Shivling Puja Vidhi In Hindi: भगवान शिव परमब्रम्ह हैं। वह साकार व निराकार हैं। साकार में निराकार व निराकार में साकार का दर्शन भगवान शिव (Lord Shiva) में ही होता है। शिवलिंग की पूजा बहुत ही सरल, सहज व समर्पण भाव से करना चाहिए। शिवलिंग पर जलाभिषेक (Shivling Jalabhishek Vidhi) करने से ही शिव प्रसन्न हो जाते हैं। शिव सबके हैं। प्रारब्ध को मिटाने का अमर वरदान शिव ही दे सकते हैं। बिना शक्ति के शिव अधूरे हैं। शिव पूजा के साथ माता दुर्गा की उपासना अत्यंत आवश्यक है। यहां जानिए सावन में कैसे करें शिवलिंग की पूजा।
शिवलिंग की पूजा कैसे करें (Shivling Puja Kaiase Karen)
सर्वप्रथम अपने घर से जल लेना सीखें। यदि शिव मंदिर किसी पवित्र नदी के तट पर है तो वहां का जल भगवान को अर्पित करें। यदि घर में शिवलिंग स्थापित करना है तो या तो पारद का शिवलिंग हो या नर्मदेश्वर शिवलिंग। यह दोनों प्रकार के शिवलिंग घर के पूजा घर में रखकर नीचे अर्घा बनाकर प्रतिदिन भगवान का जलाभिषेक करें। दही, दूध व शहद भी भगवान को अर्पित करें। यदि आप व्याधि से पीड़ित हैं तो कुश व गंगाजल जिसे कुशोदक कहते हैं, उसी शिवलिंग पर शिववास के दिन भगवान का रुद्राभिषेक कराएं।
शिव जलाभिषेक सामग्री और विधि (Shiv Abhishek Samagri And Vidhi)
शिव मंदिर में मनोकामना पूर्ति हेतु भगवान का जलाभिषेक करें। शिवलिंग पर फल, द्रव्य, इत्र, गंगाजल इत्यादि अर्पित कर भगवान को प्रसन्न करें। लौटते समय नंदी जी के बाएं कान में अपनी मनोकामना कहें। अपनी मनोकामना कहने के पहले ॐ नमः शिवाय कहकर नंदी जी के बाएं कर्ण में अपनी मनोकामना इतनी ही ध्वनि में करें कि सिर्फ आप व नंदी ही सुनें, दूसरा कोई मत सुने। ऐसा करने से आपकी मनोकामना पूर्ण होती है। यदि आप केवल शिव भक्ति व मोक्ष चाहते हैं। किसी भी प्रकार की भौतिक पदार्थों की जिज्ञासा आपको न होकर सिर्फ मोक्ष व शिवधाम चाहिए तो पवित्र नदियों के जल से भगवान का रुद्राभिषेक करें व हर पल श्वांस में ॐ नमः शिवाय महामंत्र का जप चलता रहे।
यह सब विधियां भगवान शिव को प्रसन्न करने व शिवलिंग उपासना की सरल विधियां हैं। भगवान शिव को श्री रामकथा बहुत प्रिय है। इनके सम्मुख प्रतिदिन श्री रामचरितमानस का पाठ करें।
