Totka for Peace: राेज रोज के आपसी विवाद और झगड़े से जीवन में क्लेश ही क्लेश उत्पन्न हो जाता है। यदि घर में शांति न हो तो जीवन में किसी भी क्षेत्र में तरक्की पाना मुश्किल हो जाता है। बात बात पर रूठना मनाना जैसी बातों से यदि परेशान हो चुके हैं तो आपको बताते हैं कुछ अचूक उपाय और मंत्र जिनको करने से जीवन में फिर से आ जाएगी शांति और उमंग।
करें ये अचूक उपाय
जिनके दांपत्य जीवन में प्रेम के स्थान पर क्लेश आदि का साम्राज्य स्थापित हो गया हो तो शुक्ल पक्ष की पहली तिथि को अपने घर के पूजा स्थल में ईशानकोण में गोबर आदि से लेपकर एक अष्टदल बनाएं।
उस पर हल्दी से स्वास्तिक बनाकर कलश स्थापित करें। उस कलश में स्वच्छ जल भरकर थाेड़ा साबुत धनिया, तीन हल्दी की गांठें और थाेड़े से बताशे डालें। फिर आम के पांच पत्तों को दबाकर कलश पर मिट्टी की कटोरी रखकर, उसके उपर मिट्टी में गेंहू मिलाकर एवं एक नारियल पर सात बार कलावा लपेटकर रख दें।
फिर नारियल पर रोली से तिलक करें। अब सवा मीटर लाल कपड़ा बिछाकर मां दुर्गा के चित्र के साथ अभिमंत्रित नवदुर्गा यंत्र को स्थान दें।
रोली से तिलक कर शुद्ध घी के दीपक के साथ धूपादि अर्पित कर प्रथम से नवमी तक क्रमानुसार भाेग अर्पित करें।
गाय का घी और शक्कर, खीर, दूध, मक्खन, मिश्री, केला और हलुआ अर्पित करें। फिर मां से गृहक्लेश समाप्त करने का निवेदन कर रुद्राक्ष की माला से निम्न मंत्र का 11 माला जप करें।
ऊं सर्व मंगल मांग्ल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोस्तु ते।।
मंत्र जाप के बाद प्रणाम कर उठ जाएं। अगले दिन भाेग और धूप दीप अर्पित कर पुनः जाप करें। इस प्रकार नौ दिन तक लगातार जप करें। अंतिम दिन एक कन्या को बुलाकर भाेजन कराएं और वस्त्रों के साथ दक्षिणा देकर चरण स्पर्श करें।
यंत्र को मुख्य द्वार पर लगा दें। चित्र को अपने घर के पूजा स्थान में रख दें। नारियल को तोड़कर उसके जल को सारे घर में छिड़क दें और उसकी गीरी को सभी में बांट दें। लाल कपड़े को किसी को दान कर दें और शेष सभी सामग्री को जल में प्रवाहित कर दें।
(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)
