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Suryakumar Yadav Happy Birthday: श्री राम के जन्म नक्षत्र में पैदा हुए हैं सूर्यकुमार यादव, जानिए कैसे होते हैं ये लोग

Happy Birthday Suryakumar Yadav: आज भारत के टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव अपना जन्मदिन मना रहे हैं। 14 सितंबर 1990 में जन्मे सूर्यकुमार पुनर्वसु नक्षत्र के जातक हैं। माना जाता है कि इसी नक्षत्र में भगवान काम का जन्म हुआ था। चलिए जानते हैं कैसे होते हैं इस नक्षत्र में जन्मे लोग।

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Happy Birthday Suryakumar Yadav

Happy Birthday Suryakumar Yadav (सूर्यकुमार यादव का जन्मदिन): भगवान राम की तरह ही सूर्यकुमार यादव का जन्म भी पुनर्वसु नक्षत्र में हुआ है। इस नक्षत्र के जातक अध्यात्म और ईश्वर को मानने वाले होते हैं। इन पर भगवान राम और देवगुरु बृहस्पति की विशेष कृपा रहती है। जिस वजह से ये जीवन में जो भी काम करते हैं उसमें सफलता पाते हैं। इनके अंदर प्रेम की भावना काफी ज्यादा होती है। दूसरों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। चलिए जानते हैं और क्या खूबियां होती हैं पुनर्वसु नक्षत्र में जन्मे लोगों में।

पुनर्वसु नक्षत्र का स्वामी गुरु बृहस्पति होता है। ज्योतिष में इस नक्षत्र को बेहद शुभ माना जाता है। ये 27 नक्षत्रों में 7वें नंबर का नक्षत्र होता है। इस नक्षत्र में जिसका जन्म होता है ऐसे लोग भगवान काम की तरह ही दूसरों की भलाई के लिए तैयार रहते हैं। उन्होंने जीवन की शुरुआत में इतनी परेशानियां देखी होती हैं कि ये कम उम्र में ही परिपक्व हो जाते हैं। इनके लिए न्याय और सत्य पहले स्थान पर होता है। इन लोगों का स्वभाव काफी मिलनसार होता है।

पुनर्वसु नक्षत्र में जन्मे व्यक्तियों पर ईश्वर की असीम कृपा होती है। इस नक्षत्र के लोगों के सामने कई कठिनाइयां आती हैं लेकिन ये सभी से लड़कर आगे निकल जाता है। इसलिए ये महायोद्धा कहलाते हैं। ये लोग सदाचारी होने के साथ ही संतोषी भी होते हैं। ये परंपराओं के मानने वाले होते हैं। उन्हें समाज में काफी मान-सम्मान मिलता है। इतना ही नहीं ये काफी होशियार भी होते हैं और उनकी शिक्षा भी उच्च स्तर की होती है। ये बुरे विचार और बुरे लोगों से भी दूर रहते हैं।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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