Vastu Tips for Clock : घर में भूल कर भी न रखें बंद घड़ी, होता है अशुभ, दिशा का भी रखें विशेष ध्यान

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated May 2, 2022, 06:07 PM IST

Vastu Tips for Home: वास्तुशास्त्र माना गया है कि घर में बंद घड़ी का होना अशुभ होता है, इसलिए हमारे बड़े बुजुर्ग हमेशा घर में बंद घड़ी या खराब घड़ी रखने से हमें टोकते हैं। वास्तु में घड़ी से जुड़ी कई बातें हैं जो हमेशा हमें ध्यान रखना चाहिए।

Vastu Tips for Clock : घर में भूल कर भी न रखें बंद घड़ी, होता है अशुभ, दिशा का भी रखें विशेष ध्यान
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Vastu Tips For Wall Clock At Home: दीवार पर टंगी घड़ी तो हम सभी के घर पर होती हैं। घड़ी समय बताने का काम करती है, लेकिन घड़ी समय के साथ-साथ और भी कई संकेत देती है। वास्तु में घड़ी से जुड़े कई नियम बताएं गए हैं। अगर घड़ी का गलत इस्तेमाल किया जाए तो यह नुकसान की वजह भी बन सकती है। कहा जाता है कि हमारा जीवन समय के साथ जुड़ा है, इसलिए घड़ी हमारे जीवन में बेहद महत्व रखती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, यदि घर में कोई घड़ी बंद पड़ी है या काम नहीं कर रही है तो वह घर भी निर्जीव हो जाता है। वहां पर हमेशा बीमारी का वास रहता है। धन की कमी भी रहती है, इसलिए घर के अंदर कभी भी बंद घड़ी नहीं रखनी चाहिए। घड़ी से जुड़ी वास्तु की कुछ आसान बातों का ध्यान रखा जाए तो यह आपके बुरे समय को अच्छे में भी बदल सकती है। 

दक्षिण दिशा में न लगाएं घड़ी

वास्तु के अनुसार घर की दक्षिण दिशा ठहराव मानी जाती है। इस दिशा में घड़ी लगाना प्रगति के अवसरों को धीमा कर सकता है। इस दिशा में घड़ी लगाना मुखिया के स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं माना गया है। दक्षिण दिशा में घड़ी लगाने से व्यर्थ में रुपए खर्च होते हैं। इससे घर में मुसीबतें आती हैं और नकारात्मक महौल रहता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, दक्षिण दिशा को यम का कोना माना गया है। इसलिए अगर इस दिशा में घड़ी रखी गई तो वहां रहने वाले लोगों की तरक्की प्रभावित होगी।

दरवाजे के ऊपर न लगाएं

दरवाज़े के ऊपर घड़ी लगाने से तनाव बढ़ सकता है। जिसके कारण कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इसके साथ ही बहुत से लोग अपने घर में ऐसे घड़ी लगाते है जो प्रवेश करते ही सबसे पहले निगाह वहीं जाती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार ऐसा करना अशुभ माना जाता है।
 
(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।) 

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