलाएं। मान्यता है इन उपायों से सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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