Shitala Satam 2024 Date And Time: शीतला सातम का त्योहार हर साल भाद्रपद महीने की कृष्ण सप्तमी तिथि के दिन मनाया जाता है। इस दिन शीतला माता की पूजा की जाती है। ये पर्व गुजरात में विशेषतौर मनाया जाता है। शीतला सतम के दिन माता शीतला की पूजा पूरे विधि- विधान के साथ की जाती है। ऐसी मान्यता है कि शीतला माता की पूजा करने से और शीतला सातम का व्रत रखने से साधक को चेचक, खसरा और अन्य रोगों से मुक्ति मिलती है। शीतला सातम की पूजा शीतला अष्टमी और बासोड़ा पूजा की तरह ही की जाती है। गुजरात के लोग माता शीतला का आशीर्वाद पाने के लिए शीतला सातम का व्रत रखते हैं और पूजा करते हैं।
Shitala Satam 2024 Date (शीतला सातम डेट 2024)
शीतला सातम का व्रत हर साल भादव मास की कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि के दिन रखा जाता है। इस साल सप्तमी तिथि के शुरुआत 25 अगस्त 2024 सुबह 5 बजकर 30 मिनट पर होगी। वहीं इस तिथि का समापन 26 अगस्त को सुबह 3 बजकर 39 मिनट पर होगा। ऐसे में शीतला सातम का व्रत इस साल 25 अगस्त 2024 को रखा जाएगा।Shitala Satam 2024 Shubh Muhurat (शीतला सातम 2024 शुभ मुहूर्त)
इस साल शीतला सातम का व्रत 25 अगस्त 2024 को रविवार के दिन रखा जाएगा। इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह के 5 बजकर 56 मिनट से लेकर शाम के 6 बजकर 50 मिनट तक रहने वाला है। इस शुभ मुहूर्त में पूजा करना उत्तम होगा।
Shitala Satam 2024 Puja Vidhi (शीतला सातम पूजा विधि 2024)़
- शीतला सातम के दिन सुबह स्नान के बाद साफ वस्त्र धारण कर लें।
- इस दिन ताजा खाना ना पकाएं। इस दिन बासी भोजन करने की परंपरा है।
- स्नान के बाद माता शीतला की मूर्ति साफ चौकी पर स्थापित करें।
- उसके बाद माता शीतला को ठंडी चीजों का भोग लगाएं।
- फिर शीतला सातम की कथा का पाठ करें और आरती करें।
Shitala Satam Importance (शीतला सातम महत्व)
हिंदू धर्म में शीतला सातम के व्रत का खास महत्व है। इस दिन गौस पर ताजा भोजन नहीं बनाया जाता है। शीतला सातम के दिन बासी खाना खाने की परंपरा है। इस दिन शीतला माता की पूजा की जाती है। इस दिन माता शीतला को ठंडी चीजों का भोग लगाना चाहिए। माता शीतला की पूजा करने से साधक को त्वचा के रोग और खसरा जैसे रोगों से मुक्ति मिलती है। इसके साथ ही परिवार को सेहत का लाभ भी मिलता है। शीतला माता साधक को स्वास्थय और सेहत प्रदान करती हैं।
