अध्यात्म

उज्जैन में शिव नवरात्रि कब से होंगी शुरू, जानिए क्यों खास है ये 9 रातें

Ujjain Shiv Navratri 2026: महाकाल की नगरी उज्जैन में शिव नवरात्रि की शुरुआत होने जा रही है। फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष की पंचमी से शुरू होने वाली ये 9 रात्रियां बेहद खास मानी जाती है। इस दौरान भगवान शिव का श्रृंगार अलग-अलग रूपों में किया जाता है। आइए जानते हैं यह नवरात्रि साल 2026 में कब से शुरू होंगी और भगवान महाकाल किस दिन कौन सा श्रृंगार करेंगे।

शिवनवरात्रि कब से होंगी शुरू

शिवनवरात्रि कब से होंगी शुरू

Ujjain Shiv Navratri 2026: महाकाल की नगरी उज्जैन में शिवरात्रि की शुरुआत होने जा रही है। इन नवरात्रियों की शुरुआत फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी से होती है। इसके साथ ही इनका अंत महाशिवरात्रि पर होता है। इन नौ रात्रियों में भगवान महाकाल का अलग-अलग रूपों में श्रृंगार किया जाता है। प्रभु को कई प्रकार से सजाया जाता है।

अंतिम दिन प्रभु दूल्हा बनते हैं और नगर भ्रमण को भी निकलते हैं। फाल्गुन महीने में मनाई जाने वाली शिव नवरात्रि का खास महत्व उज्जैन में माना जाता है, क्योंकि यह शहर स्वयं महादेव की साक्षात उपस्थिति से जुड़ा हुआ है। यहां शिव नवरात्रि केवल व्रत या पूजा तक सीमित नहीं रहती, बल्कि पूरे नौ दिन बाबा महाकाल की विशेष आराधना, नियम और परंपराओं के साथ मनाए जाते हैं। भक्त अलग-अलग रूपों में भगवान शिव की पूजा करते हैं और हर दिन की पूजा का अपना अलग महत्व होता है। आइए जानते हैं कि किस दिन भगवान शिव के किस स्वरूप का दर्शन होगा।

शिव नवरात्रि का पहला दिन

शिव नवरात्रि के पहले दिन यानी 06 फरवरी को महाकाल भगवान का भांग व दिव्य चंदन शृंगार किया जाएगा। इस शृंगार में भस्म, भांग और शुद्ध चंदन का उपयोग होता है, जो भगवान शिव के वैराग्य और औघड़ स्वरूप को दर्शाता है। इसके साथ ही इस दिन भक्त व्रत का संकल्प लेते हैं। इस दिन महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग का विशेष जलाभिषेक किया जाता है। दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल से अभिषेक कर भगवान शिव से मन की शुद्धि और आत्मबल की कामना की जाती है। कई श्रद्धालु इस दिन से लगातार नौ दिन तक उपवास रखते हैं।

शिव नवरात्रि का दूसरा दिन

इसके बाद 07 फरवरी को नवीन शृंगार होगा। इस दिन भगवान को नए वस्त्र, आभूषण और विशेष श्रृंगार सामग्री अर्पित की जाती है। यह शृंगार नए आरंभ और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है।

शिव नवरात्रि का तीसरा दिन

08 फरवरी को महाकाल का शेषनाग शृंगार किया जाएगा। इस रूप में भगवान शिव को शेषनाग के साथ दर्शाया जाता है, जो सृष्टि की रक्षा और संतुलन का संकेत देता है।

शिव नवरात्रि का चौथा दिन

09 फरवरी को होने वाला घटाटोप शृंगार शिव के रौद्र और रहस्यमय स्वरूप को दिखाता है। इस दिन मंदिर में विशेष सजावट की जाती है और वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो जाता है।

शिव नवरात्रि का पांचवां दिन

इसके बाद 10 फरवरी को छबीना शृंगार किया जाएगा। इस शृंगार में भगवान शिव का आकर्षक और मनोहारी रूप देखने को मिलता है, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।

शिव नवरात्रि का छठा दिन

11 फरवरी को महाकाल का होलकर शृंगार होगा। यह शृंगार ऐतिहासिक परंपराओं से जुड़ा माना जाता है और इसमें शाही अंदाज देखने को मिलता है।

शिव नवरात्रि का सातवां दिन

12 फरवरी को मनमहेश शृंगार किया जाएगा। इस दिन भगवान शिव को अत्यंत शांत और करुणामय रूप में सजाया जाता है, जो भक्तों के मन को विशेष शांति देता है।

शिव नवरात्रि का आठवां दिन

इसके अगले दिन 13 फरवरी को उमा महेश शृंगार होगा। इस रूप में भगवान शिव माता पार्वती के साथ विराजमान होते हैं। यह शृंगार दांपत्य सुख और पारिवारिक जीवन के लिए विशेष माना जाता है।

शिव नवरात्रि का नौवां दिन

14 फरवरी को महाकाल का शिवतांडव शृंगार किया जाएगा। इस दिन भगवान शिव के तांडव रूप का दर्शन होता है, जो शक्ति, ऊर्जा और विनाश के साथ सृजन का प्रतीक है।

अंतिम दिन महाशिवरात्रि

शिव नवरात्रि के अंतिम दिन यानी 15 फरवरी को सप्तधान्य शृंगार होगा। इसके साथ ही इस दिन बाबा चक्रवती राजा और दूल्हे की पोशाक में सजाए जाते हैं। इस दिन प्रभु का विवाह होता है। यह दिन महाशिवरात्रि होता है। इस शृंगार में सात प्रकार के अनाज अर्पित किए जाते हैं, जो समृद्धि, अन्नपूर्णा कृपा और खुशहाली का संकेत माने जाते हैं। शिव नवरात्रि के अंतिम दिन व्रत का पारण किया जाता है। इस दिन दान-पुण्य का खास महत्व होता है।उज्जैन में शिव नवरात्रि इसलिए भी खास मानी जाती है क्योंकि यहां महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग स्थित है, जहां शिव स्वयं कालों के भी काल माने जाते हैं। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से की गई पूजा जल्दी फल देती है। शिव नवरात्रि के दौरान उज्जैन में साधना, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनोखा संगम देखने को मिलता है।

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Mohit Tiwari
Mohit Tiwari author

मोहित तिवारी को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव है। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रतिष्ठित न्यूजपेपर में फील्ड रिपोर्टिंग से की थी। मोहित ... और देखें

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