अध्यात्म

Sharad Purnima 2024 Kojagiri Purnima Aarti: शरद पूर्णिमा यानि कोजागिरी पूर्णिमा की आरती और मंत्र यहां देखें

Sharad Purnima 2024 Kojagiri Purnima Aarti In Hindi: शरद पूर्णिमा के दिन मुख्य रूप से माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। इनकी पूजा के समय ओम जय लक्ष्मी माता आरती को करना बिल्कुल भी न भूलें।

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Sharad Purnima Aarti

Sharad Purnima 2024 Kojagiri Purnima Aarti In Hindi: शरद पूर्णिमा के दिन माता लक्ष्मी की पूजा का खास महत्व होता है। खासकर पश्चिम बंगाल, ओडिशा और असम में इस दिन मां लक्ष्मी की विशेष पूजा की जाती है। इन जगहों पर शरद पूर्णिमा के व्रत को कोजागर व्रत के नाम से जाना जाता है। कोजागर व्रत की कथा के अनुसार आश्विन पूर्णिमा की रात में माता लक्ष्मी संसार में भ्रमण के लिए निकलती हैं और जो भी भक्त उन्हें जागता हुआ और भक्ति करता हुआ मिलता है देवी मां उसको धन-धान्य से सम्पन्न कर देती हैं। इसलिए शरद पूर्णिमा की आधी रात में लक्ष्मी पूजा का विशेष महत्व माना गया है। यहां देखें शरद पूर्णिमा की आरती।

Sharad Punrima Mantra (शरद पूर्णिमा मंत्र)

  • ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः
  • ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धन धान्याधिपतये
  • ॐ श्रीं ल्कीं महालक्ष्मी महालक्ष्मी एह्येहि सर्व सौभाग्यं देहि मे स्वाहा:
  • ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नम:

Sharad Purnima Aarti, Laxmi Mata Ki Aarti (शरद पूर्णिमा आरती)

ओम जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।

तुमको निशिदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता॥

ओम जय लक्ष्मी माता॥

उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता, मैय्या तुम ही जग माता।

सूर्य-चंद्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता॥

ओम जय लक्ष्मी माता॥

दुर्गा रुप निरंजनी, सुख सम्पत्ति दाता, मैय्या सुख संपत्ति पाता।

जो कोई तुमको ध्याता, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता॥

ओम जय लक्ष्मी माता॥

तुम पाताल-निवासिनि, तुम ही शुभदाता, मैय्या तुम ही शुभ दाता।

कर्म-प्रभाव-प्रकाशिनी, भवनिधि की त्राता॥

ओम जय लक्ष्मी माता॥

जिस घर में तुम रहतीं, सब सद्गुण आता, मैय्या सब सद्गुण आता।

सब संभव हो जाता, मन नहीं घबराता॥

ओम जय लक्ष्मी माता॥

तुम बिन यज्ञ न होते, वस्त्र न कोई पाता, मैय्या वस्त्र न कोई पाता।

खान-पान का वैभव, सब तुमसे आता॥

ओम जय लक्ष्मी माता॥

शुभ-गुण मंदिर सुंदर, क्षीरोदधि-जाता, मैय्या क्षीरगदधि की जाता।

रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता॥

ओम जय लक्ष्मी माता॥

महालक्ष्मीजी की आरती, जो कोई जन गाता, मैय्या जो कोई जन गाता।

उर आनन्द समाता, पाप उतर जाता॥

ओम जय लक्ष्मी माता॥

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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