अध्यात्म

शनि देव के भजन लिरिक्स, शनिदेव के भजन गीत, यहां पढ़ें मंगल करने वाले शनिदेव के भजन लिरिक्स

Shani Dev Bhajan: शनिदेव को प्रसन्न करने और उनकी कृपा पाने के लिए उनके भक्ति गीत और भजन गाए जाते हैं। यहां देखें शनि देव के भजन लिरिक्स और शनि देव के गीत हिंदी में लिखित।

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शनि देव के भजन लिरिक्स हिंदी में लिखित

Shani Dev Bhajan: हिंदू धर्म में शनिवार का दिन न्याय के देवता शनि महाराज को समर्पित माना जाता है। शनि देव (shani dev) को कर्मों के अनुसार फल देने वाला ग्रह कहा जाता है, इसलिए लोग उनकी कृपा पाने और जीवन के कष्टों से राहत पाने के लिए विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। मान्यता है कि जिन लोगों पर शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या या शनि दोष का प्रभाव होता है, उन्हें जीवन में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में शनि देव की आराधना, मंत्र जाप और भजन सुनना बेहद लाभकारी माना जाता है। धार्मिक विश्वास के अनुसार, शनिवार के दिन श्रद्धा और भक्ति से शनि भजन सुनने से मन को शांति मिलती है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होने लगती है। इतना ही नहीं, नियमित रूप से शनि देव का स्मरण करने से जीवन में सुख, समृद्धि और सकारात्मकता का संचार भी होता है। इसलिए बड़ी संख्या में भक्त हर शनिवार शनि महिमा और भजन का पाठ करते हैं। यहां देखें शनि जी के भजनों का लिरिक्स कलेक्शन लिखित में।

शनि देव के भजन लिरिक्स हिंदी

शनि जी के भजन लिरिक्स इन हिंदी यहां कुछ भजनों का कलेक्शन हैं जिन्हें गाकर अपने शनि को प्रसन्न कर सकते हैं।

