Shattila Ekadashi 2023 Vrat Importance: एकादशी का व्रत और पूजन श्री हरि विष्णुजी को समर्पित होता है। वैसे तो प्रत्येक माह में दो एकादशी तिथि पड़ती है और साल में 24, वहीं अधिकमास होने पर 26 एकादशी का व्रत रखा जाता है। लेकिन इनमें माघ महीने के कृष्ण पक्ष की षटतिला एकादशी को महत्वपूर्ण माना गया है। बता दें कि षटतिला एकादशी का व्रत बुधवार 18 जनवरी 2023 को रखा जाएगा। मान्यता है कि जो व्यक्ति षटतिला एकादशी का व्रत और पूजन विधि-विधान से करता है, उसे स्वर्ग व मोक्ष की प्राप्ति होती है। लेकिन शास्त्रों में कुछ ऐसी चीजों का उल्लेख किया गया है, जिसे षटतिला एकादशी पर करने से बचना चाहिए। वहीं कुछ ऐसी भी चीजें है, जिसे षटतिला एकादशी पर करना अनिवार्य माना गया है। जानते हैं षटतिला एकादशी के व्रत में किन नियमों का करें पालन और किससे बनाएं दूरी।
षटतिला एकादशी पर जरूर करें ये कार्य
- षटतिला एकादशी पर किसी भी रूप में तिल का उपयोग जरूर करना चाहिए. आप तिल के जल से स्नान, तिल का दान, तिल का सेवन, तिल से तर्पण, तिल का प्रसाद या फिर तिल से हवन कर सकते हैं।
- षटतिला एकादशी पर पूजा में इससे संबंधित व्रत कथा का पाठ जरूर करें या सुनें, तभी व्रत और पूजा संपन्न होती है।
- षटतिला एकादशी पर पूजा में भगवान विष्णु को तिल का भोग और तुलसी दल जरूर अर्पित करें।
- इस दिन किसी गरीब और जरूरतमंद को अपने सामर्थ्य अनुसार दान-दक्षिणा जरूर दें।
षटतिला एकादशी पर न करें ये काम
- षटतिला एकादशी के दिन यदि आप व्रत नहीं भी रखें, तब भी चावल और बैंगन का सेवन न करें।
- षटतिला एकादशी पर शहद और मसूर की दाल का सेवन भी वर्जित माना गया है।
- इस दिन मांसाहार का सेवन न करें, शराब या नशीले पदार्थों से भी दूरी बनाएं और जुआ इत्यादि न खेलें।
- षटतिला एकादशी का व्रत रखने वालों को ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए।
- एकादशी के व्रत के दिन बिस्तर पर न सोएं, इस दिन जमीन पर सोना चाहिए।
षटतिला एकादशी पर इन नियमों व विधियों का पालन करने पर व्रत सफल होती है और भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त होता है। साथ ही इन नियमों का पालन करने वाले से मां लक्ष्मी भी प्रसन्न होती हैं।
डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।
