Shrinath Ji Temple, Nathdwara, Rajsthan:राजस्थान के राजसमंद में बना श्रीनाथ मंदिर भगवान कृष्ण के बाल रूप को समर्पित है। यह जगह उदयपुर के पास है। यहां पर बाल कृष्ण की गोवर्धन पर्वत उठाते हुए की प्रतिमा की पूजा की जाती है। यह मंदिर पूरे 400 साल पुराना है । इसके पीछे की कहानी भी बेहद रोचक है किस तरह से बाल कृष्ण वृदांवन से राजस्थान आए थे। भारत के अलावा श्रीनाथ जी के मंदिर अन्य देशों में भी स्थित हैं। यह रूस, मध्य एशिया, अमेरिका सहित आठ स्थानों पर विराजमान है। श्रीनाथ का भव्य रूप देखने के लिए लोग दूर दूर से आते हैं और अपनी मनोकामना मांगते हैं। कहते हैं कि इनके दर्शन मात्र से सभी कष्ट दूर हो जाते हैं।
मुकेश अंबानी सहित देश दुनिया की तमाम बड़ी हस्तियां यहां दर्शन के लिए आती हैं। हाल ही में मुकेश अंबानी के बेटे अनंत अंबानी और उनकी मंगेतर राधिका मर्चेंट ने श्रीनाथजी मंदिर में रोका किया है। श्रीनाथ जी का मंदिर दिन में 8 दर्शनों के लिए खोला जाता है। यहां पर 8 आरती होती हैं।उनके दर्शन के लिए समय निर्धारित किया गया है। श्रीनाथ मंदिर से जुड़ी कई रोचक कहानियां हैं आइए जानते है यह मंदिर क्यों है इतना प्रसिद्ध ।
वैष्णव संप्रदाय के प्रमुख देवता श्रीनाथ जी
भगवान श्रीनाथजी वैष्णव संप्रदाय के प्रमुख देवता माने जाते हैं इस संप्रदाय को कुछ लोग पुष्टीमार्ग वल्लभ संप्रदाय से जानते हैं ।इस संप्रदाय की स्थापना वल्लभाचार्य ने की थी भाटिया भी श्रीनाथजी के बड़े भक्त हैं। वल्लभाचार्य के बेटे विट्ठलनाथजी भगवान श्रीनाथजी के बड़े भक्त और भगवान की निस्वार्थ रूप से सेवा और भक्ति करते थे नाथ द्वारा शहर में उन्होंने ईश्वर नाथ जी की भक्ति को चरम सीमा पर पहुंचाया था।
दान इतना कि गिनने में लग जाते हैं महीने
श्रीनाथजी मंदिर में देशभर से भक्त दर्शन करने के लिए आते हैं और यहां पर दान दक्षिणा देकर जाते हैं हर महीने यहां 7 करोड़ से अधिक नकद धनराशि मिलती है यानी हर दिन 20 लाख रुपए की नगद कमाई होती है यहां इतना धन आता है कि गिनने में महीने लग जाते हैं।

shrinath ji statue
ग्रहण में भी खुले रहते हैं मंदिर के कपाट
श्रीनाथजी मंदिर भारत का एकमात्र ऐसा मंदिर है जहां सूर्य ग्रहण के बाद भी मंदिर के कपाट खुले रहते हैं। यह परंपरा कई साल से चली आ रही है। हालांकि ग्रहण के समय श्रीनाथ के केवल दर्शन होते हैं और बाकी सारी सेवाएं बंद रहती है।

srinath ji 1
जन्माष्टमी पर दी जाती है 21 तोपों की सलामी
यहां पर जन्माष्टमी का त्योहार बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। यह भारत का एकमात्र ऐसा मंदिर है जहां कृष्ण जन्म पर 21 तोपों की सलामी दी जाती है । इस नजारे को देखने के लिए देश और दुनिया से कई श्रद्धालु आते हैं। इस दिन नगर का नजारा ब्रज जैसा दिखता है।
अंबानी परिवार की है श्रीनाथजी में गहरी आस्था
रिलायंस इंडस्ट्रीज के मालिक मुकेश अंबानी और उनके परिवार को श्रीनाथजी मंदिर में गहरी आस्था है हर विशेष मौके पर वह परिवार सहित इस मंदिर में दर्शन करने जरूर आते हैं यही कारण है कि उनके बेटे अनंत अंबानी ने अपनी मंगेतर राधिका मर्चेंट से इसी मंदिर में सगाई की है।
