Tulsi Mata Ki Aarti Lyrics In Hindi (तुलसी जी की आरती pdf): कार्तिक महीने में तुलसी पूजन का विशेष महत्व माना जाता है। इसलिए कई लोग इस पूरे महीने नियमित रूप से तुलसी की पूजा करते हैं और उसके समक्ष घी का दीपक जलाते हैं। लेकिन जो लोग इस पूरे महीने तुलसी का पूजन न कर पाए हैं उनके लिए कार्तिक पूर्णिमा का दिन बेहद खास रहने वाला है। क्योंकि मुख्य रूप से यदि आप कार्तिक पूर्णिमा के दिन तुलसी का पूजन करते हैं और उसके सामने दीपक जलाते हैं तो पूरे कार्तिक महीने में नियमित दीपक जलाने के बराबर फल मिल जाता है। इसी वजह से कार्तिक पूर्णिमा के दिन तुलसी पूजन का विशेष महत्व माना जाता है। यहां देखिए तुलसी जी की आरती।
Tulsi Mata Ki Aarti (तुलसी माता की आरती pdf)
जय जय तुलसी माता
सब जग की सुख दाता, वर दाता
जय जय तुलसी माता।।
सब योगों के ऊपर, सब रोगों के ऊपर
रुज से रक्षा करके भव त्राता
जय जय तुलसी माता।।
बटु पुत्री हे श्यामा, सुर बल्ली हे ग्राम्या
विष्णु प्रिये जो तुमको सेवे, सो नर तर जाता
जय जय तुलसी माता।।
हरि के शीश विराजत, त्रिभुवन से हो वन्दित
पतित जनो की तारिणी विख्याता
जय जय तुलसी माता।।
लेकर जन्म विजन में, आई दिव्य भवन में
मानवलोक तुम्ही से सुख संपति पाता
जय जय तुलसी माता।।
हरि को तुम अति प्यारी, श्यामवरण तुम्हारी
प्रेम अजब हैं उनका तुमसे कैसा नाता
जय जय तुलसी माता।।
जय जय तुलसी माता
सब जग की सुख दाता, वर दाता
जय जय तुलसी माता ।।
Tulsi Pujan Mantra (तुलसी पूजन मंत्र)
मंत्र: महाप्रसाद जननी सर्व सौभाग्यवर्धिनी, आधि व्याधि हरा नित्यं तुलसी त्वं नमोस्तुते।।
