अध्यात्म

सावन विशेष: काशी का मृत्युंजय महादेव मंदिर, जहां दर्शन मात्र से दूर होता है काल का भय

काशी का मृत्युंजय महादेव मंदिर प्राचीन शिव मंदिरों में से एक है। कहा जाता है कि यहां दर्शन मात्र से ही काल का भय दूर हो जाता है। श्रद्धालु यहां महामृत्युंजय मंत्र का जाप कर विशेष कृपा प्राप्त करते हैं। वाराणसी आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह मंदिर आस्था का केंद्र है।

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भगवान शिव (Pic: AI Image by Canva)

सावन विशेष: बाबा विश्वनाथ की नगरी में हर मंदिर भक्तों के लिए आध्यात्मिक शांति और भक्ति का केंद्र है। ऐसा ही एक चमत्कारी मंदिर है विश्वेश्वरगंज में कालभैरव मंदिर के निकट स्थित महामृत्युंजय मंदिर, जहां भगवान शिव का यह स्वरूप भक्तों को मृत्यु के भय से मुक्ति देता है। मान्यता है कि यहां के दर्शन मात्र से मन की हर कामना पूरी होती है और मंदिर का अमृत तुल्य जल कई रोगों को दूर करता है।

महामृत्युंजय मंदिर का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व शास्त्रों में भी वर्णित है। भगवान शिव का यह स्वरूप अकाल मृत्यु से रक्षा करने वाला माना जाता है। IANS की खबर में लिखा है कि उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग के अनुसार, मंदिर में मौजूद जल कई भूमिगत धाराओं का मिश्रण है, जो औषधीय गुणों से युक्त है। धार्मिक मान्यता है कि इस जल को पीने से कई शारीरिक और मानसिक रोगों से मुक्ति मिलती है। इसे ‘अमृत जल’ कहा जाता है, जो न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि मन को शांति भी करता है।

सावन के साथ ही सोमवार, रविवार, प्रदोष, महाशिवरात्रि और शिवरात्रि के साथ ही सामान्य दिनों में भी भक्तों की भारी भीड़ जुटती है। श्रद्धालु मंदिर में हाजिरी लगाने के साथ ही महामृत्युंजय मंत्र का जाप भी करते हैं। मान्यता है कि बाबा मृत्युंजय के दर्शन मात्र से मन की हर कामना पूरी होती है। नियमित रूप से यहां पूजा-अर्चना करने वाले भक्तों का कहना है कि उनके जीवन से कष्ट दूर हो जाते हैं और बाबा की कृपा बरसती है।

मंदिर के परिसर में धनवंतरी कूप है, जिसका उल्लेख शिव पुराण में मिलता है। जिसके अनुसार कूप में भगवान धनवंतरी ने कई जड़ी-बूटियां डाली थीं। इसलिए कहा जाता है कि इसका जल पीने से तमाम तरह के घाव और रोग ठीक हो जाते हैं। शिवपुराण के अनुसार, महादेव ने 'महामृत्युंजय मंत्र' की रचना की थी और इसका रहस्य माता पार्वती को ही बताया था। महामृत्युंजय मंत्र के जाप करने से रोगों से मुक्ति मिलती है। मान्यता है कि मृत्युंजय महादेव के दर्शन करने से अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता है।

बाबा के मंदिर में प्रतिदिन हाजिरी लगाने वाले श्रद्धालु हेमंत तिवारी ने बताया कि यहां आने से मन को सुकून मिलता है। ऐसा लगता है जैसे बाबा हर मुश्किल को आसान कर देते हैं। मान्यता है कि यहां का जल कई शारीरिक और मानसिक समस्याओं की भी छुट्टी करता है। सावन में भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व है। इस दौरान भक्त बेलपत्र, दूध और जल चढ़ाकर बाबा मृत्युंजय का आशीर्वाद लेते हैं। मंदिर का वातावरण भक्ति और श्रद्धा से सराबोर रहता है। सावन के हर सोमवार को यहां विशेष पूजा और अभिषेक का आयोजन किया जाता है, जिसमें दूर-दूर से लोग शामिल होने के लिए आते हैं।

इनपुट : आईएएनएस

Medha Chawla
मेधा चावलाauthor

मेधा चावला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन की लीड हैं। लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वाली मेधा की विशेषज्ञता हेल्थ, वेलनेस, फिटनेस, मेंटल हेल्थ, डेली लाइफ इम्प्रूवमेंट, ह्यूमन-इंटरेस्ट फीचर्स और रिसर्च-बेस्ड स्टोरीज तक फैली है। उनकी लेखन शैली पाठकों को जटिल स्वास्थ्य और जीवनशैली संबंधी विषयों को आसान, समझने योग्य और व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत करती है, जिससे उनका कंटेंट व्यापक पाठक समूह से जुड़ता है। अबतक 30,000 से अधिक कंटेंट पीस लिख चुकी मेधा की कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड सेट कर चुकी हैं।

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