1. शनि जी कर दो बेड़ा पार शनि देव भजन लिरिक्स इन हिंदी

शनि देव तुम सुख के सागर

भर दो मेरे खाली गागर

सिगनापुर सरकार

शनि जी कर दो बेड़ा पार

शनि जी कर दो बेड़ा पारपूजास्थल

शनि देव तुम सुख के सागर

भर दो मेरे खाली गागर

सिगनापुर सरकार

शनि जी कर दो बेड़ा पार

शनि जी कर दो बेड़ा पार

शनि जी कर दो बेड़ा पार

मैं सेवक तू मेरा स्वामी

किरपा कर दो अंतर्यामी

मैं सेवक तू मेरा स्वामी

किरपा कर दो अंतर्यामी

मुझपे अपनी दया दिखा दो

मेहर करो तक़दीर जगा दो

सिर पे रखके हाथ दया का…

सिर पे रखके हाथ दया का

दे दो अपना प्यार

शनि जी कर दो बेड़ा पार

शनि जी कर दो बेड़ा पार

शनि जी कर दो बेड़ा पार

तेरे बिन किसके दर जाऊं

किसको अपना हाल सुनाऊँ

तेरे बिन किसके दर जाऊं

किसको अपना हाल सुनाऊँ

तुहीं सबकी सुनने वाला

ध्यान सभी पे धरने वाला

हाथ पकड़ के मेरा मुझको…

हाथ पकड़ के मेरा मुझको

भाव सागर से तार

शनि जी कर दो बेड़ा पार

शनि जी कर दो बेड़ा पार

शनि जी कर दो बेड़ा पार

तेरे दर पे अर्ज लगाई

दाता मेरे करो सुनाई

तेरे दर पे अर्ज लगाई

दाता मेरे करो सुनाई

तुम तो हो बड़े दिलवाले

बन जाओ मेरे रखवाले

तुझ बिन मेरा और न कोई…

तुझ बिन मेरा और न कोई

कौन सुनेगा पुकार

शनि जी कर दो बेड़ा पार

शनि जी कर दो बेड़ा पार

शनि जी कर दो बेड़ा पार

शनि देव तुम सुख के सागर

भर दो मेरे खाली गागर

सिगनापुर सरकार

शनि जी कर दो बेड़ा पार

शनि जी कर दो बेड़ा पारपूजास्थल

शनि देव तुम सुख के सागर

भर दो मेरे खाली गागर

सिगनापुर सरकार

शनि जी कर दो बेड़ा पार

शनि जी कर दो बेड़ा पार

शनि जी कर दो बेड़ा पार

2. धीरे धीरे गमन करें शनि देव भजन लिरिक्स इन हिंदी

धीरे धीरे गमन करें और

सदा शांत जो रहते हैं

जिनके चरणों में करुणा के

धारे सदा ही बहते हैं

न्यायधीश और सौम्यस्वभावी

शास्त्र जिन्हें कहते हैं

करें सब उनका वंदन

रवि सुत छाया नंदन

करें सब उनका वंदन

रवि सुत छाया नंदन

धीरे धीरे गमन करें और

सदा शांत जो रहते हैं

जिनके चरणों में करुणा के

धारे सदा ही बहते हैं

न्यायधीश और सौम्यस्वभावी

शास्त्र जिन्हें कहते हैं

करें सब उनका वंदन

रवि सुत छाया नंदन

करें सब उनका वंदन

रवि सुत छाया नंदन

महाशक्ति शाली हैं शनि जी

ताकत अपरंपार है

सारे दुखों का भंजन हो जहां

वो शनिदेव का द्वार है

हो..महाशक्ति शाली हैं शनि जी

ताकत अपरंपार है

सारे दुखों का भंजन हो जहां

वो शनिदेव का द्वार है

ग्रहों के मुखिया मुख पे जिनके

तेज निराला रहता है

तेज क्रोध पर शांत स्वभावी

हर एक शास्त्र ये कहता है

जिनके क्रोध से बिगड़े नसीबा

दया से भाग्य सँवरते हैं

जिनके क्रोध से बिगड़े नसीबा

दया से भाग्य सँवरते हैं

न्यायधीश और सौम्यस्वभावी

शास्त्र जिन्हें कहते हैं

करें सब उनका वंदन

रवि सुत छाया नंदन

करें सब उनका वंदन

रवि सुत छाया नंदन

जो चिंतक है शनिदेव का

सारे सुख वो पाता है

हर्षा कर वो शनिदेव को

आनंद मंगल गाता है

हो..जो चिंतक है शनिदेव का

सारे सुख वो पाता है

हर्षा कर वो शनिदेव को

आनंद मंगल गाता है

रूठ जाने पर शनिदेव जी

सर्वनाश कर देते हैं

अपने कोप से बड़े बड़ों को

नहीं संभलने देते हैं

तीनों लोक में मस्त होके जो

सदा ही विचरण करते हैं

तीनों लोक में मस्त होके जो

सदा ही विचरण करते हैं

न्यायधीश और सौम्यस्वभावी

