Tirupati Balaji Temple Jammu: जम्मू तिरुपति बालाजी मंदिर के कपाट 8 जून से भक्तों के लिए खुल गए हैं। ये जम्मू का सबसे बड़ा मंदिर होगा। मंदिर के गर्भ ग्रह में 8 फुट ऊंची भगवान वेंकेटेश्वर की मूर्ति स्थापित की गई है। इस मूर्ति को बनाने में ग्रेनाइट का इस्तेमाल किया गया है। मां वैष्णो देवी के दर्शन करने वाले भक्त अब यहां तिरुपति बालाजी के दर्शन भी कर सकेंगे। बता दें जम्मू का ये मंदिर तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) द्वारा बनाया गया छठा बालाजी मंदिर होगा। इससे पहले टीटीडी ने हैदराबाद, चेन्नई, कन्याकुमारी, दिल्ली और भुवनेश्वर में इस तरह के मंदिरों का निर्माण कराया था। जानिए जम्मू के तिरूपति बालाजी मंदिर की खास बातें।
जम्मू के तिरुपति बालाजी मंदिर की खास बातें
- यह मंदिर जम्मू और कटरा के बीच के रास्ते में पड़ेगा। जिससे माता वैष्णो देवी के दर्शन करने वाले भक्त आसानी से यहां तिरुपति बालाजी मंदिर के दर्शन भी कर सकेंगे।
- जानकारी अनुसार इस मंदिर को बनाने में करीब 33.22 करोड़ रूपये खर्च किए गए हैं।
- जम्मू तिरुपति बालाजी मंदिर सिद्दड़ा के मजीन गांव में 62 एकड़ भूमि में तैयार किया गया है।
- मंदिर के परिसर में वेद पाठशाला, हॉस्टल, कल्याणमंडपम और वहानमंडपम का निर्माण किया गया है।
- गर्भ ग्रह में 8 फुट ऊंचे भगवान वेंकेटेश्वर की मूर्ति स्थिापित की गई है।
- आंध्र प्रदेश के ही 50 से अधिक कारीगरों ने इस मंदिर का निर्माण किया है। जून 2021 में मंदिर का शिलान्यास किया गया था।
कौन है भगवान वेंकटेश्वर
भगवान वेंकेटश्वर भगवान विष्णु के दशावतारों में से नवें अवतार माने जाते हैं। गोविंदा, श्रीनिवास, बालाजी, वेंकट आदि नामों से भी जाना जाता है। माना जाता है कि भगवान वेंकटेश्वर अपनी पत्नी पद्मावती के साथ तिरुमला में निवास करते हैं। कहते हैं जो व्यक्ति सच्चे मन से इनकी अराधना करता है उसकी सारी मुरादें पूरी हो जाती हैं।
