अध्यात्म

12 मई से पहले इन चीजों का जरूर करें दान, चमक जाएगी किस्मत

Vaishakh Maas Daan: सनातन धर्म में वैशाख महीने का खास महत्व माना जाता है। ये महीना 12 मई तक रहेगा। ऐसे में अगर आप इस महीने में कुछ खास चीजों का दान करते हैं तो इससे आपकी किस्मत चमक जाएगी।

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Vaishakh Daan

Vaishakh Maas Daan: धर्मग्रंथों में वैशाख महीने को अत्यंत पवित्र और पुण्यदायी बताया गया है। साथ ही, देव आराधना, दान, पुण्य आदि कार्यों के लिए भी ये महीना शुभ माना गया है। शास्त्रों के अनुसार इस पवित्र महीने में प्याऊ लगाना, छायादार पेड़ की रक्षा करना, पशु-पक्षियों के लिए दाना-पानी डालना जैसे काम करने का खास महत्व माना गया है। तो आइए जानते हैं इस महीने में किन चीजों का दान पुण्य फलदायी माना जाता है।

वैशाख मास दान (Vaishakh Maas Daan)

  • स्कंद पुराण के अनुसार वैशाख माह में जल दान करना बेहद शुभ माना जाता है। कहते हैं जो फल सब तीर्थों के दर्शन से प्राप्त होता है, वहीं पुण्य फल वैशाख मास में जल के दान से प्राप्त हो जाता है।
  • वैशाख मास में सड़क पर यात्रियों के लिए प्याऊ लगाना बेहद शुभ माना जाता है। कहते हैं ऐसा करने वाले व्यक्ति को सीधे विष्णुलोक की प्राप्ति होती है।
  • इस महीने में गरीबों और जरूरतमंदों को पंखे का दान करना चाहिए। कहते हैं इससे व्यक्ति अपने सभी पापों से मुक्त हो जाता है।
  • शास्त्रों में ऐसा कहा गया है कि इस माह में जो व्यक्ति भूखे जीव को भोजन करवाता है तो उसको अनंत पुण्य की प्राप्ति होती है।
  • कहते हैं वैशाख महीने में जो कोई किसी जरूरतमंद व्यक्ति को पादुका या जूते-चप्पल दान करता हैं, वह भगवान श्री हरि के लोक में जाता है।
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इसके अलावा इस महीने में जरूरतमंदों को वस्त्र, फल और शरबत का दान करना भी बेहद शुभ माना जाता है। कहते हैं ऐसा करने से देवी-देवताओं के साथ-साथ पितृ भी प्रसन्न होते हैं। इसी प्रकार इस महीने में घी का दान करना भी बेहद शुभ माना जाता है।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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