शास्त्र जिन्हें कहते हैं

करें सब उनका वंदन

रवि सुत छाया नंदन

करें सब उनका वंदन

रवि सुत छाया नंदन

आपके सम्मुख मौन रहे इस

जग में ज्ञानी ध्यानी सब

आपका वंदन करते रहते

देव ऋषि मुनि प्राणी सब

हाँ..आपके सम्मुख मौन रहे इस

जग में ज्ञानी ध्यानी सब

आपका वंदन करते रहते

देव ऋषि मुनि प्राणी सब

शनिवार को भक्ति भाव से

जो शनिदेव का पाठ करें

कृपा करके भक्तों पे शनि जी

सुख की सदा बरसात करें

अपनी कृपा से प्रभाव से जो

धन यश वैभव भरते हैं

अपनी कृपा से प्रभाव से जो

धन यश वैभव भरते हैं

न्यायधीश और सौम्यस्वभावी

शास्त्र जिन्हें कहते हैं

करें सब उनका वंदन

रवि सुत छाया नंदन

करें सब उनका वंदन

रवि सुत छाया नंदन

3. जय जय रंजन शनि हरे शनि देव भजन लिरिक्स इन हिंदी

जय जय रविनंदन जय दुख भंजन

जय जय रंजन शनि हरे

जय भुज चारी धारणकारी

दुष्ट दलन जय शनि हरे

जय जय रविनंदन जय दुख भंजन

जय जय रंजन शनि हरे

तुम हो कुपिट नित करत दुखित

धनी को करत निर्धन जय शनि हरे

जय जय रविनंदन जय दुख भंजन

जय जय रंजन शनि हरे

तुम घर अनूप यम का स्वरूप

हो करत वधन जय शनि हरे

जय जय रविनंदन जय दुख भंजन

जय जय रंजन शनि हरे

तब नाम जो दस जोहि करत सो

बस जो करै रटन जय शनि हरे

जय जय रविनंदन जय दुख भंजन

जय जय रंजन शनि हरे

महिमा अपार जग में तुम्हारी

जपत देवतन जय शनि हरे

जय जय रविनंदन जय दुख भंजन

जय जय रंजन शनि हरे

तब नैन कठिन नित बरसे

अग्नि भैंसा वाहन जय शनि हरे

जय जय रविनंदन जय दुख भंजन

जय जय रंजन शनि हरे

प्रभु तेज तुम्हारा अतिहि करारा

जानत सब जन जय शनि हरे

जय जय रविनंदन जय दुख भंजन

जय जय रंजन शनि हरे

प्रभु शनि दान से तुम महान

होते हो मगन जय शनि हरे

जय जय रविनंदन जय दुख भंजन

जय जय रंजन शनि हरे

प्रभु उदीप्त नारायण शीश नवाय धरे

धर चरन जय शनि हरे

जय जय रविनंदन जय दुख भंजन

जय जय रंजन शनि हरे

4. जय जय शनि देव बलकारी शनि देव भजन लिरिक्स इन हिंदी

कागा की करते हो सवारी

कागा की करते हो सवारी

जय जय शनि देव बलकारी

(जय जय शनि देव बलकारी)

हो जय शनि देवा बोलो जय शनि देवा

जय शनि देवा बोलो जय शनि देवा

कागा की करते हो असवारी

कागा की करते हो असवारी

(जय जय शनि देव बलकारी

जय जय शनि देव बलकारी

जय जय शनि देव बलकारी)

नो नो ग्रहो में तुम शक्ति शाली,

दृष्टि से तुमरी डरते सभी

(दृष्टि से तुमरी डरते सभी)

साढ़ेसाती तुम्हारी है जब आती

पूजन तुम्हारा तो करते सभी

(पूजन तुम्हारा तो करते सभी

पूजन तुम्हारा तो करते सभी)

लोहा तिल तेल चढ़ाते सभी

उड़द का भोग लगते सभी

शनि देव तुमको मनाते सभी

जय जय भुलाते है तुम्हारी

जय जय भुलाते है तुम्हारी

(जय जय शनि देव बलकारी

जय जय शनि देव बलकारी

जय जय शनि देव बलकारी)

सूरज के पुत्र हो छाया महतारी

यम यमुना भाई बहन आप के

(यम यमुना भाई बहन आप के)

दुःख संकट काटो मैं हु सताया

शनि देव मुझको बचाना पाप से

(शनि देव मुझको बचाना पाप से

शनि देव मुझको बचाना पाप से)

शनि वार मंदिर में आउ तेरे

गुण गान शनि देव गाउ तेरे

तिल तेल चरणों चड़ाउ तेरे

गुण तेरे गाये सृष्टि सारी

गुण तेरे गाये सृष्टि सारी

(जय जय शनि देव बलकारी

जय जय शनि देव बलकारी

जय जय शनि देव बलकारी)

कर्मो का न्याय करे शनि देवा

ढंड अधिकारी कहाते हैं ये

(ढंड अधिकारी कहाते हैं ये)

