Shri Vishnu Stotra: हिंदू धर्म में गुरुवार का दिन भगवान विष्णु को समर्पित है। इस दिन विधिवत भगवान विष्णु की पूजा करने से साधक को शुभ फल की प्राप्ति होती है। गुरुवार के दिन श्रद्धा भक्ति से भगवान विष्णु की उपासना करने से सारी मनोकामना की पूर्ति होती है। शास्त्रों में भगवान विष्णु जी के स्तोत्र को बहुत ही महत्वपूर्ण माना गया है । कहा जाता है कि इस स्तोत्र का पाठ करने से मनवांछित फल की प्राप्ति होती है। भगवान विष्णु सृष्टि के पालनकर्ता हैं। जब सच्चे मन से विष्णु स्तोत्र का पाठ किया जाता है तो व्यक्ति के जीवन में सकारात्मकता आती है और वह प्रगति के पथ पर आगे बढ़ता है। आइए जानते हैं गुरुवार के दिन भगवान विष्णु के किस स्तोत्र का पाठ करना चाहिए।
इस स्तोत्र का करें पाठ
किं नु नाम सहस्त्राणि जपते च पुन: पुन: ।यानि नामानि दिव्यानि तानि चाचक्ष्व केशव: ।।1।।
मत्स्यं कूर्मं वराहं च वामनं च जनार्दनम् ।
गोविन्दं पुण्डरीकाक्षं माधवं मधुसूदनम् ।।2।।
पदनाभं सहस्त्राक्षं वनमालिं हलायुधम् ।
गोवर्धनं ऋषीकेशं वैकुण्ठं पुरुषोत्तमम् ।।3।।
विश्वरूपं वासुदेवं रामं नारायणं हरिम् ।
दामोदरं श्रीधरं च वेदांग गरुड़ध्वजम् ।।4।।
अनन्तं कृष्णगोपालं जपतो नास्ति पातकम् ।
गवां कोटिप्रदानस्य अश्वमेधशतस्य च ।।5।।
कन्यादानसहस्त्राणां फलं प्राप्नोति मानव: ।
अमायां वा पौर्णमास्यामेकाद्श्यां तथैव च ।।6।।
