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Krishna Bhagwan Ki Aarti Lyrics: आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की...देखें कृष्ण जी की आरती के लिरिक्स

Aarti Kunj Bihari Ki (आरती कुंजबिहारी की ) Sri Krishna Ji Ki Aarti, Laddu Gopal Ki Aarti: बाल गोपाल की पूजा के समय उनकी ये विशेष आरती जरूर करें। इससे आपको पूजा का संपूर्ण फल प्राप्त हो जाएगा। यहां देखें आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की...आरती के लिरिक्स।

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Sri Krishna Bhagwan Ki Aarti In Hindi

Krishna Bhagwan Ki Aarti Lyrics: कृष्ण भगवान श्री हरि विष्णु जी के आठवें अवतार माने जाते हैं। कहते हैं उनका जन्म अत्याचारी राजा कंस का वध करने के लिए हुआ था। जिससे धरती पर धर्म की पुन: स्थापना हो सके। कहते हैं जो व्यक्ति सच्चे मन से कृष्ण जी की भक्ति करता है उसके जीवन की सभी बाधाएं दूर हो जाती हैं। अगर बाल गोपाल की विशेष कृपा पाना चाहते हैं तो उनकी पूजा के समय इन 3 आरती को जरूर करें। यहां देखें कृष्ण भगवान की आरती (Krishna Aarti Lyrics), बाल गोपाल की आरती (Bal Gopal Aarti) और बांके बिहारी की आरती लिखित में (Banke Bihari Ji Ki Aarti)।

कृष्ण भगवान की आरती (Shree Krishna Bhagwan Ki Aarti)

krishna ji ki aarti.

Aarti Krishna Bhagwan Ki

आरती श्री कृष्ण भगवान की (Kanha Ji Ki Aarti)

  • आरती कुंजबिहारी की,
  • श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
  • आरती कुंजबिहारी की,
  • श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
  • गले में बैजंती माला,
  • बजावै मुरली मधुर बाला ।
  • श्रवण में कुण्डल झलकाला,
  • नंद के आनंद नंदलाला ।
  • गगन सम अंग कांति काली,
  • राधिका चमक रही आली ।
  • लतन में ठाढ़े बनमाली
  • भ्रमर सी अलक,
  • कस्तूरी तिलक,
  • चंद्र सी झलक,
  • ललित छवि श्यामा प्यारी की,
  • श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
  • आरती कुंजबिहारी की,
  • श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
  • कनकमय मोर मुकुट बिलसै,
  • देवता दरसन को तरसैं ।
  • गगन सों सुमन रासि बरसै ।
  • बजे मुरचंग,
  • मधुर मिरदंग,
  • ग्वालिन संग,
  • अतुल रति गोप कुमारी की,
  • श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥
  • आरती कुंजबिहारी की,
  • श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
  • जहां ते प्रकट भई गंगा,
  • सकल मन हारिणि श्री गंगा ।
  • स्मरन ते होत मोह भंगा
  • बसी शिव सीस,
  • जटा के बीच,
  • हरै अघ कीच,
  • चरन छवि श्रीबनवारी की,
  • श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥
  • आरती कुंजबिहारी की,
  • श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
  • चमकती उज्ज्वल तट रेनू,
  • बज रही वृंदावन बेनू ।
  • चहुं दिसि गोपि ग्वाल धेनू
  • हंसत मृदु मंद,
  • चांदनी चंद,
  • कटत भव फंद,
  • टेर सुन दीन दुखारी की,
  • श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥
  • आरती कुंजबिहारी की,
  • श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
  • आरती कुंजबिहारी की,
  • श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
  • आरती कुंजबिहारी की,
  • श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
Nand Ghar Aanand Bhayo Jai kanhaiya Lal ki

Banke Bihari Ki Aarti (बांके बिहारी की आरती)

श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं,

हे गिरिधर तेरी आरती गाऊं ।

आरती गाऊं प्यारे आपको रिझाऊं,

श्याम सुन्दर तेरी आरती गाऊं ।

॥ श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं..॥

मोर मुकुट प्यारे शीश पे सोहे,

प्यारी बंसी मेरो मन मोहे ।

देख छवि बलिहारी मैं जाऊं ।

॥ श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं..॥

चरणों से निकली गंगा प्यारी,

जिसने सारी दुनिया तारी ।

मैं उन चरणों के दर्शन पाऊं ।

॥ श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं..॥

दास अनाथ के नाथ आप हो,

दुःख सुख जीवन प्यारे साथ आप हो ।

हरी चरणों में शीश झुकाऊं ।

॥ श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं..॥

श्री हरीदास के प्यारे तुम हो ।

मेरे मोहन जीवन धन हो।

देख युगल छवि बलि बलि जाऊं ।

॥ श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं..॥

श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं,

हे गिरिधर तेरी आरती गाऊं ।

आरती गाऊं प्यारे आपको रिझाऊं,

श्याम सुन्दर तेरी आरती गाऊं ।

Aarti Bal Krishna Ki Kije Lyrics (बाल कृष्ण आरती)

आरती बाल कृष्ण की कीजै,

अपना जन्म सफल कर लीजै ॥

श्री यशोदा का परम दुलारा,

बाबा के अँखियन का तारा ।

गोपियन के प्राणन से प्यारा,

इन पर प्राण न्योछावर कीजै ॥

॥आरती बाल कृष्ण की कीजै...॥

बलदाऊ के छोटे भैया,

कनुआ कहि कहि बोले मैया ।

परम मुदित मन लेत बलैया,

अपना सरबस इनको दीजै ॥

॥आरती बाल कृष्ण की कीजै...॥

श्री राधावर कृष्ण कन्हैया,

ब्रज जन को नवनीत खवैया ।

देखत ही मन लेत चुरैया,

यह छवि नैनन में भरि लीजै ॥

॥आरती बाल कृष्ण की कीजै...॥

तोतली बोलन मधुर सुहावै,

सखन संग खेलत सुख पावै ।

सोई सुक्ति जो इनको ध्यावे,

अब इनको अपना करि लीजै ॥

॥आरती बाल कृष्ण की कीजै...॥

आरती बाल कृष्ण की कीजै,

अपना जन्म सफल कर लीजै ॥

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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