जैसा भी जिस ने कर्म किया हो

फल उसको वैसा दिलाते है ये

(फल उसको वैसा दिलाते है ये

फल उसको वैसा दिलाते है ये)

चरणों में आके तुम झुक जाना

भक्ति में कारज ये कर जाना

गुण शनि देव का सब गाना

कलयुग में देवा तुम अवतारी

कलयुग में देवा तुम अवतारी

(जय जय शनि देव बलकारी

जय जय शनि देव बलकारी

जय जय शनि देव बलकारी)

कागा की करते हो सवारी

कागा की करते हो सवारी

जय जय शनि देव बलकारी

(जय जय शनि देव बलकारी)

हो जय शनि देवा बोलो जय शनि देवा

जय शनि देवा बोलो जय शनि देवा

कागा की करते हो असवारी

कागा की करते हो असवारी

(जय जय शनि देव बलकारी

जय जय शनि देव बलकारी

जय जय शनि देव बलकारी)

5. क्षमा करो शनि देव भजन लिरिक्स इन हिंदी

क्षमा करो

क्षमा करो

क्षमा करो

क्षमा करो

मेरी भूल हुई शनि देवा

मेरी भूल हुई शनि देवा

हम आयें तेरे द्वार

हम तेरी करें पुकार

हम आयें तेरे द्वार

हम तेरी करें पुकार

प्रभु तन-मन से तेरी सेवा

मेरी भूल हुई शनि देवा

क्षमा करो

क्षमा करो

जीवन रथ का तू ही सारथि

जन्म जन्म हो तेरी आरती

जीवन रथ का तू ही सारथि

जन्म जन्म हो तेरी आरती

हम आयें तेरे द्वार

हम तेरी करें पुकार

हम आयें तेरे द्वार

हम तेरी करें पुकार

प्रभु तन-मन से तेरी सेवा

मेरी भूल हुई शनि देवा

क्षमा करो

क्षमा करो

अगाध तेरी माया शक्ति

संकट पीड़ा से दो मुक्ति

अगाध तेरी माया शक्ति

संकट पीड़ा से दो मुक्ति

हम आयें तेरे द्वार

हम तेरी करें पुकार

हम आयें तेरे द्वार

हम तेरी करें पुकार

प्रभु तन-मन से तेरी सेवा

मेरी भूल हुई शनि देवा

क्षमा करो

क्षमा करो

अहंकार तो जल गया सारा

तेरे बिना मुझे कोई ना चारा

अहंकार तो जल गया सारा

तेरे बिना मुझे कोई ना चारा

हम आयें तेरे द्वार

हम तेरी करें पुकार

हम आयें तेरे द्वार

हम तेरी करें पुकार

प्रभु तन-मन से तेरी सेवा

मेरी भूल हुई शनि देवा

क्षमा करो

क्षमा करो

क्षमा करो

क्षमा करो

मेरी भूल हुई शनि देवा

मेरी भूल हुई शनि देवा

हम आये तेरे द्वार

हम तेरी करें पुकार

हम आयें तेरे द्वार

हम तेरी करें पुकार

प्रभु तन-मन से तेरी सेवा

मेरी भूल हुई शनि देवा

क्षमा करो

क्षमा करो

क्षमा करो

क्षमा करो

6. कृपा करो हे शनि देव भजन लिरिक्स इन हिंदी

कृपा करो हे शनि देव

कृपा करो हे शनि देव

मझधार में हे नैय्या

मझधार में हे नैय्या

कृपा करो हे शनि देव

कृपा करो हे शनि देव

मझधार में हे नैय्या

मझधार में हे नैय्या

कृपा करो हे शनि देव कृपा करो हे शनि देव

कृपा करो हे शनि देव कृपा करो हे शनि देव

नादानी में अनजाने में हो गई भूली

मन ये पावन हो जाये जो चरण तुम्हरे छो

चरणों में तेरे आये उपकार करो

कृपा करो हे शनि देव

कृपा करो हे शनि देव

तुमसे हे ये हे प्रार्थना प्रभु

बुद्धि में हो सुद्धि सुख में होवै

वृद्धि सराध में तेरे ए उधर करो

कृपा करो हे शनि देव

कृपा करो हे शनि देव

कृपा करो हे शनि देव

कृपा करो हे शनि देव

