Sunset Today Timing 13 April 2026 (आज सूर्यास्त, चंद्रोदय और एकादशी-प्रदोष काल पूजा का समय): 13 अप्रैल 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से काफी खास माना जा रहा है। आज शाम के समय एकादशी तिथि और प्रदोष काल का शुभ संयोग बन रहा है, जिसकी वजह से यह समय पूजा-पाठ और ध्यान के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है।
हिंदू परंपरा में सूर्यास्त के बाद का समय संध्या काल कहलाता है, जिसे आध्यात्मिक रूप से बहुत पवित्र माना जाता है। इस दौरान दीपक जलाना, भगवान का स्मरण करना और शांत बैठकर ध्यान करना मन को शांति देता है और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाता है। आइए जानते हैं आज सूर्यास्त का समय, चांद कब दिखेगा और प्रदोष काल की पूजा का सही समय क्या रहेगा।
आज 13 अप्रैल सूर्यास्त कब होगाा
13 अप्रैल 2026 को भारत के अलग-अलग हिस्सों में सूर्यास्त का समय थोड़ा अलग रहेगा, लेकिन औसतन यह समय शाम 6:35 बजे से 6:55 बजे के बीच रहेगा। दिल्ली-एनसीआर में सूर्यास्त का अनुमानित समय लगभग 6:42 बजे के आसपास माना जा रहा है। सूर्यास्त के बाद का समय संध्या काल होता है, जिसमें कुछ देर शांत बैठकर पूजा या ध्यान करने से मन को मानसिक सुकून मिलता है।
आज 13 अप्रैल चांद कब निकलेगा
आज चंद्रमा के निकलने का समय शहरों के अनुसार थोड़ा बदल सकता है। अनुमान के अनुसार आज चांद रात में लगभग 8:20 बजे से 9:30 बजे के बीच दिखाई देगा। चंद्र दर्शन का सही समय मौसम, स्थान और वातावरण पर भी निर्भर करता है, इसलिए अलग-अलग शहरों में इसमें कुछ अंतर हो सकता है।
प्रमुख शहरों में सूर्यास्त और चंद्रोदय का समय
| शहर | सूर्यास्त का समय (Sunset Today) | चंद्रोदय का समय (Moonrise Today) |
| दिल्ली (NCR) | शाम 6:42 PM | रात 8:55 PM | मुंबई | शाम 6:52 PM
(नोट: ये सभी समय अनुमानित हैं और मौसम व स्थान के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकते हैं।)
आज 13 अप्रैल प्रदोष काल और एकादशी पूजा का समय शाम का
आज का प्रदोष काल सूर्यास्त के बाद लगभग 1.5 घंटे तक माना जाता है। इस हिसाब से आज प्रदोष काल का समय करीब 6:40 बजे से 8:10 बजे तक रहेगा। इस दौरान भगवान शिव और भगवान विष्णु की पूजा करना बहुत शुभ माना जाता है। एकादशी के दिन लोग व्रत रखते हैं और शाम को दीपक जलाकर भगवान का ध्यान करते हैं। इस समय शांत मन से पूजा करने पर मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा महसूस होती है।
आज का धार्मिक महत्व
आज का दिन सिर्फ एक साधारण दिन नहीं है, बल्कि आध्यात्मिक दृष्टि से काफी खास माना जा रहा है। सूर्यास्त, एकादशी और प्रदोष काल का यह संयोग भक्तों के लिए बेहद शुभ अवसर लेकर आता है। शाम के समय कुछ देर ध्यान, पूजा या मंत्र-जाप करने से मन शांत होता है और दिन का अंत सकारात्मक ऊर्जा के साथ होता है।
