Shani Pradosh Vrat Katha In Hindi: कहते हैं शनि प्रदोष व्रत करने से भगवान शिव और शनिदेव की असीम कृपा प्राप्त होती है। 11 जनवरी 2025 को शनि प्रदोष व्रत रखा जा रहा है। इस दिन पूजा का प्रदोष काल मुहूर्त शाम 5 बजकर 43 मिनट से रात 8 बजकर 26 मिनट तक रहेगा। इस मुहूर्त में शनि प्रदोष व्रत की पूजा करने और कथा पढ़ने से असीम लाभ प्राप्त होगा।
शनि प्रदोष व्रत कथा
प्राचीन काल में एक नगर में सेठ जी रहते थे। सेठजी के पास सभी सुख-सुविधाएं थीं लेकिन उनकी कोई संतान नहीं थी जिस कारण सेठ और सेठानी हमेशा दुःखी रहते थे। काफी सोच-विचार के बाद सेठजी ने अपना काम नौकरों को सौंप दिया और खुद अपनी पत्नी के साथ तीर्थयात्रा पर निकल पड़े।तीर्थयात्रा पर जाते हुए उनकी मुलाकात एक साधु से हुई, जो ध्यानमग्न बैठे थे। सेठजी ने सोचा, क्यों न साधु से आशीर्वाद लेकर आगे बढ़ा जाए। सेठ और सेठानी साधु के निकट बैठ गए। साधु ने जब आंखें खोलीं तो उन्हें ज्ञात हुआ कि सेठ-सेठानी लंबे समय से उनका आशीर्वाद लेने के लिए बैठे हैं।
साधु ने सेठ और सेठानी से कहा कि मैं तुम्हारा दुःख जान गया हूं। बस तुम शनि प्रदोष व्रत करो, इससे तुम्हें संतान सुख अवश्य प्राप्त होगा। साधु ने सेठ-सेठानी को प्रदोष व्रत की विधि बताई और शंकर भगवान की निम्न वंदना भी बताई।
हे रुद्रदेव शिव नमस्कार ।
शिवशंकर जगगुरु नमस्कार ॥
हे नीलकंठ सुर नमस्कार ।
शशि मौलि चन्द्र सुख नमस्कार ॥
हे उमाकांत सुधि नमस्कार ।
उग्रत्व रूप मन नमस्कार ॥
ईशान ईश प्रभु नमस्कार ।
विश्वेश्वर प्रभु शिव नमस्कार ॥
सेठ-सेठानी साधु से आशीर्वाद लेकर तीर्थयात्रा के लिए आगे चल पड़े। तीर्थयात्रा से लौटने के बाद उन्होंने मिलकर शनि प्रदोष व्रत किया जिसके प्रभाव से उनके घर एक सुंदर पुत्र का जन्म हुआ।