7. जय जय हे शनि राज देव भजन लिरिक्स इन हिंदी

जय जय हे शनि राज देव तेरी जय जय कार

तू ही मेरी सुख शांति है तू ही मेरा आधार

जय जय हे शनि राज देव तेरी जय जय कार

तू ही मेरी सुख शांति है तू ही मेरा आधार

जय जय हे शनि राज देव तेरी जय जय कार

जय जय हे शनि राज देव तेरी जय जय कार

जय जय हे शनि राज देव तेरी जय जय कार)

जय जय हे शनि राज देव तेरी जय जय कर

जय जय हे शनि राज देव तेरी जय जय कर

जय जय हे शनि राज देव तेरी जय जय कर

नीलवर्ण की छवि तुम्हारी

ग्रहमंडल का तू बलिहारी

नीलवर्ण की छवि तुम्हारी

ग्रहमंडल का तू बलिहारी

तेरे चरण में शरणागत है देवलोक संसार

तू ही मेरी सुख शांति है तू ही मेरा आधार

तू ही मेरी सुख शांति है तू ही मेरा आधार

(जय जय हे शनि राज देव तेरी जय जय कार

जय जय हे शनि राज देव तेरी जय जय कार

जय जय हे शनि राज देव तेरी जय जय कार)

उग्र मंगला माहा प्रतापी

तामस मूर्ति तू माहा कोपि

उग्र मंगला माहा प्रतापी

तामस मूर्ति तू माहा कोपि

तेजोमय तू सूर्य पुत्र है धन्य तेरा अवतार

तू ही मेरी सुख शांति है तू ही मेरा आधार

तू ही मेरी सुख शांति है तू ही मेरा आधार

(जय जय हे शनि राज देव तेरी जय जय कार

जय जय हे शनि राज देव तेरी जय जय कार

जय जय हे शनि राज देव तेरी जय जय कार)

क्रोध तुम्हारा विनाशकारी

दया कृपा हो तारणहारी

क्रोध तुम्हारा विनाशकारी

दया कृपा हो तारणहारी

एक ही याचना एक ही प्रार्थना तू ही करे उद्धार

तू ही मेरी सुख शांति है तू ही मेरा आधार

तू ही मेरी सुख शांति है तू ही मेरा आधार

(जय जय हे शनि राज देव तेरी जय जय कार

जय जय हे शनि राज देव तेरी जय जय कार

जय जय हे शनि राज देव तेरी जय जय कार)

जय जय हे शनि राज देव तेरी जय जय कार

तू ही मेरी सुख शांति है तू ही मेरा आधार

जय जय हे शनि राज देव तेरी जय जय कार

तू ही मेरी सुख शांति है तू ही मेरा आधार

(जय जय हे शनि राज देव तेरी जय जय कार

जय जय हे शनि राज देव तेरी जय जय कार

जय जय हे शनि राज देव तेरी जय जय कार

जय जय हे शनि राज देव तेरी जय जय कार

जय जय हे शनि राज देव तेरी जय जय कार

जय जय हे शनि राज देव तेरी जय जय कार)

Medha Chawla
मेधा चावलाauthor

मेधा चावला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन की लीड हैं। लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वाली मेधा की विशेषज्ञता हेल्थ, वेलनेस, फिटनेस, मेंटल हेल्थ, डेली लाइफ इम्प्रूवमेंट, ह्यूमन-इंटरेस्ट फीचर्स और रिसर्च-बेस्ड स्टोरीज तक फैली है। उनकी लेखन शैली पाठकों को जटिल स्वास्थ्य और जीवनशैली संबंधी विषयों को आसान, समझने योग्य और व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत करती है, जिससे उनका कंटेंट व्यापक पाठक समूह से जुड़ता है। अबतक 30,000 से अधिक कंटेंट पीस लिख चुकी मेधा की कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड सेट कर चुकी हैं।

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